क्या तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने ग्रेटर हैदराबाद में ट्रैफिक समस्याओं के समाधान के लिए युवा आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति की?

Click to start listening
क्या तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने ग्रेटर हैदराबाद में ट्रैफिक समस्याओं के समाधान के लिए युवा आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति की?

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने ग्रेटर हैदराबाद में युवाओं की आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की है। उनका यह कदम यातायात जाम की समस्या को सुलझाने के लिए है। जानें इस नई पहल के बारे में।

Key Takeaways

  • युवा आईपीएस अधिकारियों की तैनाती से यातायात जाम की समस्याओं का समाधान होगा।
  • मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सुरक्षा को बढ़ावा दिया है।
  • स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
  • दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
  • कार्यात्मक और प्रभावी पुलिस प्रशासन की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।

हैदराबाद, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने ग्रेटर हैदराबाद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनता की मुख्य चिंताओं, विशेषकर यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए युवा आईपीएस अधिकारियों की तैनाती का निर्णय लिया है।

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवधर रेड्डी ने रविवार को बताया कि सिविक प्रशासन में सुधार की दिशा में सरकार की प्राथमिकता के तहत, शनिवार को किए गए तबादलों का उद्देश्य शहर के निवासियों द्वारा सामना की जाने वाली यातायात समस्याओं का दीर्घकालिक और स्थायी समाधान खोजना है।

क्षेत्रीय अनुभव वाले युवा और ऊर्जावान आईपीएस अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख यातायात जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के बाद राज्य में साइबर अपराधों और मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्ती से नियंत्रण के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे।

डीजीपी रेड्डी ने आगे कहा कि इन पहलों को पूर्ण समर्पण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, किंतु अब यातायात नियमों और प्रवर्तन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ये तबादले बृहत्तर हैदराबाद नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आने वाले हैदराबाद, साइबरबाद और रचाकोंडा पुलिस आयुक्तों के साथ-साथ नव स्थापित फ्यूचर सिटी पुलिस आयुक्त कार्यालय में यातायात प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किए गए हैं।

जिलों में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में प्रभावी प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को शहरी आयुक्त कार्यालयों में पुलिस उपायुक्त (यातायात) के रूप में तैनात किया गया है।

इस क्रम में अविनाश कुमार को हैदराबाद (खैराबाद और सिकंदराबाद जोन) के यातायात-I के डीसीपी के रूप में तैनात किया गया है।

काजल को हैदराबाद (गोलकोंडा और जुबली हिल्स जोन) के यातायात-II के डीसीपी के रूप में नियुक्त किया गया है।

एस. शेषाद्रीनी रेड्डी को साइबरबाद (कुकटपल्ली और कुथबुल्लापुर जोन) के यातायात-II के डीसीपी के रूप में तैनात किया गया है।

कंकनाला राहुल रेड्डी को डीसीपी, ट्रैफिक-I, मल्काजगिरी कमिश्नरेट के रूप में नियुक्त किया गया है।

मुलुगु (संचालन) के अतिरिक्त एसपी शिवम उपाध्याय को फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट में डीसीपी (ट्रैफिक) नियुक्त किया गया है।

रेलवे की डीआईजी जी. चंदना दीप्ति को फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रशासन एवं ट्रैफिक) के पद पर तैनात किया गया है।

हैदराबाद के पूर्व डीसीपी बीके राहुल हेगड़े का तबादला फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट (चारमीनार, राजेंद्रनगर और शमशाबाद जोन) में डीसीपी, ट्रैफिक-III के पद पर किया गया है, जबकि साइबरबाद के पूर्व डीसीपी ट्रैफिक जी. रंजन रतन कुमार को फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट (सेरिलिंगमपल्ली जोन) में डीसीपी, ट्रैफिक-I के पद पर तैनात किया गया है।

Point of View

बल्कि यह नागरिकों के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

क्यों युवा आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की जा रही है?
युवा आईपीएस अधिकारियों की तैनाती यातायात जाम की समस्या को सुलझाने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए की जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य शहर के निवासियों को यातायात समस्याओं से राहत दिलाना और दीर्घकालिक समाधान खोजना है।
क्या यह कदम प्रभावी होगा?
यदि युवा आईपीएस अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सही तरीके से कार्य करने का अवसर दिया जाए, तो यह कदम प्रभावी साबित हो सकता है।
इसमें कौन से अधिकारी शामिल हैं?
इसमें कई युवा और अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को यातायात जिम्मेदारियों के लिए तैनात किया गया है।
क्या यह कदम अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा?
यदि यह कदम सफल होता है, तो यह अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बन सकता है।
Nation Press