दुष्यंत चौटाला का सरकार पर हमला: अग्निवीर, SIR और रोडवेज हड़ताल पर उठाए तीखे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
जननायक जनता पार्टी (JJP) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने 4 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ में अग्निवीर योजना, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल और किसानों की समस्याओं पर केंद्र व राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, किसानों और कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रही है।
अग्निवीर योजना पर तीखा हमला
चौटाला ने अग्निवीर योजना की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने पर कड़ा ऐतराज़ जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को स्पष्ट जवाब देने के बजाय 'दो साल का लॉलीपॉप' थमा रही है। उनका कहना था कि JJP इस फैसले की निंदा करती है और अग्निवीरों के साथ दृढ़ता से खड़ी है।
चौटाला ने सवाल उठाया कि इस वर्ष 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन अवधि विस्तार के बाद क्या उन्हें अब दो साल और इंतज़ार करना होगा? उन्होंने कहा कि शेष 75 प्रतिशत युवाओं का भविष्य भी असमंजस में पड़ गया है। उनका यह भी कहना था कि अग्निवीर सियाचिन और आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो रहे हैं, परंतु उनके परिवारों को नियमित सैनिकों के परिवारों जैसी सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से माँग की कि नियमित किए जाने वाले अग्निवीरों के लिए स्पष्ट प्रावधान किया जाए।
SIR और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर चौटाला ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों मतदाताओं के वोट प्रभावित होने की आशंका है और विपक्ष लगातार यह मुद्दा उठा रहा है। फॉर्म-6 में दी जाने वाली शपथ और चुनाव आयोग के नए स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे आयोग के पूर्व हलफनामों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगता है।
चौटाला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधे निशाना साधते हुए पूछा कि आखिर BJP किसे बचाने का प्रयास कर रही है। उनका यह भी कहना था कि वोट काटने की प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की भूमिका की भी जाँच होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब SIR प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों में व्यापक असंतोष है।
रोडवेज हड़ताल और कर्मचारी आंदोलन
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की जारी हड़ताल पर चौटाला ने कर्मचारियों से फिलहाल आंदोलन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों को घर पहुँचने में गंभीर परेशानी हो रही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि त्योहार के बाद कर्मचारी फिर आंदोलन करते हैं, तो JJP उनके समर्थन में उतरेगी। उन्होंने राज्य सरकार को चेताया कि लोकतंत्र में अपनी माँगों के लिए आवाज़ उठाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, और इसे अराजकता नहीं कहा जाना चाहिए। गौरतलब है कि बिजली, सफाई और रोडवेज कर्मचारी पहले ही आंदोलन कर चुके हैं और कथित तौर पर पुलिस कर्मचारियों के भी हड़ताल की संभावना जताई जा रही है।
किसानों की समस्याएँ और मंडियों की स्थिति
चौटाला ने दावा किया कि जींद और बरवाला की मंडियों में फसलें पड़ी हुई हैं और पिछले 15 दिनों से धान बेच चुके किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पाँच वर्षों में किसानों को सर्वाधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। यह मुद्दा ऐसे समय में उठाया गया है जब हरियाणा में खरीफ सीज़न की खरीद प्रक्रिया चल रही है।
महेंद्रगढ़ रैली और JJP की राजनीतिक रणनीति
चौटाला ने बताया कि 6 नवंबर 2026 को महेंद्रगढ़ में JJP की एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की राजनीतिक रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। रैली से पहले पार्टी कार्यकर्ता पूरे हरियाणा में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को लोकतंत्र और मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर जागरूक करेंगे। इंडिया गठबंधन के साथ संभावित तालमेल के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने हिसार में अपने कार्यकाल में शुरू की गई इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) परियोजना और हिसार एयरपोर्ट टर्मिनल निर्माण का भी उल्लेख करते हुए इसे विकास का प्रमाण बताया।