अखिलेश यादव पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें: भाजपा सांसद डॉ. संगीता बलवंत का तीखा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने 31 मई 2026 को गाजीपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की उत्तर प्रदेश सरकार पर की जा रही आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने से पहले अखिलेश यादव को अपने शासनकाल में प्रदेश की स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
डॉ. बलवंत ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव लगातार सरकार की आलोचना कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उनके कार्यकाल में प्रदेश की स्थिति कैसी थी।' उनके अनुसार, सपा शासन को जनता आज भी कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और अपराधियों के बढ़ते प्रभाव के कारण याद करती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि सपा शासन में आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता था, जबकि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज 'उत्तम प्रदेश' बनने की दिशा में अग्रसर है और इसी कारण विपक्षी दलों में बेचैनी दिखाई दे रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब अखिलेश यादव ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भाजपा शासन में सुबह पुल गिरने, दोपहर में रेलवे स्टेशन के शेड गिरने और शाम तक गंगा एक्सप्रेसवे में दरारों जैसी खबरें सामने आती हैं। इस पर डॉ. बलवंत ने कहा कि अखिलेश यादव को अपना शासनकाल याद करना चाहिए, जब प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते थे।
लखनऊ दुष्कर्म मामले पर प्रतिक्रिया
लखनऊ में महिला दारोगा से कथित दुष्कर्म के मामले पर भी डॉ. बलवंत ने बयान दिया। गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने इस घटना का हवाला देते हुए कहा था कि महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली भाजपा की महिलाएँ इस घटना से शर्मिंदा होंगी। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और स्थानीय प्रशासन इसकी जाँच कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जाँच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
2027 विधानसभा चुनाव पर दावा
डॉ. संगीता बलवंत ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा और भाजपा एक बार फिर मज़बूत स्थिति में रहेगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इस बात से परेशान हैं कि उनके शासनकाल में जो विकास कार्य नहीं हो सके, वे आज प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं — और इसी वजह से वह लगातार सरकार के खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे हैं। आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच यह राजनीतिक तकरार और तेज़ होने के आसार हैं।