हैदराबाद ट्रैफिक जाम पर सीएम रेवंत रेड्डी सख्त: अधिकारियों को सड़क पर उतरने का अल्टीमेटम
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 14 जून 2026 को हैदराबाद में मानसून समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी कि यदि भारी बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम की स्थिति दोबारा बनी, तो कॉन्स्टेबल से लेकर पुलिस कमिश्नर तक सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं भी सड़कों पर उतरेंगे।
9 जून की बारिश बनी चेतावनी की वजह
9 जून को हुई भारी बारिश के बाद साइबराबाद समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में घंटों ट्रैफिक जाम रहा, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए कहा कि मौसम विभाग की पूर्व चेतावनियों के बावजूद नगर निगम, पुलिस और ट्रैफिक विभाग के कर्मचारी पर्याप्त रूप से सतर्क नहीं रहे।
रेवंत रेड्डी ने याद दिलाया कि उन्होंने 1 जून को हुई मानसून तैयारी बैठक में स्वयं विस्तृत निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अधिकारियों की लापरवाही सामने आई, जिसे उन्होंने 'अस्वीकार्य' बताया।
विभागों के बीच तालमेल की कमी उजागर
मुख्यमंत्री ने 9 जून की बारिश के दौरान नगर प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच समन्वय की स्पष्ट कमी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाइड्रा, ट्रैफिक विभाग, जल बोर्ड और सिविल पुलिस — सभी को बारिश के दौरान जमीनी स्तर पर सक्रिय रहना अनिवार्य है।
यह ऐसे समय में आया है जब हैदराबाद में मानसून के तेज होने की संभावना है और शहर के निचले इलाकों में जलभराव की आशंका पहले से जताई जा रही है।
मुख्य सचिव और डीजीपी को जाँच के निर्देश
रेवंत रेड्डी ने मुख्य सचिव रामकृष्ण राव और डीजीपी सीवी आनंद को निर्देश दिया कि वे 9 जून की अव्यवस्था के कारणों की जाँच करें और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब हैदराबाद में मानसूनी बारिश के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन विफल हुआ हो — पिछले कई वर्षों में शहर के बुनियादी ढाँचे पर सवाल उठते रहे हैं।
आम जनता पर असर
ट्रैफिक जाम के कारण साइबराबाद और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में काम पर जाने वाले लाखों नागरिकों को घंटों फँसे रहना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए।
आगे की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौसम विभाग की भविष्यवाणियों के आधार पर पूर्व-निर्धारित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अब यह देखना होगा कि आने वाले मानसूनी सप्ताहों में प्रशासन इन निर्देशों पर कितनी तत्परता से अमल करता है।