पंकज चौधरी का समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष, पीडीए को बताया परिवार विकास प्राधिकरण
सारांश
Key Takeaways
- पंकज चौधरी ने सपा के पीडीए अभियान को 'परिवार विकास प्राधिकरण' कहा।
- सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया गया।
- बुलडोजर कार्रवाई को गरीबों के खिलाफ नहीं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ बताया।
- सपा के शासनकाल को 'जंगलराज' कहा गया।
- 2027 के चुनाव में विकास और सुशासन का समर्थन करने का विश्वास व्यक्त किया गया।
लखनऊ, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सपा के पीडीए अभियान को 'परिवार विकास प्राधिकरण' कहा है।
चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा का राजनीतिक दृष्टिकोण सामाजिक न्याय की दिशा में नहीं, बल्कि परिवारवाद को बढ़ावा देने के लिए है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बुधवार को कहा कि सपा को अब सच सुनने की आदत डालनी चाहिए। उनका कहना था कि सपा का तथाकथित पीडीए कोई सामाजिक न्याय का अभियान नहीं, बल्कि 'परिवार विकास प्राधिकरण' है, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल एक परिवार के राजनीतिक हितों को साधना है।
चौधरी ने बुलडोजर कार्रवाई पर निशाना साधते हुए कहा कि इस कार्रवाई से वही लोग डरते हैं, जिनका संबंध माफियाओं और दंगाइयों से रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में यह कार्रवाई गरीबों के खिलाफ नहीं, बल्कि उन भू-माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ हो रही है, जिन्होंने लंबे समय तक गरीबों के अधिकारों पर कब्जा किया। चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून का राज स्थापित है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है, जो सपा को पसंद नहीं आ रही।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा शासनकाल में 'जंगलराज' रहा, जहाँ पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक सबसे अधिक उत्पीड़न का शिकार हुए। भाजपा नेता ने कहा कि 'परिवार पहले, दल बाद में और जनता सबसे बाद में' यह सपा की राजनीति का मूल मंत्र रहा है। उनके अनुसार, पार्टी में कार्यकर्ता, गरीब, युवा और किसान केवल नारे बनकर रह गए हैं, जबकि असली लाभ एक परिवार और उसके करीबी लोगों को ही मिलता है।
चौधरी ने सपा नेतृत्व की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिनका शासनकाल दंगों, माफियाराज, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से भरा रहा, उन्हें नैतिकता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा पिछले एक दशक से सत्ता से बाहर है और उसे अगले एक दशक तक विपक्ष में रहने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्हें विश्वास है कि प्रदेश की जनता २०२७ के चुनाव में भी विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के पक्ष में जनादेश देगी।