26 अगस्त 2026
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सपा के ₹40,000 सालाना वादे पर BJP का पलटवार: पंकज चौधरी बोले, अखिलेश पहले शासनकाल का हिसाब दें

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सपा के ₹40,000 सालाना वादे पर BJP का पलटवार: पंकज चौधरी बोले, अखिलेश पहले शासनकाल का हिसाब दें

सारांश

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP और सपा के बीच महिला सशक्तीकरण पर जुबानी जंग तेज हो गई है। BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा के ₹40,000 सालाना वादे को 'चुनावी लॉलीपॉप' करार देते हुए अखिलेश यादव से सपा शासनकाल में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हिसाब माँगा।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 26 अगस्त को सपा की महिला-केंद्रित घोषणाओं को 'झूठे वादों का पिटारा' बताया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं को सालाना ₹40,000 देने का वादा किया है, जिसे BJP ने चुनावी हथकंडा कहा।
चौधरी ने सपा पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी।
BJP ने सपा से पूछा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक का विरोध क्यों किया गया था।
BJP ने मिशन शक्ति , एंटी रोमियो अभियान और महिला हेल्पलाइन को अपनी उपलब्धियों के रूप में गिनाया।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दोनों दलों के बीच महिला मतदाताओं को लुभाने की होड़ तेज हो गई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 26 अगस्त 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) की महिला-केंद्रित नई घोषणाओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सपा एक बार फिर 'झूठे वादों का पिटारा' लेकर मतदाताओं के बीच उतर आई है।

सपा की घोषणा और BJP का सवाल

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं को सालाना ₹40,000 देने का वादा किया है। पंकज चौधरी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घोषणा करने से पहले अखिलेश यादव को अपने शासनकाल में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का सार्वजनिक हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें सीधा पूछ रही हैं कि क्या केवल चुनाव से पहले घोषणाएं करने से महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी।

सपा शासनकाल पर आरोप

चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त दबंगों के हौसले बुलंद थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में थानों में पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर भी कार्रवाई न होने के गंभीर आरोप सामने आते थे। उन्होंने सवाल किया कि जब सत्ता में थे, तब बेहतर अस्पताल, कॉलेज और महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।

महिला आरक्षण विधेयक पर घेराबंदी

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर सपा को और घेरा। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की ऐतिहासिक पहल की, तब सपा ने इसका विरोध किया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या महिला सशक्तीकरण को जाति और धर्म के चश्मे से देखना ही समाजवादी पार्टी की राजनीति है।

BJP सरकार के दावे

चौधरी ने दावा किया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो अभियान और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती जैसे ठोस कदमों से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते प्रदेश की महिलाएं अब भय के बजाय सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।

2027 चुनाव की पृष्ठभूमि

पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा की पुरानी वादाखिलाफी और शासन का रिकॉर्ड नहीं भूली है। उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश की महिलाएं पूछ रही हैं कि आपके शासन में सुरक्षा और सम्मान कहाँ था और अब चुनाव से पहले अचानक महिलाओं की इतनी चिंता क्यों सताने लगी है?' 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा के वादों और उसके पुराने शासन के रिकॉर्ड के बीच का फर्क साफ कर देगी, ऐसा BJP का दावा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के चुनावी अभियान की शुरुआती रणनीति है — जहाँ BJP महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सपा को रक्षात्मक स्थिति में रखना चाहती है। हालाँकि, BJP के अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आँकड़े भी राष्ट्रीय बहस का हिस्सा रहे हैं, जिसे यह बयानबाज़ी नजरअंदाज करती है। सपा का ₹40,000 का वादा निश्चित रूप से एक चुनावी दाँव है, लेकिन BJP की काउंटर-नैरेटिव की असली परीक्षा यह होगी कि मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों के ज़मीनी नतीजे मतदाताओं को कितने ठोस लगते हैं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए क्या घोषणा की है?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं को सालाना ₹40,000 देने का वादा किया है। BJP ने इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किया गया 'चुनावी लॉलीपॉप' करार दिया है।
पंकज चौधरी ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी और थानों में पीड़ित महिलाओं की शिकायतें भी अनसुनी रहती थीं। उन्होंने अखिलेश यादव से सत्ता में रहते हुए महिला सुरक्षा के लिए उठाए गए ठोस कदमों का हिसाब माँगा।
BJP ने महिला आरक्षण पर सपा को क्यों घेरा?
पंकज चौधरी ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की ऐतिहासिक पहल की, तब सपा ने इसका विरोध किया था। BJP का तर्क है कि यह सपा की महिला सशक्तीकरण की असली मंशा को उजागर करता है।
BJP ने उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
BJP सरकार ने मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो अभियान और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती जैसे कार्यक्रम लागू किए हैं। पंकज चौधरी का दावा है कि इन कदमों से प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति में सुधार आया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में महिला मुद्दा कितना अहम है?
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं को लुभाने की होड़ तेज हो गई है। सपा की ₹40,000 की घोषणा और BJP का पलटवार दोनों इसी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का हिस्सा हैं, जो आने वाले महीनों में और तीखी होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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