72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स: कार्तिक आर्यन और यामी गौतम को मिला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता-अभिनेत्री पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवड़िया में आयोजित 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में कार्तिक आर्यन को फिल्म 'चंदू चैंपियन' के लिए बेस्ट एक्टर और यामी गौतम को फिल्म 'आर्टिकल 370' के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निकट एकता नगर में आयोजित यह समारोह कई कारणों से ऐतिहासिक रहा — न केवल पुरस्कारों के लिहाज़ से, बल्कि दिल्ली से बाहर इसके आयोजन की अनूठी पहल के चलते भी।
विजेताओं की प्रतिक्रिया
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात करते हुए यामी गौतम ने कहा, 'मैं अभी भी इस पल को महसूस करने की कोशिश कर रही हूं। किसी भी कलाकार के लिए, जिसने अपनी पूरी ज़िंदगी काम की है, यह बहुत गर्व और सम्मान की बात है।' उन्होंने उन तमाम लोगों को याद किया जो सपने लेकर शहर आते हैं और जिन्हें नहीं पता होता कि आगे क्या होगा।
कार्तिक आर्यन ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, 'मेरे पास शब्द नहीं हैं कि मैं इस शानदार आयोजन के लिए क्या कहूं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का तहे दिल से आभार।' यह उनके करियर का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है, और उन्होंने पुरस्कार को 'बेहद खास पल' करार दिया।
अन्य उल्लेखनीय विजेता
फिल्म 'मैदान' के लिए बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड जीतने वाले गीतकार मनोज मुंतशिर ने इस अवसर पर कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमि पर यह सम्मान पाना उनके लिए दोहरी खुशी और गर्व की बात है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे कम-से-कम एक बार केवड़िया अवश्य जाएं।
गुजराती फिल्म 'मारन' के लिए बेस्ट गुजराती फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले निर्देशक अभिषेक जैन ने कहा कि एकता नगर में, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की उपस्थिति में गुजराती सिनेमा को यह सम्मान मिलना पूरे देश के लिए एकता का प्रतीक है।
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का पुरस्कार पाने वाले तापोमय देब ने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों यह पुरस्कार पाना उनका सपना था जो आज सच हुआ। रिद्धिमान बनर्जी ने भी बेस्ट चाइल्ड एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता और उन्होंने अपनी खुशी और गर्व व्यक्त किया।
आयोजन की ऐतिहासिक विशेषता
प्रसार भारती के चेयरपर्सन प्रसून जोशी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समारोह का आयोजन दिल्ली से बाहर, देश की एकता के प्रतीक स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास करना एक शानदार कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी यह समारोह देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होगा।
गौरतलब है कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स परंपरागत रूप से नई दिल्ली में आयोजित होते रहे हैं। केवड़िया में इस समारोह का आयोजन पहली बार हुआ — यह भारतीय सिनेमा जगत के लिए एक नई और प्रतीकात्मक शुरुआत है।
भारतीय सिनेमा का जश्न
निर्देशक अभिषेक जैन ने यह भी रेखांकित किया कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स केवल बॉलीवुड का नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा का उत्सव है। इस समारोह में क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों का सम्मान इसी व्यापक दृष्टि को दर्शाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में इस समारोह की भौगोलिक विविधता बनी रहेगी या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।