यूपी का विकास बंटवारे से नहीं होगा: सपा सांसद अवधेश प्रसाद का भाजपा और राजभर पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 21 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास राज्य के विभाजन से नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं और आम जनता के सशक्तिकरण से होगा। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तेज होती सियासी बयानबाजी के बीच उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर एक साथ निशाना साधा। सांसद ने दावा किया कि प्रदेश में अखिलेश यादव के प्रति जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
राजभर के बंटवारे के सुझाव पर पलटवार
सुभासपा प्रमुख और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बाँटने का सुझाव दिया था। इस पर अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजभर का 'दिवास्वप्न' करार दिया। उन्होंने कहा कि राजभर के पास प्रदेश के विभाजन का फैसला करने की न स्थिति है और न अधिकार। सांसद ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग राज्य बनने के बाद भी वहाँ विकास के सवाल सुलझे नहीं, जो यह साबित करता है कि भौगोलिक विभाजन विकास की गारंटी नहीं है।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि किसानों का विकास, पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना बंटवारे की चर्चा से कहीं अधिक जरूरी है।
गठबंधन और अखिलेश की 'चाबी' वाला दावा
असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन-संबंधी बयान और इमरान मसूद की टिप्पणियों पर सांसद ने कहा कि 2027 को लेकर फैसला हो चुका है — सत्ता परिवर्तन होगा और उसका नेतृत्व अखिलेश यादव करेंगे। उन्होंने अखिलेश यादव को सत्ता परिवर्तन की 'चाबी' बताया और कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने की क्षमता सिर्फ सपा में है। इमरान मसूद के रुख पर उन्होंने कहा कि उस सवाल का जवाब मसूद से ही माँगा जाना चाहिए।
मायावती और जयंत चौधरी पर प्रतिक्रिया
बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव की प्रस्तावित रथ यात्रा और रथ के रंग पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया था कि वे अपना रुख और रंग बदलते रहते हैं। इस पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि कौन अपनी विचारधारा और रास्ता बदल रहा है, यह जनता भलीभाँति जानती है। उन्होंने अखिलेश यादव की रथ यात्रा को भाजपा की विदाई का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया।
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) नेता जयंत चौधरी के आरोप कि सपा पीडीए के नाम पर समाज में जातीय विभाजन पैदा कर रही है — पर प्रसाद ने कहा कि सपा जोड़ने का काम करती है, जबकि उनके अनुसार भाजपा बाँटने की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयंत चौधरी का यह बयान भाजपा के दबाव या उससे राजनीतिक निकटता का परिणाम है।
रोजगार वादों और सरकारी दावों पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर सप्ताह रोजगार उपलब्ध कराने के बयान पर अवधेश प्रसाद ने केंद्र और राज्य सरकार के पुराने वादों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पहले हर साल दो करोड़ रोजगार देने की बात कही गई थी, लेकिन युवाओं को अपेक्षित संख्या में नौकरियाँ नहीं मिलीं। उन्होंने महिलाओं के खातों में ₹15 लाख आने के पुराने राजनीतिक वादे का भी जिक्र किया और कहा कि चुनाव नजदीक आने पर ही सरकार को रोजगार की 'याद' आती है।
अन्य मुद्दों पर सांसद की राय
धीरेंद्र शास्त्री के भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के बयान पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारत किसी एक व्यक्ति, धर्म या जाति का देश नहीं है और सभी समुदायों को साथ लेकर चलना अनिवार्य है। राहुल गांधी की एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ पर कथित टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि माँ सदा पूज्य होती है — चाहे वह धरती हो या वह महिला जिसने जन्म दिया हो। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की तस्वीरों के साथ अखिलेश यादव को निशाना बनाने वाले पोस्टरों पर सपा सांसद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि भाजपा ही माफिया को संरक्षण देती आई है। 2027 के चुनाव जैसे-जैसे निकट आएँगे, राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत साफ दिख रहे हैं।