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6 दिसंबर को लखनऊ में बसपा की महारैली: मायावती ने कार्यकर्ताओं को दिया 'वोट हमारा, राज भी हमारा' का मंत्र

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6 दिसंबर को लखनऊ में बसपा की महारैली: मायावती ने कार्यकर्ताओं को दिया 'वोट हमारा, राज भी हमारा' का मंत्र

सारांश

मायावती ने लखनऊ में 75 जिलों के बसपा नेताओं के साथ चुनावी समीक्षा बैठक की और 6 दिसंबर को डॉ. अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर विशाल समारोह का नेतृत्व करने का ऐलान किया। साथ ही भाजपा, कांग्रेस और सपा को एक साथ निशाने पर लेते हुए बहुजन समाज को 'वोट हमारा, राज भी हमारा' का मंत्र दिया।

मुख्य बातें

मायावती ने 5 नवंबर 2026 को लखनऊ में बसपा की विधानसभा चुनाव समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, लखनऊ पर महापरिनिर्वाण दिवस का विशाल समारोह; मायावती मुख्य अतिथि होंगी।
बैठक में प्रदेश के 75 जिलों के जिला अध्यक्षों सहित सभी स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए।
मायावती ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग दोहराई।
कांग्रेस, BJP और सपा को एक साथ निशाना बनाते हुए कहा कि तीनों दल संविधान लागू करने में विफल रहे हैं।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 5 नवंबर 2026 को लखनऊ में पार्टी की अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की जमीनी तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक में सबसे बड़ा ऐलान यह रहा कि 6 दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, लखनऊ में एक विशाल श्रद्धा-सुमन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें मायावती स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में नेतृत्व करेंगी।

बैठक का स्वरूप और भागीदारी

इस समीक्षा बैठक में बसपा यूपी स्टेट यूनिट के सभी स्तरों के पदाधिकारी — मंडल से लेकर जिला तक — और प्रदेश के 75 जिलों के जिला अध्यक्ष शामिल हुए। मायावती ने बूथ स्तर तक की जमीनी तैयारियों, उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया और सर्वसमाज, विशेषकर गरीब एवं कमजोर वर्गों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करने के कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की आहट के बीच सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।

मायावती का चुनावी नारा और सर्वजन संकल्प

मायावती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 'बहुजन समाज' के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान का काफिला 'वोट हमारा, राज भी हमारा' के सर्वजन-हितैषी संकल्प के साथ सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करके अपनी मंजिल की ओर तेज़ी से आगे बढ़े। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि 'कानून द्वारा कानून का राज' और 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' के सिद्धांतों पर आधारित सुशासन की वापसी ही बसपा का चुनावी लक्ष्य है।

ईवीएम और चुनावी व्यवस्था पर सवाल

मायावती ने देश में पूर्ण विश्वसनीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था तथा जिम्मेदार गवर्नेंस के अभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि देश की अधिकतर जनता बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग कर रही है। गौरतलब है कि ईवीएम को लेकर यह बसपा की लंबे समय से चली आ रही माँग है, जिसे समय-समय पर वह दोहराती रही है।

कांग्रेस, भाजपा और सपा पर हमला

मायावती ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) को 'एक ही थैली के चट्टे-बट्टे' बताते हुए कहा कि ये दल बाबा साहेब के संविधान की बात तो करती हैं, लेकिन उस पर अमल करने में विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि संविधान को जमीनी स्तर पर लागू न कर बहुजन समाज के गरीब वर्गों का हित नकारने में कांग्रेस और सपा सबसे बड़ी दोषी हैं, हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान BJP सरकार भी इस मामले में पीछे नहीं है।

6 दिसंबर की महारैली: आगे की राह

6 दिसंबर का महापरिनिर्वाण दिवस समारोह बसपा के लिए राजनीतिक और वैचारिक, दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पार्टी इस अवसर को चुनावी गोलबंदी के एक बड़े मंच के रूप में देख रही है। आने वाले हफ्तों में बूथ-स्तरीय तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में तेज़ी आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विधानसभा चुनाव की दस्तक के साथ इसकी धार को फिर से तेज़ किया जा रहा है। असली सवाल यह है कि क्या बसपा बूथ-स्तरीय तैयारियों को ज़मीनी वोटों में तब्दील कर पाएगी — 2022 के यूपी चुनाव में बसपा का प्रदर्शन उसके लिए एक चेतावनी की तरह है। 6 दिसंबर की महारैली एक प्रतीकात्मक मंच है, लेकिन चुनावी राजनीति में प्रतीक तब काम आते हैं जब संगठन की जड़ें मजबूत हों। ईवीएम पर सवाल उठाना विपक्षी एकता का हिस्सा है, पर बसपा का अकेले चुनाव लड़ने का रुख उसे उस गठबंधन-राजनीति से अलग रखता है जो अभी यूपी में आकार ले रही है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने 6 दिसंबर को लखनऊ में क्या आयोजित करने की घोषणा की है?
मायावती ने 6 दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस (पुण्यतिथि) पर लखनऊ के डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर एक विशाल श्रद्धा-सुमन समारोह आयोजित करने की घोषणा की है। वह इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नेतृत्व करेंगी।
बसपा की 5 नवंबर की लखनऊ बैठक में क्या हुआ?
बैठक में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के जिला अध्यक्षों और सभी स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया। मायावती ने बूथ-स्तरीय चुनावी तैयारियों, उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और कमजोर वर्गों को मताधिकार के प्रति जागरूक करने के कार्यों की समीक्षा की।
मायावती ने ईवीएम को लेकर क्या कहा?
मायावती ने देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकतर जनता बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग कर रही है। उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह जताया।
मायावती ने कांग्रेस, भाजपा और सपा पर क्या आरोप लगाए?
मायावती ने तीनों दलों को 'एक ही थैली के चट्टे-बट्टे' बताते हुए कहा कि ये दल डॉ. अंबेडकर के संविधान को जमीनी स्तर पर लागू करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के गरीब वर्गों का हित नकारने में कांग्रेस और सपा सबसे बड़ी दोषी हैं और मौजूदा भाजपा सरकार भी इससे अलग नहीं है।
बसपा का आगामी चुनाव में मुख्य नारा क्या है?
बसपा का चुनावी नारा 'वोट हमारा, राज भी हमारा' है, जिसके साथ 'कानून द्वारा कानून का राज' और 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' के सिद्धांतों को केंद्र में रखा गया है। मायावती ने इसे बहुजन समाज के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान से जोड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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