यूक्रेन युद्ध: न्यूजीलैंड ने 33 रूस समर्थकों पर प्रतिबंध लगाए, अमेरिकी सीनेट का बड़ा रूस-ईरान प्रतिबंध बिल पास
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड ने 8 अगस्त 2026 को यूक्रेन संघर्ष में रूस का समर्थन करने वाले 33 व्यक्तियों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लागू किए। विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स द्वारा घोषित इस प्रतिबंध पैकेज के साथ, न्यूजीलैंड ने यूक्रेन के साथ एकजुटता में अपनी कार्रवाई को और कड़ा कर दिया है।
न्यूजीलैंड के प्रतिबंधों का दायरा
न्यूजीलैंड ने मार्च 2022 में रूस प्रतिबंध अधिनियम (Russia Sanctions Act) लागू किया था। तब से अब तक 36 दौर के प्रतिबंधों में 2,000 से अधिक व्यक्तियों, कंपनियों और जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है। ताज़ा कार्रवाई उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देश सामूहिक रूप से रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहे हैं और प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने के लिए नए तंत्र विकसित कर रहे हैं।
अमेरिकी सीनेट का ऐतिहासिक प्रतिबंध विधेयक
एक अलग घटनाक्रम में, अमेरिकी सीनेट ने 86-11 मतों से 'लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' पास किया। यह विधेयक अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जाएगा, जहाँ वरिष्ठ डेमोक्रेट्स ने इसके टैरिफ प्रावधानों पर आपत्ति जताई है।
इस कानून का नाम रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 11 जुलाई को अपनी अचानक मृत्यु से पूर्व व्हाइट हाउस के साथ इस पर सहमति बनाई थी। उनके निधन के बाद सीनेटरों ने इस विधेयक पर काम की गति तेज़ कर दी।
भारत और अन्य देशों पर संभावित असर
इस विधेयक में भारत का नाम सीधे नहीं लिया गया है, लेकिन इसकी संरचना ऐसी है कि रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदार देश स्वतः इसके दायरे में आ सकते हैं। कानून के तहत सरकार को व्यापारिक डेटा के आधार पर देशों की पहचान करनी होगी। इसमें तीन श्रेणियाँ शामिल हैं — रूसी कच्चे तेल के पाँच सबसे बड़े आयातक, रूसी प्राकृतिक गैस के पाँच सबसे बड़े आयातक, और रूसी तेल प्रतिबंधों को दरकिनार करने में सहायक पाँच प्रमुख देश।
इन देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। यह निर्धारण सबसे हालिया 12 महीनों के आँकड़ों के आधार पर होगा और हर 180 दिन में इसकी समीक्षा की जाएगी।
विधेयक के अन्य प्रमुख प्रावधान
यह कानून रूसी अधिकारियों, धनाढ्य व्यक्तियों, उनके परिवार के सदस्यों, बैंकों और वित्तीय संस्थाओं पर प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंध लगाएगा। इसके अलावा, यूक्रेन में रूसी अभियान का समर्थन करने वाले विदेशी नागरिकों और रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' — जो प्रतिबंधों से बचने के लिए तेल परिवहन में उपयोग किए जाते हैं — को भी निशाना बनाया जाएगा।
साथ ही यह विधेयक 1996 के ईरान प्रतिबंध अधिनियम को 2031 तक बढ़ा देगा, जो ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को दंडित करता है।
आगे क्या होगा
विधेयक अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में विचाराधीन है, जहाँ टैरिफ प्रावधानों पर द्विदलीय बहस होने की संभावना है। यदि यह कानून बनता है, तो रूसी ऊर्जा पर निर्भर देशों को अपनी आपूर्ति श्रृंखला पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।