72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: राष्ट्रपति मुर्मु ने 'अनुच्छेद 370', 'चंदू चैंपियन' सहित 5 फिल्मों की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 सितंबर 2026 को एकता नगर, गुजरात में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अनुच्छेद 370, चंदू चैंपियन, भक्षक, स्वातंत्र्य वीर सावरकर और संथाली फिल्म 'आंगेन' सहित पाँच पुरस्कार विजेता फिल्मों के विषय-वस्तु और अभिनय की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। यह समारोह उन फिल्मों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया, जिन्हें 2024 में प्रमाणित फिल्मों की श्रेणी में श्रेष्ठ माना गया।
सर्वश्रेष्ठ फिल्म: 'अनुच्छेद 370' को 'राष्ट्रवाद का जीवंत अध्याय' बताया
राष्ट्रपति मुर्मु ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार जीतने वाली फिल्म 'अनुच्छेद 370' को 'राष्ट्रवाद का एक विशेष अध्याय' उजागर करने वाली फिल्म बताया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म देश की एकता से जुड़ी गंभीर चुनौतियों और उनके समाधानों का 'जीवंत चित्रण' प्रस्तुत करती है। फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते हुए उन्होंने इस प्रस्तुति को सार्थक सिनेमा का उदाहरण बताया।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार पाने वाली यामी गौतम की राष्ट्रपति ने अलग से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गौतम ने अपने अभिनय से फिल्म की भावनात्मक गहराई को प्रभावशाली ढंग से उभारा।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: ममूटी और कार्तिक आर्यन को साझा सम्मान
राष्ट्रपति मुर्मु ने ममूटी और कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार साझा करने पर बधाई दी। ममूटी को मलयालम फिल्म 'ब्रह्मयुगम' में उनके असाधारण अभिनय के लिए सम्मानित किया गया, जबकि कार्तिक आर्यन को 'चंदू चैंपियन' के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। मुर्मु ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस वर्ष उन्हें ममूटी को पद्म भूषण से सम्मानित करने का अवसर भी मिला था।
चंदू चैंपियन: मुरलीकांत पेटकर की प्रेरणादायक जीवनगाथा
'चंदू चैंपियन' की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने भारतीय सैनिक और पैरालिंपिक एथलीट मुरलीकांत पेटकर के जीवन का उल्लेख किया, जो इस फिल्म की प्रेरणा हैं। मुर्मु ने बताया कि पेटकर 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में घायल हो गए थे, फिर भी दृढ़ इच्छाशक्ति से 1972 के पैरालिंपिक खेलों में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने। उन्होंने स्मरण दिलाया कि पेटकर को 2018 में पद्म श्री से नवाज़ा गया था और कार्तिक आर्यन को इस ऐतिहासिक किरदार को जीवंत करने के लिए विशेष रूप से सराहा।
भक्षक और स्वातंत्र्य वीर सावरकर: सामाजिक सरोकार और ऐतिहासिक श्रद्धांजलि
फिल्म 'भक्षक' पर राष्ट्रपति ने कहा कि इस फिल्म ने महिलाओं की सुरक्षा के बेहद गंभीर मुद्दे की ओर समाज का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति समाज को कृतज्ञ रहना चाहिए और फिल्म की टीम को संवेदनशील चित्रण के लिए बधाई दी।
फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' का उल्लेख करते हुए मुर्मु ने कहा कि यह फिल्म सावरकर की जीवन कहानी को एक कलात्मक श्रद्धांजलि है। इस फिल्म के लिए रणदीप हुड्डा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक की पहली फिल्म का पुरस्कार प्रदान किया गया।
संथाली फिल्म 'आंगेन': सांस्कृतिक विविधता को मान्यता
राष्ट्रपति ने रवि राज मुर्मु द्वारा निर्देशित संथाली फिल्म 'आंगेन' को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल एक उत्कृष्ट फिल्म को प्रोत्साहित करता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समावेश की भावना को भी पुष्ट करता है। गौरतलब है कि 'आंगेन' की पहचान आदिवासी और क्षेत्रीय सिनेमा को राष्ट्रीय पुरस्कारों के माध्यम से मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आगे भारतीय सिनेमा के इस विविधतापूर्ण सफर में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की भूमिका और भी व्यापक होने की उम्मीद है।