21 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी का विकास बंटवारे से नहीं होगा: सपा सांसद अवधेश प्रसाद का भाजपा और राजभर पर हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी का विकास बंटवारे से नहीं होगा: सपा सांसद अवधेश प्रसाद का भाजपा और राजभर पर हमला

सारांश

2027 से पहले यूपी की सियासत गरमाई — सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राजभर के बंटवारे के सुझाव को 'दिवास्वप्न' बताया, अखिलेश यादव को सत्ता परिवर्तन की 'चाबी' कहा और भाजपा के रोजगार वादों पर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 21 सितंबर 2026 को कहा कि यूपी का विकास बंटवारे से नहीं, किसानों और युवाओं के सशक्तिकरण से होगा।
ओम प्रकाश राजभर के यूपी को चार हिस्सों में बाँटने के सुझाव को उन्होंने 'दिवास्वप्न' करार दिया।
अवधेश प्रसाद ने अखिलेश यादव को 2027 में सत्ता परिवर्तन की 'चाबी' बताया।
मायावती की एक्स पोस्ट और जयंत चौधरी के पीडीए संबंधी आरोपों पर सपा ने पलटवार किया।
CM योगी के रोजगार वादों पर सवाल उठाते हुए प्रसाद ने ₹15 लाख और दो करोड़ नौकरियों के पुराने वादों का हवाला दिया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 21 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास राज्य के विभाजन से नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं और आम जनता के सशक्तिकरण से होगा। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तेज होती सियासी बयानबाजी के बीच उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर एक साथ निशाना साधा। सांसद ने दावा किया कि प्रदेश में अखिलेश यादव के प्रति जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

राजभर के बंटवारे के सुझाव पर पलटवार

सुभासपा प्रमुख और मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बाँटने का सुझाव दिया था। इस पर अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजभर का 'दिवास्वप्न' करार दिया। उन्होंने कहा कि राजभर के पास प्रदेश के विभाजन का फैसला करने की न स्थिति है और न अधिकार। सांसद ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग राज्य बनने के बाद भी वहाँ विकास के सवाल सुलझे नहीं, जो यह साबित करता है कि भौगोलिक विभाजन विकास की गारंटी नहीं है।

अवधेश प्रसाद ने कहा कि किसानों का विकास, पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना बंटवारे की चर्चा से कहीं अधिक जरूरी है।

गठबंधन और अखिलेश की 'चाबी' वाला दावा

असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन-संबंधी बयान और इमरान मसूद की टिप्पणियों पर सांसद ने कहा कि 2027 को लेकर फैसला हो चुका है — सत्ता परिवर्तन होगा और उसका नेतृत्व अखिलेश यादव करेंगे। उन्होंने अखिलेश यादव को सत्ता परिवर्तन की 'चाबी' बताया और कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने की क्षमता सिर्फ सपा में है। इमरान मसूद के रुख पर उन्होंने कहा कि उस सवाल का जवाब मसूद से ही माँगा जाना चाहिए।

मायावती और जयंत चौधरी पर प्रतिक्रिया

बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव की प्रस्तावित रथ यात्रा और रथ के रंग पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया था कि वे अपना रुख और रंग बदलते रहते हैं। इस पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि कौन अपनी विचारधारा और रास्ता बदल रहा है, यह जनता भलीभाँति जानती है। उन्होंने अखिलेश यादव की रथ यात्रा को भाजपा की विदाई का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया।

राष्ट्रीय लोक दल (RLD) नेता जयंत चौधरी के आरोप कि सपा पीडीए के नाम पर समाज में जातीय विभाजन पैदा कर रही है — पर प्रसाद ने कहा कि सपा जोड़ने का काम करती है, जबकि उनके अनुसार भाजपा बाँटने की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जयंत चौधरी का यह बयान भाजपा के दबाव या उससे राजनीतिक निकटता का परिणाम है।

रोजगार वादों और सरकारी दावों पर सवाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर सप्ताह रोजगार उपलब्ध कराने के बयान पर अवधेश प्रसाद ने केंद्र और राज्य सरकार के पुराने वादों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पहले हर साल दो करोड़ रोजगार देने की बात कही गई थी, लेकिन युवाओं को अपेक्षित संख्या में नौकरियाँ नहीं मिलीं। उन्होंने महिलाओं के खातों में ₹15 लाख आने के पुराने राजनीतिक वादे का भी जिक्र किया और कहा कि चुनाव नजदीक आने पर ही सरकार को रोजगार की 'याद' आती है।

अन्य मुद्दों पर सांसद की राय

धीरेंद्र शास्त्री के भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के बयान पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारत किसी एक व्यक्ति, धर्म या जाति का देश नहीं है और सभी समुदायों को साथ लेकर चलना अनिवार्य है। राहुल गांधी की एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ पर कथित टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि माँ सदा पूज्य होती है — चाहे वह धरती हो या वह महिला जिसने जन्म दिया हो। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की तस्वीरों के साथ अखिलेश यादव को निशाना बनाने वाले पोस्टरों पर सपा सांसद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि भाजपा ही माफिया को संरक्षण देती आई है। 2027 के चुनाव जैसे-जैसे निकट आएँगे, राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत साफ दिख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सपा के पास विकास का वैकल्पिक ब्लूप्रिंट कितना ठोस है। 'किसानों और युवाओं के विकास' की बात हर दल करता है — फर्क तब पड़ता है जब संख्याएँ और नीतियाँ सामने रखी जाएँ। राजभर के बंटवारे वाले बयान को 'दिवास्वप्न' कहना आसान है, परंतु यूपी में रोजगार संकट एक ठोस हकीकत है जिस पर विपक्ष भी अभी तक विस्तृत रोडमैप नहीं दे पाया है। मायावती और जयंत चौधरी पर हमले यह संकेत देते हैं कि सपा गैर-भाजपा वोट को एकजुट करने की बजाय प्रतिस्पर्धी विपक्ष को भी कमजोर करने की राजनीति में उतर रही है — जो 2022 की पुनरावृत्ति का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने यूपी के बंटवारे पर क्या कहा?
अवधेश प्रसाद ने ओम प्रकाश राजभर के उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बाँटने के सुझाव को 'दिवास्वप्न' बताया और कहा कि राजभर के पास इस फैसले का न अधिकार है, न स्थिति। उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि विभाजन से विकास की गारंटी नहीं मिलती।
अवधेश प्रसाद ने 2027 यूपी चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
सपा सांसद ने दावा किया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सत्ता परिवर्तन होगा और उन्हें 'चाबी' बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने की क्षमता केवल समाजवादी पार्टी में है।
मायावती के एक्स पोस्ट पर सपा की क्या प्रतिक्रिया रही?
बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव पर रंग और रुख बदलने का आरोप लगाया था। इस पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि विचारधारा और रास्ता कौन बदल रहा है, यह जनता जानती है; और अखिलेश की रथ यात्रा को भाजपा की विदाई का रास्ता साफ करने वाली बताया।
CM योगी के रोजगार वादों पर सपा सांसद ने क्या कहा?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि पहले भी हर साल दो करोड़ रोजगार देने और महिलाओं के खातों में ₹15 लाख भेजने के वादे किए गए, जो पूरे नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को चुनाव नजदीक आने पर ही रोजगार की याद आती है।
जयंत चौधरी के पीडीए संबंधी आरोपों पर सपा का क्या रुख रहा?
जयंत चौधरी ने आरोप लगाया था कि सपा पीडीए के नाम पर जातीय विभाजन पैदा कर रही है। अवधेश प्रसाद ने इसे खारिज करते हुए कहा कि सपा जोड़ने का काम करती है और जयंत का यह बयान भाजपा के दबाव या राजनीतिक निकटता का नतीजा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले