72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: ममूटी को 'ब्रह्मयुगम' के लिए बेस्ट एक्टर, कार्तिक आर्यन के साथ साझा सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
मलयालम सिनेमा के महानायक ममूटी को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 'ब्रह्मयुगम' में उनके यादगार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवडिया में आयोजित इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया, जिसके बाद दर्शक दीर्घा में उपस्थित लोग खड़े होकर तालियाँ बजाने लगे। यह पुरस्कार उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ साझा किया, जिन्हें स्पोर्ट्स बायोपिक 'चंदू चैंपियन' के लिए इसी श्रेणी में सम्मानित किया गया।
समारोह और स्टैंडिंग ओवेशन
केवडिया, गुजरात में आयोजित इस आधिकारिक समारोह में जब राष्ट्रीय पुरस्कार के प्रोटोकॉल के तहत ममूटी को मंच पर बुलाया गया, तो वहाँ मौजूद फिल्म जगत की हस्तियों और दर्शकों ने उनके भारतीय सिनेमा में अतुलनीय योगदान को सलाम करते हुए खड़े होकर तालियाँ बजाईं। यह दृश्य भारतीय सिनेमा के एक सच्चे दिग्गज के प्रति सम्मान का जीवंत प्रमाण था।
'ब्रह्मयुगम': फिल्म जिसने दिलाया यह सम्मान
'ब्रह्मयुगम' निर्देशक राहुल सदाशिवन की एक पीरियड हॉरर फिल्म है, जो पूरी तरह ब्लैक एंड व्हाइट में शूट की गई है। यह फिल्म 17वीं सदी के केरल की पृष्ठभूमि पर आधारित है और थेवन नामक एक युवा लोक गायक की कहानी कहती है, जो एक सुनसान हवेली में पनाह लेता है और स्वयं को एक रहस्यमयी दुनिया में फँसा पाता है। फिल्म में अर्जुन अशोकन और सिद्धार्थ भरतन भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
यह फिल्म केरल की समृद्ध लोककथाओं और पौराणिक परंपराओं के साथ-साथ सत्ता, जाति और शोषण जैसे सामाजिक विषयों को एक भयावह माहौल में पिरोती है। आलोचकों ने ममूटी के अभिनय को 'करियर-डिफाइनिंग' बताया।
ममूटी: ४५ साल का स्वर्णिम करियर
ममूटी भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित कलाकारों में से एक हैं। फिल्म 'अनुभवंगल पालिचाकल' से स्क्रीन पर कदम रखने के बाद उन्होंने 1980 के दशक में खुद को मलयालम सिनेमा के शीर्ष अभिनेता के रूप में स्थापित किया। उनका फिल्मी सफर 45 वर्षों से अधिक लंबा है।
उन्होंने अब तक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, सात केरल राज्य फिल्म पुरस्कार और 13 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ अपने नाम किए हैं। उन्होंने मलयालम के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों में भी अभिनय किया है। 2026 में भारत सरकार ने उन्हें कला के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान के लिए पद्म भूषण से भी अलंकृत किया।
कार्तिक आर्यन के साथ साझा पुरस्कार
इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दो कलाकारों के बीच साझा रहा। कार्तिक आर्यन को स्पोर्ट्स बायोपिक 'चंदू चैंपियन' में उनके दमदार अभिनय के लिए यह सम्मान मिला। यह बॉलीवुड के लिहाज़ से भी एक उल्लेखनीय पल रहा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय पुरस्कार में पुरस्कार साझा होना असामान्य नहीं है, लेकिन एक मलयालम और एक हिंदी अभिनेता का एक साथ सम्मानित होना भारतीय सिनेमा की विविधता को रेखांकित करता है।
भारतीय सिनेमा पर असर
यह पुरस्कार ऐसे समय में आया है जब मलयालम सिनेमा लगातार कथा-शिल्प और तकनीकी नवाचार में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। 'ब्रह्मयुगम' जैसी फिल्म का राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलना क्षेत्रीय भाषाओं के सिनेमा की बढ़ती पहुँच और स्वीकार्यता का प्रमाण है। आने वाले समय में इस पुरस्कार से मलयालम फिल्मों के प्रति दर्शकों की रुचि और बढ़ने की संभावना है।