31 जुलाई 2026
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तेलंगाना में 19 जून से भारी बारिश का अलर्ट, एक सप्ताह तक तेज मानसून की चेतावनी

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तेलंगाना में 19 जून से भारी बारिश का अलर्ट, एक सप्ताह तक तेज मानसून की चेतावनी

सारांश

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद तेलंगाना सरकार ने राज्यभर में हाई अलर्ट घोषित किया है। 19 जून से एक सप्ताह तक भारी वर्षा की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून हैदराबाद तक पहुँच चुका है, जबकि अब तक की वर्षा सामान्य से 10% कम है।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने 15 जून 2025 को पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया।
मौसम विभाग के अनुसार 19 जून से लगभग एक सप्ताह तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून को जोगुलाम्बा गडवाल से प्रवेश कर हैदराबाद व भद्राद्री कोठागुडेम तक पहुँचा।
1 जून से अब तक 49.2 मिमी वर्षा — सामान्य 54.9 मिमी से 10% कम।
मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने जिला कलेक्टरों को पूर्व-तैयारी और समन्वय के निर्देश दिए।

तेलंगाना सरकार ने 15 जून 2025 को पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है, क्योंकि मौसम विभाग ने 19 जून से लगभग एक सप्ताह तक राज्यभर में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने राज्य स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक के सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

मानसून की स्थिति और पूर्वानुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से उत्तर की ओर बढ़ रहा है और अगले तीन से चार दिनों में पूरे तेलंगाना को आच्छादित कर सकता है। 19 जून से वर्षा की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जो करीब एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून को जोगुलाम्बा गडवाल जिले से दक्षिणी तेलंगाना में प्रवेश कर चुका था और अब इसकी उत्तरी सीमा हैदराबाद तथा भद्राद्री कोठागुडेम जिलों तक पहुँच चुकी है।

14 जून तक दक्षिणी तेलंगाना के सभी जिलों और मध्य तेलंगाना के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। राज्य में 1 जून से अब तक 49.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 54.9 मिमी की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम है।

सरकार की तैयारी और निर्देश

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में सभी जिलों के प्रशासन को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहले से पहचान कर सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा के बाद राहत कार्य करने की तुलना में पूर्व-तैयारी से नुकसान रोकना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

अधिकारियों को जिला कलेक्टरों और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने, मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नज़र रखने और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में समय रहते सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।

आम जनता पर असर

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य के कई हिस्सों में मानसून पहले से सक्रिय है। भारी वर्षा की स्थिति में निचले इलाकों, नदी-नालों के किनारे बसे गाँवों और शहरी जलभराव क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है। सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

क्या होगा आगे

मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मानसून के दौरान सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ काम करना होगा। 19 जून के बाद की स्थिति पर राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र की कड़ी नज़र रहेगी और ज़रूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दल तत्काल तैनात किए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि पिछले वर्षों में भी हाई अलर्ट के बावजूद राज्य के निचले इलाकों में जलभराव और जनहानि की घटनाएँ दर्ज होती रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सामान्य से 10% पीछे है, जो यह संकेत देता है कि आने वाले सप्ताह में तीव्र वर्षा की भरपाई एकसाथ हो सकती है — एक परिदृश्य जो अचानक बाढ़ के जोखिम को बढ़ाता है। राज्य स्तर से गाँव स्तर तक तंत्र को सतर्क करने की बात कही गई है, परंतु ग्रामीण स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता और संचार की वास्तविक स्थिति पर सरकार को पारदर्शिता दिखानी होगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में 19 जून से कैसी बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 19 जून से तेलंगाना में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जो लगभग एक सप्ताह तक जारी रह सकती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले तीन-चार दिनों में पूरे राज्य को आच्छादित करने का अनुमान है।
तेलंगाना में मानसून अभी कहाँ तक पहुँचा है?
दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून को जोगुलाम्बा गडवाल जिले से दक्षिणी तेलंगाना में प्रवेश कर चुका है। 14 जून तक इसकी उत्तरी सीमा हैदराबाद और भद्राद्री कोठागुडेम जिलों तक पहुँच गई है और दक्षिणी व मध्य तेलंगाना के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय है।
तेलंगाना सरकार ने हाई अलर्ट के तहत क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देश पर मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सभी जिला कलेक्टरों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहले से पहचान कर सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर निरंतर नज़र रखने और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।
अब तक तेलंगाना में कितनी बारिश हुई है?
1 जून से 15 जून 2025 तक राज्य में 49.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि की सामान्य वर्षा 54.9 मिमी की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम है।
भारी बारिश से सबसे अधिक कौन प्रभावित होगा?
निचले इलाकों, नदी-नालों के किनारे बसे गाँवों और शहरी जलभराव क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर सबसे अधिक असर पड़ने की आशंका है। सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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