ट्रंप ने 'लिंडसे ग्राहम एक्ट 2026' पर हस्ताक्षर किए, रूसी तेल खरीदारों पर 100% टैरिफ का प्रावधान
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर 2026 को वाशिंगटन में 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत रूस पर प्रतिबंधों का दायरा व्यापक रूप से बढ़ाया गया है और रूसी तेल व गैस के शीर्ष खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है। इसके साथ ही ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाने के अधिकार को पाँच वर्षों के लिए विस्तारित कर दिया गया है।
कानून में क्या है
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कानून राष्ट्रपति को रूस पर नए प्रतिबंध और टैरिफ लगाने तथा उन्हें बढ़ाने का वैधानिक अधिकार देता है। अलबामा की रिपब्लिकन सीनेटर केटी ब्रिट के बयान के अनुसार, यह कानून राष्ट्रपति को निर्देश देता है कि वे रूसी कच्चे तेल या गैस के पाँच सबसे बड़े आयातकों पर — अथवा रूसी तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पाँच देशों पर — 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाएँ।
उल्लेखनीय है कि हस्ताक्षर की घोषणा में और न ही कानून निर्माताओं के बयानों में उन देशों के नाम स्पष्ट किए गए जिन पर ये टैरिफ लागू होंगे, और न ही किसी विशेष देश के लिए टैरिफ दर की घोषणा की गई।
छूट का प्रावधान
ब्रिट के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि इस कानून में उन देशों के लिए एक महत्वपूर्ण छूट का प्रावधान है जो रूस से इतनी प्राकृतिक गैस आयात करते हैं जो रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात के 15 प्रतिशत से भी कम हो — बशर्ते वे इस आयात को कम करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हों। यह प्रावधान उन देशों को राहत दे सकता है जो रूसी ऊर्जा पर पूरी तरह निर्भर नहीं हैं।
प्रतिबंधों का विस्तृत दायरा
यह कानून केवल ऊर्जा खरीद तक सीमित नहीं है। सीनेटर ब्रिट के बयान के अनुसार, इसके निशाने पर रूसी अधिकारी, धनाढ्य कारोबारी (ओलिगार्क), उनके परिवार के सदस्य, विदेशी व्यक्ति, रूसी बैंक और वित्तीय संस्थान, तथा रूस का 'शैडो फ्लीट' (गुप्त रूप से संचालित जहाजों का बेड़ा) शामिल हैं। कानून में रूस-यूक्रेन युद्ध का समर्थन करने वालों के खिलाफ प्राइमरी और सेकेंडरी — दोनों प्रकार के प्रतिबंधों का प्रावधान है।
ओवल ऑफिस में हस्ताक्षर समारोह
हस्ताक्षर के समय ओवल ऑफिस में ट्रंप के साथ सीनेटर ब्रिट और टेक्सास के रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइकल मैककॉल भी उपस्थित थे। ब्रिट ने कहा, "आज इस बिल पर दस्तखत करके राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और उन सभी देशों को एक साफ संदेश दिया है, जो रूस की युद्ध मशीन को फंड देते हैं कि यूक्रेन के खिलाफ उनके आक्रामक कदमों का विरोध करने में अमेरिका एकजुट है।"
ब्रिट ने इस विधेयक को पारित कराने का श्रेय कांग्रेस के दोनों सदनों और व्हाइट हाउस के सहयोगियों को दिया, और सीनेटर लिंडसे ग्राहम के योगदान की विशेष सराहना की।
विशेषज्ञ और कानून निर्माताओं की प्रतिक्रिया
इडाहो के रिपब्लिकन प्रतिनिधि माइक सिम्पसन ने अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंधों को युद्ध समाप्त करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, "हम सब इस बात से सहमत हो सकते हैं कि यह युद्ध बहुत लंबे समय से चल रहा है और हमें रूस को जीत का दावा करने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।"
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष लंबे समय से जारी है और अमेरिकी प्रशासन पर यूक्रेन के प्रति अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ रहा है। अब यह देखा जाएगा कि टैरिफ का वास्तविक क्रियान्वयन किस देश के खिलाफ और किस दर पर किया जाता है।