यूपी में अग्निवीर भर्ती रैलियां छह चरणों में, मेरठ से शुरुआत 17 अगस्त से; मुख्य सचिव ने की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में अग्निवीर भर्ती रैलियों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने 10 अगस्त 2026 को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें छह जिलों में आयोजित होने वाली भर्ती रैलियों की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं।
भर्ती रैलियों का कार्यक्रम
बैठक में जानकारी दी गई कि यह प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की तीसरी रैली होगी। छह जिलों में चरणबद्ध तरीके से रैलियां आयोजित होंगी — मेरठ में 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026, बरेली में 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026, लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027, वाराणसी में 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027, आगरा में 4 मार्च से 24 मार्च 2027 तथा अयोध्या में 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक भर्ती प्रक्रिया चलेगी।
अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्थाएं
मुख्य सचिव गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती स्थलों पर आवागमन, ठहरने, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा और यातायात से जुड़ी सभी ज़रूरी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर कोई कमी पाई जाए, तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
आपातकालीन और चिकित्सा सेवाएं
मुख्य सचिव ने आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकीय और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। गौरतलब है कि बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों के जुटने से भीड़ प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाती है, इसलिए हर जिले में समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन
भर्ती प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात संचालन सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन और विभागों के बीच आपसी समन्वय पर विशेष ज़ोर दिया।
आगे क्या
मेरठ से 17 अगस्त 2026 को शुरू होने वाली पहली रैली के साथ यह भर्ती अभियान अप्रैल 2027 तक चलेगा। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़ी संख्या में भाग लेने वाले युवा अभ्यर्थियों को किसी भी स्तर पर असुविधा का सामना न करना पड़े।