हैदराबाद में भारी बारिश: सड़कें जलमग्न, CM रेवंत रेड्डी ने तीनों निगम आयुक्तों को अलर्ट पर रखा
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में 22 सितंबर 2026 को मंगलवार की शाम भारी बारिश ने कहर बरपाया, जिससे कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और पीक आवर्स में यातायात ठप हो गया। बंगाल की खाड़ी में आए साइक्लोनिक तूफान के प्रभाव से हुई इस बारिश के बाद मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सरकारी मशीनरी को पूरी तरह अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए।
मुख्य घटनाक्रम
शेखपेट फ्लाईओवर पर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के ओवरफ्लो होने से भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। HITEC सिटी और गाचीबोवली से घर लौट रहे आईटी पेशेवर जाम में घंटों फंसे रहे — जो इस इलाके के लिए मानसून में एक परिचित लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है।
हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (हाइड्रा) 3.3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज होते ही अलर्ट मोड में आ गई। हाइड्रा के अनुसार, उसके कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और बाढ़ प्रभावित नालों एवं पुलियों से गाद की सफाई के चलते कई संवेदनशील इलाकों में जलभराव को रोका जा सका।
हाइड्रा की प्रतिक्रिया
हाइड्रा कमिश्नर एवी रंगनाथ स्वयं मौके पर उपस्थित थे और सिकंदराबाद क्लॉक टावर ब्रिज के नीचे जमे पानी को मोटरों के ज़रिए निकलवाने की प्रक्रिया की निगरानी की। हाइड्रा के कंट्रोल रूम को 9 स्थानों पर पेड़ गिरने और 4 स्थानों पर जलभराव की शिकायतें मिलीं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की गई।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ग्रेटर हैदराबाद के तीनों म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के आयुक्तों, हाइड्रा और पुलिस कमिश्नर को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए स्थिति पर निरंतर नज़र रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव वाले इलाकों में तुरंत आवश्यक कर्मचारी और मशीनरी तैनात की जाए।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि बिजली कटौती न हो, जबकि ट्रैफिक पुलिस विंग को जाम रोकने के लिए पूर्व-निवारक कदम उठाने का आदेश दिया गया। निचले इलाकों और बाढ़ की आशंका वाली कॉलोनियों पर विशेष ध्यान देने का सुझाव भी दिया गया।
आम जनता पर असर
नालों और स्टॉर्म-वॉटर चैनलों में रुकावटें दूर करने के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। सिविक अधिकारियों को मुख्य सड़कों, चौराहों और आवासीय कॉलोनियों में जलभराव रोकने के लिए तत्काल उपाय करने का आदेश दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब हर साल मानसून में हैदराबाद के निचले इलाके गंभीर जलभराव का सामना करते हैं, और नागरिक बुनियादी ढाँचे की तैयारी पर सवाल उठते रहे हैं।
क्या होगा आगे
आपातकालीन स्थिति में बचाव दल तत्काल प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है और कंट्रोल रूम सतर्क मोड में हैं। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि अधिकारियों को ज़मीनी स्तर पर मौजूद रहना होगा ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सिस्टम के सक्रिय रहने के चलते आने वाले दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।