पंकज चौधरी का सपा पर प्रहार: 'पीडीए यानी पीड़ा, दमन और अपमान', चंदौली मारपीट पर घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 29 मई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। यह प्रतिक्रिया चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में सपा की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल के आवास पर कथित मारपीट की घटना के बाद आई। चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा का पीडीए (PDA) नारा अब 'पीड़ा, दमन और अपमान' का प्रतीक बन चुका है।
घटनाक्रम: क्या हुआ चंदौली में
आरोपों के अनुसार, मड़िया पड़ाव स्थित सपा नेता गार्गी सिंह पटेल के आवास पर लगभग पाँच लोग अचानक घुस आए — जिनमें दो युवक और दो महिलाएँ शामिल थीं। पहले कहासुनी हुई, फिर हमलावरों ने गार्गी सिंह पटेल के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया और मारपीट की। कमरे में रखी टेबल उठाकर भी उन पर हमला किया गया।
घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें कई लोग महिला नेता पर हमला करते दिखाई दे रहे थे। पुलिस को तहरीर दी गई है और मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जाँच जारी है।
पंकज चौधरी का एक्स पर हमला
पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'सपा के पीडीए का नया संस्करण है पीड़ा, दमन और अपमान। चंदौली में समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष के साथ सपा नेताओं द्वारा उनके ही घर में मारपीट की गई। जिस पार्टी के मंचों से महिला सम्मान, सामाजिक न्याय और अधिकारों की लंबी-लंबी बातें होती हैं, उसी पार्टी की एक महिला पदाधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार यह दर्शाता है कि यह महज खोखली बातें हैं।'
उन्होंने आगे व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'वाह री राजनीति — मंच पर महिला सम्मान की बातें और हकीकत में अपनी ही पार्टी की महिला पदाधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार। लगता है सपा में बातों के बताशे कुछ ज़्यादा ही फोड़े जाते हैं।'
BJP का राजनीतिक आक्रमण
चौधरी ने यह भी कहा कि 'सपाइयों के महिला सम्मान का मॉडल सिर्फ पोस्टरों तक सीमित है' और प्रदेश की महिलाएँ सपा के 'चाल, चरित्र और चेहरे' से भलीभाँति परिचित हैं। उन्होंने नारा दिया — 'सत्ताइस में सपा साफ।' यह बयान 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए BJP की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन-नारा पार्टी की प्रमुख राजनीतिक पहचान रही है। BJP इस घटना को उसी नारे की 'असलियत' के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
आगे क्या
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र महिला मतदाताओं को लुभाने की दोनों पार्टियों की कोशिशों के बीच एक नया मोर्चा खोल सकता है।