23 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीनी डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी 26 मार्च 2027 तक बढ़ाई, घरेलू उद्योग को राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीनी डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी 26 मार्च 2027 तक बढ़ाई, घरेलू उद्योग को राहत

सारांश

भारत ने चीन से आयातित डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी तीन महीने बढ़ाकर 26 मार्च 2027 तक कर दी है। साथ ही पीओपी और माइका पिगमेंट पर भी ड्यूटी विस्तार हुआ — घरेलू उद्योग को सस्ते विदेशी आयात से राहत देने के सरकार के सतत प्रयास की कड़ी।

मुख्य बातें

वित्त मंत्रालय ने चीन से आयातित डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अवधि बढ़ाकर 26 मार्च 2027 तक कर दी है।
यह ड्यूटी पहले 26 दिसंबर 2026 तक थी; दिसंबर 2021 में ₹110 से 542 डॉलर प्रति टन की दर से मूल रूप से पाँच वर्षों के लिए लगाई गई थी।
यह निर्णय महानिदेशालय व्यापार उपचार (डीजीटीआर) की सिफारिश के आधार पर लिया गया।
ईरान, ओमान, सऊदी अरब और यूएई से आयातित कैल्साइंड जिप्सम पाउडर (पीओपी) पर ड्यूटी 16 मार्च 2027 तक बढ़ाई गई।
चीन से आयातित नेचुरल माइका बेस्ड पर्ल इंडस्ट्रियल पिगमेंट्स पर ड्यूटी 25 फरवरी 2027 तक बढ़ाई गई।

वित्त मंत्रालय ने 23 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना में चीन से आयात होने वाले डेकोर पेपर पर लागू एंटी-डंपिंग ड्यूटी की अवधि बढ़ाकर 26 मार्च 2027 तक कर दी है, जिससे फर्नीचर और इंटीरियर डेकोरेशन से जुड़े घरेलू उत्पादकों को सस्ते आयात के दबाव से अस्थायी राहत मिलेगी। यह शुल्क पहले 26 दिसंबर 2026 तक लागू रहने वाला था, लेकिन अब इसे तीन महीने और बढ़ा दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय वाणिज्य मंत्रालय के महानिदेशालय व्यापार उपचार (डीजीटीआर) की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। डीजीटीआर व्यापार से जुड़े अनुचित व्यवहारों की जाँच करने वाली केंद्रीय एजेंसी है और इसकी सिफारिशें सरकार की एंटी-डंपिंग नीति के लिए आधार बनती हैं।

गौरतलब है कि दिसंबर 2021 में राजस्व विभाग ने चीन से आयातित डेकोर पेपर पर पाँच वर्षों के लिए 110 डॉलर प्रति टन से 542 डॉलर प्रति टन तक की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई थी। मौजूदा विस्तार उसी ढाँचे की निरंतरता है।

डेकोर पेपर और घरेलू उद्योग पर असर

डेकोर पेपर का उपयोग मुख्य रूप से सजावटी लैमिनेट्स, फर्नीचर, कैबिनेट, फ्लोरिंग और अन्य आंतरिक सजावट उत्पादों में किया जाता है। सरकार का कहना है कि चीन से अत्यधिक सस्ती दरों पर होने वाला आयात स्थानीय बाजार में कीमतों पर दबाव बनाता है, जिससे घरेलू उत्पादकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और रोज़गार दोनों प्रभावित होते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-चीन व्यापार असंतुलन को लेकर नीतिगत बहस जारी है और सरकार कई क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने की दिशा में सक्रिय है।

अन्य उत्पादों पर भी बढ़ाई गई ड्यूटी

एक अलग अधिसूचना में वित्त मंत्रालय ने ईरान, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आयात होने वाले कैल्साइंड जिप्सम पाउडर (जिसे आमतौर पर प्लास्टर ऑफ पेरिस / पीओपी कहा जाता है) पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को भी 16 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है। पीओपी का उपयोग निर्माण, फार्मास्युटिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से होता है।

इसके अतिरिक्त, सरकार ने चीन से आयात होने वाले नेचुरल माइका बेस्ड पर्ल इंडस्ट्रियल पिगमेंट्स पर भी एंटी-डंपिंग ड्यूटी को 25 फरवरी 2027 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

एंटी-डंपिंग ड्यूटी क्या होती है

एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक व्यापारिक सुरक्षा उपाय है, जिसे तब लागू किया जाता है जब कोई विदेशी उत्पाद घरेलू बाजार में उसकी सामान्य कीमत से कम मूल्य पर बेचा जाए और इससे स्थानीय उद्योग को नुकसान होने की आशंका हो। इसका उद्देश्य आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि अनुचित मूल्य निर्धारण के प्रभाव को संतुलित करना है।

आगे क्या

मार्च 2027 की समयसीमा से पहले डीजीटीआर एक बार फिर समीक्षा कर यह तय करेगा कि ड्यूटी को स्थायी रूप से लागू रखा जाए, पुनः विस्तारित किया जाए या हटाया जाए। घरेलू उद्योग के लिए यह अवधि अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता सुदृढ़ करने का अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भारत की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह चीनी आयात के खिलाफ कई मोर्चों पर सुरक्षा उपाय बनाए रख रहा है। असली प्रश्न यह है कि क्या ड्यूटी-संरक्षण की यह अवधि घरेलू उत्पादकों को वास्तविक प्रतिस्पर्धात्मकता विकसित करने में मदद कर रही है, या यह एक स्थायी बैसाखी बनती जा रही है। एक ही दिन में डेकोर पेपर, पीओपी और माइका पिगमेंट — तीन अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ विस्तार — यह दर्शाता है कि घरेलू उद्योग अभी भी कई मोर्चों पर आयात प्रतिस्पर्धा का सामना करने में सक्षम नहीं है, जो दीर्घकालिक नीति के लिहाज़ से ध्यान देने योग्य है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी कब तक बढ़ाई गई है?
वित्त मंत्रालय ने यह ड्यूटी 26 मार्च 2027 तक बढ़ा दी है। पहले यह 26 दिसंबर 2026 तक लागू रहने वाली थी।
डेकोर पेपर पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की दर क्या है?
दिसंबर 2021 में राजस्व विभाग ने चीन से आयातित डेकोर पेपर पर 110 डॉलर प्रति टन से 542 डॉलर प्रति टन तक की एंटी-डंपिंग ड्यूटी पाँच वर्षों के लिए लगाई थी। मौजूदा अधिसूचना उसी दर को जारी रखती है।
यह फैसला किसकी सिफारिश पर लिया गया?
यह निर्णय वाणिज्य मंत्रालय के महानिदेशालय व्यापार उपचार (डीजीटीआर) की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। डीजीटीआर ही भारत में डंपिंग-विरोधी जाँच और सिफारिशों के लिए अधिकृत संस्था है।
क्या अन्य उत्पादों पर भी एंटी-डंपिंग ड्यूटी बढ़ाई गई है?
हाँ। ईरान, ओमान, सऊदी अरब और यूएई से आयातित कैल्साइंड जिप्सम पाउडर (प्लास्टर ऑफ पेरिस) पर ड्यूटी 16 मार्च 2027 तक और चीन से आयातित नेचुरल माइका बेस्ड पर्ल इंडस्ट्रियल पिगमेंट्स पर ड्यूटी 25 फरवरी 2027 तक बढ़ाई गई है।
एंटी-डंपिंग ड्यूटी का उद्देश्य क्या होता है?
एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक व्यापारिक सुरक्षा उपाय है जो तब लागू होती है जब कोई विदेशी उत्पाद घरेलू बाजार में उसकी सामान्य कीमत से कम पर बेचा जाए और इससे स्थानीय उद्योग को नुकसान हो। इसका उद्देश्य आयात बंद करना नहीं, बल्कि अनुचित मूल्य निर्धारण के प्रभाव को संतुलित करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले