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काकोरी शताब्दी पर CM योगी की चेतावनी: सोशल मीडिया से भारत-विरोधी अफवाहें फैला रही हैं देशद्रोही ताकतें

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काकोरी शताब्दी पर CM योगी की चेतावनी: सोशल मीडिया से भारत-विरोधी अफवाहें फैला रही हैं देशद्रोही ताकतें

सारांश

काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगाँठ पर CM योगी आदित्यनाथ ने दो मोर्चों पर एक साथ हमला बोला — सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाने वाली देशविरोधी ताकतों को चेताया और आजादी के बाद क्रांतिकारियों की उपेक्षा के लिए तत्कालीन नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 9 अगस्त 2025 को काकोरी शहीद स्मारक पर काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगाँठ समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि देशविरोधी ताकतें सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाहें फैला रही हैं और समाज को गुमराह करने की कोशिश हो रही है।
राम प्रसाद बिस्मिल , अशफाक उल्ला खाँ , चंद्रशेखर आजाद सहित काकोरी के क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी गई।
योगी ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद तत्कालीन कांग्रेसी नेताओं ने क्रांतिकारियों को उचित सम्मान नहीं दिया और उन्हें पाठ्यक्रमों से दूर रखा।
PM नरेंद्र मोदी की 2014 से की गई पहलों — स्मारक निर्माण, डाक टिकट, संस्थाओं का नामकरण — की सराहना की गई।
नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्र के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को खोजें और उनकी स्मृतियों को जीवंत रखें।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अगस्त 2025 को काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्षगाँठ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देशविरोधी ताकतें सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाहें फैला रही हैं और समाज को गुमराह करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर भारत को कमजोर करने की कोशिशें आज भी जारी हैं — ठीक वैसे ही जैसे अतीत में देश को फूट के जरिए गुलाम बनाया गया था।

काकोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने 9 अगस्त 1925 की उस ऐतिहासिक घटना को याद किया जब पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश खजाने पर कब्जा कर आजादी की लड़ाई को नई ऊँचाई दी थी। उन्होंने कहा कि इन वीरों ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से लेकर 1942 के 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' आंदोलन तक संघर्ष की एक अटूट श्रृंखला खड़ी की।

योगी ने शचींद्र नाथ बख्शी और मन्मथ नाथ गुप्ता का विशेष उल्लेख किया, जिन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली और जिनकी जागीर अंग्रेजों ने जब्त कर ली। उन्होंने शचींद्र नाथ सान्याल का भी जिक्र किया, जिनका जन्म काशी में हुआ और जिन्होंने अंतिम साँस गोरखपुर में ली।

स्वतंत्रता के बाद क्रांतिकारियों की उपेक्षा पर तीखा प्रहार

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद सत्ता में आए नेताओं ने क्रांतिकारियों को उचित सम्मान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि शचींद्र नाथ बख्शी और मन्मथ नाथ गुप्ता को सजा दिलाने में तत्कालीन कांग्रेसी नेताओं की भूमिका रही। योगी के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना उदा देवी पासी, अवंती बाई और झलकारी बाई के नाम पर स्मारक न बनाए गए, न ही इन्हें पाठ्यक्रमों में उचित स्थान दिया गया।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 'एक ही परिवार के नाम पर' सभी योजनाओं का नामकरण होता था — जो युवा पीढ़ी को उनके असली नायकों से दूर रखने की सुनियोजित साजिश थी।

PM मोदी के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने इन क्रांतिकारियों को उचित सम्मान दिया। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थ, वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खाँ के स्मारकों को विस्तार दिया गया। काकोरी की घटना को आधिकारिक रूप से 'काकोरी ट्रेन एक्शन' नाम देकर क्रांतिकारियों के योगदान को पुनर्स्थापित किया गया और उनके नाम पर डाक टिकट जारी हुए तथा संस्थाओं का नामकरण किया गया।

आमजन से अपील

योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने गाँव, क्षेत्र और जनपद में उन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को खोजें जिन्होंने देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र किया जाए, उनके स्मारकों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण में भागीदारी की जाए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों की वर्तमान पीढ़ी और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी इस समारोह में सम्मानित किया गया।

यह समारोह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं का प्रसार एक राष्ट्रीय चिंता बन चुका है। मुख्यमंत्री की यह चेतावनी आने वाले दिनों में साइबर सतर्कता और डिजिटल जागरूकता अभियानों को नई दिशा दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस पर क्रांतिकारियों की उपेक्षा का आरोप। गौरतलब है कि 'एक ही परिवार' वाली टिप्पणी सीधे नेहरू-गांधी परिवार की ओर इशारा करती है, जो BJP की दीर्घकालिक राजनीतिक कथा का हिस्सा है। सोशल मीडिया पर अफवाहों का मुद्दा वैध और गंभीर है, लेकिन बिना किसी ठोस नीतिगत उपाय का उल्लेख किए केवल चेतावनी देना इसे एक राजनीतिक बयान की सीमा में रखता है। काकोरी जैसे प्रतीकात्मक अवसरों का उपयोग ऐतिहासिक पुनर्व्याख्या के लिए करना एक सोची-समझी रणनीति है — जो भविष्य में पाठ्यक्रम सुधार और स्मारक नीति पर बड़े कदमों का संकेत भी हो सकती है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने काकोरी समारोह में सोशल मीडिया को लेकर क्या कहा?
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देशविरोधी ताकतें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाहें फैला रही हैं और समाज को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने इसे क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने की उसी साजिश का हिस्सा बताया जिससे भारत अतीत में गुलाम हुआ था।
काकोरी ट्रेन एक्शन क्या था और इसकी 101वीं वर्षगाँठ क्यों महत्वपूर्ण है?
काकोरी ट्रेन एक्शन 9 अगस्त 1925 को हुई वह ऐतिहासिक घटना है जिसमें पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ, चंद्रशेखर आजाद और अन्य क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश खजाने को जब्त कर आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी। 101वीं वर्षगाँठ पर लखनऊ के काकोरी शहीद स्मारक पर शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया।
CM योगी ने आजादी के बाद क्रांतिकारियों की उपेक्षा के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
CM योगी ने कहा कि आजादी के बाद सत्ता में आए तत्कालीन कांग्रेसी नेताओं ने शचींद्र नाथ बख्शी और मन्मथ नाथ गुप्ता जैसे क्रांतिकारियों को सजा दिलाने में भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन नेताओं ने क्रांतिकारियों के नाम पर स्मारक नहीं बनाए और उन्हें पाठ्यक्रमों से दूर रखा।
PM मोदी ने काकोरी के क्रांतिकारियों के सम्मान के लिए क्या कदम उठाए?
CM योगी के अनुसार, PM नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ और वीर सावरकर के स्मारकों को विस्तार दिया। काकोरी की घटना को आधिकारिक रूप से 'काकोरी ट्रेन एक्शन' नाम दिया गया, क्रांतिकारियों के नाम पर डाक टिकट जारी हुए और संस्थाओं का नामकरण किया गया।
CM योगी ने आमजन से काकोरी समारोह में क्या अपील की?
CM योगी ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने गाँव, क्षेत्र और जनपद के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को खोजें। उन्होंने कहा कि क्रांतिकारियों से जुड़ी सामग्री एकत्र की जाए, उनके स्मारकों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण में भागीदारी की जाए और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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