यूरोपीय यूनियन ने सस्ते आयातित सामान पर लगाई ₹3 यूरो की फ्लैट कस्टम ड्यूटी, चीनी ई-कॉमर्स को सीधा झटका
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय यूनियन (EU) ने 150 यूरो तक के सस्ते आयातित सामानों पर मिलने वाली कस्टम ड्यूटी छूट समाप्त करते हुए प्रत्येक डिक्लेरेशन लाइन पर 3 यूरो की एकसमान शुल्क लागू कर दी है। यह कदम मुख्य रूप से चीन और अन्य देशों से होने वाली सस्ती ऑनलाइन शॉपिंग को प्रभावित करेगा और 1 जुलाई 2025 से लागू हो चुका है। इस नीति का उद्देश्य आयात में पारदर्शिता बढ़ाना और यूरोपीय बाज़ार में प्रतिस्पर्धा को संतुलित करना है।
नई शुल्क व्यवस्था का स्वरूप
EU की सार्वजनिक राजस्व स्वतंत्र प्राधिकरण AADE ने घोषणा की है कि B2C दूरस्थ बिक्री (बी2सी डिस्टेंस सेल्स) के अंतर्गत प्रत्येक कस्टम डिक्लेरेशन लाइन पर 3 यूरो का एकसमान शुल्क वसूला जाएगा। यह छूट पहले 150 यूरो से कम मूल्य के आयातित सामानों पर लागू थी, जिसका व्यापक उपयोग Shein, Temu जैसे चीनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म करते थे। यह नई विशेष शुल्क 1 जुलाई 2028 तक अस्थायी रूप से लागू रहेगी, जिसके बाद सभी ई-कॉमर्स सामानों पर मूल्य की परवाह किए बिना मानक टैरिफ दरें लागू होंगी।
उपभोक्ताओं पर व्यावहारिक असर
नई व्यवस्था का प्रभाव तत्काल और ठोस है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक तीन अलग-अलग उत्पाद मँगाता है, तो प्रत्येक पर 3 यूरो अलग से जुड़ेगा — यानी 6 यूरो के ऑर्डर पर 9 यूरो का अतिरिक्त शुल्क लग सकता है, जिससे कुल लागत 15 यूरो तक पहुँच जाती है। रिपोर्टों के अनुसार, कई ग्राहक इस अप्रत्याशित लागत वृद्धि के कारण अपने ऑर्डर रद्द कर रहे हैं।
जिम्मेदारी और अनुपालन प्रक्रिया
शुल्क के सही भुगतान की जिम्मेदारी डिक्लेरेंट की होती है — जो आमतौर पर प्लेटफॉर्म, विक्रेता या कस्टम प्रतिनिधि होता है। कूरियर कंपनियाँ यह राशि अंतिम उपभोक्ता से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वसूल कर सकती हैं। गौरतलब है कि जहाँ IOSS (Import One-Stop Shop) प्रणाली के तहत VAT संग्रह पहले ही किया जा चुका हो, वहाँ डिलीवरी के समय कोई अतिरिक्त देनदारी नहीं बनती। यह भी स्पष्ट किया गया है कि 1 जुलाई के बाद कस्टम से गुजरने वाले पुराने ऑर्डरों पर भी यह शुल्क लागू होगा।
पारदर्शिता के लिए प्रोडक्ट आइडेंटिफायर
गलत घोषणाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रोडक्ट आइडेंटिफायर (PID) कोड लागू किए जा रहे हैं। ये कोड कस्टम अधिकारियों को सामान की सटीक पहचान और ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करने में सहायता करेंगे। यह प्रणाली प्लेटफॉर्म और गोदामों में सूचीबद्ध कोड को स्कैन करेगी, जिससे कम मूल्य दर्शाकर शुल्क बचाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
व्यापक संदर्भ
यह कदम ऐसे समय में आया है जब EU चीनी ई-कॉमर्स की बाढ़ से अपने घरेलू उद्योग को बचाने के लिए कई मोर्चों पर नीतिगत बदलाव कर रहा है। इससे पहले EU ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाए थे। आलोचकों का कहना है कि यह शुल्क छोटे उपभोक्ताओं पर बोझ डालता है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह यूरोपीय खुदरा विक्रेताओं के लिए एक समान प्रतिस्पर्धी माहौल बनाता है।