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क्या अमेरिकी टैरिफ को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने वाले प्रस्तावित बिल पर वित्त मंत्रालय का बयान है?

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क्या अमेरिकी टैरिफ को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने वाले प्रस्तावित बिल पर वित्त मंत्रालय का बयान है?

सारांश

भारत ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 500 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने के बिल पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर पूरी सावधानी से काम कर रहा है। जानिए इस बिल का भारत पर क्या असर हो सकता है और हमारी ऊर्जा नीति की दिशा क्या है।

मुख्य बातें

भारत ने अमेरिकी टैरिफ बिल पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता प्राथमिकता में हैं।
अमेरिकी विधेयक का भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
भारत किसी भी क्षेत्र से तेल खरीदने के लिए व्यापक दृष्टिकोण रखता है।
1.4 अरब जनसंख्या को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि वह रूस से तेल जैसे ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर टैरिफ को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने वाले प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक से परिचित है और इस मामले पर 'पूरी सावधानी' से काम कर रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि स्थिर ऊर्जा कीमतें और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना देश की ऊर्जा नीति के दो प्रमुख लक्ष्यों में से हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका के 'रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला अधिनियम 2025' से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

जायसवाल ने कहा, "जिस प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक की आप चर्चा कर रहे हैं, हम उसके प्रति पूरी तरह से जागरूक हैं। हमने इस पर गहन ध्यान दिया है।"

उन्होंने कहा, "ऊर्जा स्रोतों के संबंध में, हमारी स्थिति स्पष्ट है। भारत किसी भी क्षेत्र से तेल खरीदने में व्यापक दृष्टिकोण अपनाता है।"

उन्होंने यह भी कहा, "हमारी नीति दो आवश्यकताओं पर आधारित है - एक तो वैश्विक परिस्थितियाँ और दूसरी, 1.4 अरब जनसंख्या को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की आवश्यकता।"

हाल ही में भारत ने यह स्पष्ट किया है कि अस्थिर वैश्विक ऊर्जा बाजार के बीच, देश की आयात नीति पूरी तरह से भारतीय उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

विदेश मंत्रालय के एक पूर्व बयान में कहा गया था, "भारत तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण आयातक है। अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हमारी आयात नीतियाँ इसी दिशा में काम करती हैं। स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति हमारी ऊर्जा नीति के मुख्य उद्देश्य हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक सतर्क कदम है। हमें यह समझना होगा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच, भारतीय उपभोक्ताओं के हित सर्वोपरि हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी बिल का भारत पर क्या असर होगा?
भारत की ऊर्जा नीति में स्थिरता और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना प्राथमिकता है। अमेरिकी बिल का असर संभवतः ऊर्जा कीमतों में वृद्धि कर सकता है।
भारत का ऊर्जा आयात नीति क्या है?
भारत की ऊर्जा आयात नीति, वैश्विक परिस्थितियों और जनसंख्या की जरूरतों के आधार पर बनाई गई है, जिसमें सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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