ट्रंप ने रूसी ईंधन प्रतिबंध कानून पर उठाए सवाल, नीति बदलाव का कोई ऐलान नहीं
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 नवंबर 2026 को वाशिंगटन में रूसी पेट्रोलियम के आयात पर प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिकी कानून को लेकर सवाल उठाए और कहा कि वह इसे देखेंगे। हालाँकि, रूसी डीजल लेनदेन पर अपने प्रशासन की मंजूरी को लेकर जारी विवाद के बीच उन्होंने किसी नीतिगत बदलाव की घोषणा नहीं की।
ओवल ऑफिस में क्या हुआ
एक संवाददाता ने ट्रंप को बताया कि अटलांटिक महासागर के रास्ते अमेरिका की ओर आ रहे एक टैंकर में रूसी डीजल लदा है और इसे उतारने पर कानूनी प्रतिबंध है। इस पर ट्रंप ने पहले पूछा कि क्या यह जोन्स एक्ट के तहत आता है। संवाददाता ने स्पष्ट किया कि सवाल 2022 में बनाए गए कानून से जुड़ा है।
ट्रंप ने कहा, 'शायद यही इसे काफी खराब कानून बनाता है। मैं इसे ज़रूर देखूंगा।' उनके जवाब में कोई समय-सीमा, प्रस्तावित संशोधन या यह स्पष्टीकरण नहीं था कि प्रशासन अपनी डीजल मंजूरी को इस कानूनी आयात प्रतिबंध के साथ कैसे संगत करेगा।
ट्रेजरी लाइसेंस और कानूनी विरोधाभास
गौरतलब है कि ट्रंप की इस टिप्पणी से करीब एक महीने पहले ही 9 अक्टूबर को विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने जनरल लाइसेंस 135 जारी किया था। यह लाइसेंस रूस से जुड़े प्रतिबंध नियमों के तहत अन्यथा प्रतिबंधित उन लेनदेनों को अधिकृत करता है, जो रूसी मूल के डीजल की बिक्री, डिलीवरी, उतराई या आयात से संबंधित हों — और इसमें अमेरिका में आयात को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। यह मंजूरी 7 अप्रैल 2027 तक लागू रहेगी।
हालाँकि यह लाइसेंस केवल डीजल तक सीमित है और रूस के केंद्रीय बैंक, राष्ट्रीय संपत्ति कोष या वित्त मंत्रालय से जुड़े अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के खातों पर लागू नहीं होता। यह सभी रूसी पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार को फिर से खोलने की घोषणा नहीं है।
इसके विपरीत, 8 अप्रैल 2022 को हस्ताक्षरित कानून अमेरिकी टैरिफ अनुसूची के अध्याय 27 के तहत वर्गीकृत रूसी उत्पादों के आयात पर अलग से प्रतिबंध लगाता है। ट्रेजरी लाइसेंस में इस कानूनी प्रक्रिया के पूरा होने का कोई दस्तावेज़ नहीं है।
प्रतिबंध हटाने की कानूनी प्रक्रिया
कानून के अनुसार इस प्रतिबंध को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति को कांग्रेस की समितियों से पूर्व परामर्श करना होगा और तीन शर्तें प्रमाणित करनी होंगी: यूक्रेन द्वारा स्वीकृत रूसी वापसी और शत्रुता समाप्ति समझौता; नाटो सदस्यों के लिए तत्काल रूसी सैन्य खतरे की अनुपस्थिति; और यूक्रेनियों के अपनी सरकार चुनने के अधिकार की मान्यता।
प्रमाणन के बाद भी 90 दिनों की अवधि दी जाती है, जिसके बाद समाप्ति प्रभावी होती है — जब तक कांग्रेस अस्वीकृति का प्रस्ताव पारित न कर दे। ट्रंप की ताज़ा टिप्पणी इनमें से किसी भी शर्त को पूरा करने का संकेत नहीं देती।
न्यू जर्सी गवर्नर की चुनौती
ट्रंप की टिप्पणी से तीन दिन पहले, 2 नवंबर को न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने बंदरगाह और टर्मिनल संचालकों को पत्र लिखकर इस मंजूरी को चुनौती दी। उन्होंने लिखा, 'रूसी ईंधन आयात के लिए ट्रंप प्रशासन की मंजूरी सीधे संघीय कानून के खिलाफ है।'
शेरिल ने तर्क दिया कि कानून ने कार्यपालिका को लाइसेंस के ज़रिये प्रतिबंध माफ करने का व्यापक अधिकार नहीं दिया है। उन्होंने व्यवसायों को ऐसा ईंधन स्वीकार करने के विरुद्ध चेतावनी दी और कहा कि न्यू जर्सी ऐसे आयातों का विरोध करने के लिए उपलब्ध कानूनी व नियामक शक्तियों का उपयोग करेगा।
आगे क्या होगा
फिलहाल ट्रंप प्रशासन और कांग्रेस के बीच इस कानूनी खाई को पाटने की कोई स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों पर वैश्विक बहस जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ट्रंप प्रशासन कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं करता, टैंकर की उतराई को लेकर कानूनी अनिश्चितता बनी रहेगी।