CM योगी का इंडिया ब्लॉक पर हमला: रामलीला मैदान प्रदर्शन को बताया 'किसान व महिला विरोधी साजिश'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 नवंबर 2026 को गोरखपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इंडिया ब्लॉक के रामलीला मैदान विरोध प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला और उसे 'किसान विरोधी, महिला विरोधी' एवं देश में अराजकता फैलाने की 'सोची-समझी साजिश' करार दिया। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के विरुद्ध नकारात्मकता का 'मनगढ़ंत माहौल' तैयार करने का जानबूझकर किया गया प्रयास था।
मुख्यमंत्री के बयान का केंद्रीय सार
गोरखपुर की जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'जो लोग भ्रष्ट थे, अब उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए वे सड़कों पर अशांति फैला रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह माहौल दरअसल मोदी के विरुद्ध नहीं, बल्कि उन गरीबों के खिलाफ है जिनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने काम किया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस अशांति को फैलाने वाले न केवल किसान-विरोधी, महिला-विरोधी और युवा-विरोधी हैं, बल्कि उन्होंने कथित तौर पर नक्सलवाद, आतंकवाद और अलगाववाद का समर्थन भी किया है। उन्होंने जनता से एकजुट होकर इस 'साजिश' को नाकाम करने का आह्वान किया।
इंडिया ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन — पृष्ठभूमि
योगी आदित्यनाथ की यह प्रतिक्रिया रामलीला मैदान, नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित उस विशाल विरोध रैली के तुरंत बाद आई, जो चुनाव आयोग के कथित 'मनमाने' कामकाज और कथित वोट चोरी के विरुद्ध बुलाई गई थी। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए यह प्रदर्शन किया था। गौरतलब है कि रामलीला मैदान ऐतिहासिक रूप से देश के सबसे बड़े जन-आंदोलनों का गवाह रहा है, जिससे यहाँ रैली आयोजित करने का प्रतीकात्मक महत्व और भी बढ़ जाता है।
चौरी चौरा की 102वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री ने चौरी चौरा कांड की 102वीं वर्षगांठ पर वहाँ के क्रांतिकारियों के बलिदान और शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता में उनके योगदान को रेखांकित किया।
इसी अवसर पर चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र में ₹287 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित होने वाले रेल ओवरब्रिज सहित 84 जन कल्याणकारी परियोजनाओं की आधारशिला रखने और उद्घाटन की घोषणा की गई। यह परियोजनाएँ चौरी चौरा-भोपा बाजार-मुंडेरवा बाजार-सोनबरसा रोड पर प्रस्तावित हैं।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश में विपक्षी एकता और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील की कि जब देश अपनी शताब्दी मनाएगा, उस ऐतिहासिक पड़ाव तक 'साजिशकर्ताओं और अराजकतावादियों' को खुली छूट नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने आम नागरिकों को 'विभाजनकारी और दुर्भावनापूर्ण प्रचार' के विरुद्ध आगे आने का आह्वान किया।
आगे क्या होगा
इंडिया ब्लॉक और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, विशेषकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के मद्देनज़र। दोनों पक्षों की राजनीतिक बयानबाजी से यह स्पष्ट है कि यह विवाद केवल एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा।