28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

परमाणु ऊर्जा उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफ, NPCIL को 2019 से 2026 तक के आयात पर राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
परमाणु ऊर्जा उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफ, NPCIL को 2019 से 2026 तक के आयात पर राहत

सारांश

केंद्र सरकार ने परमाणु रिएक्टरों में काम आने वाले फ्यूल एलिमेंट्स और कार्ट्रिज के आयात पर 2019 से 2026 तक की कस्टम ड्यूटी पूर्वव्यापी रूप से माफ कर दी है। सबसे बड़ा फायदा NPCIL को मिलेगा। साथ ही उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर भी एक्साइज ड्यूटी शून्य की गई है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्रालय ने परमाणु ऊर्जा उपकरणों के आयात पर 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2026 तक की कस्टम ड्यूटी पूर्वव्यापी रूप से माफ की।
छूट गैर-विकिरणित फ्यूल एलिमेंट्स और न्यूक्लियर रिएक्टर कार्ट्रिज के आयात पर लागू होगी।
सबसे अधिक लाभ NPCIL (न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को मिलने की उम्मीद।
सरकार ने 22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर भी एक्साइज ड्यूटी शून्य की।
यह निर्णय भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विस्तार की व्यापक नीति का हिस्सा है।

केंद्र सरकार ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरणों के आयात पर कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) माफ करने का बड़ा फैसला किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह छूट 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए पूर्वव्यापी (retrospective) रूप से लागू होगी। इस निर्णय से परमाणु क्षेत्र की कंपनियों पर पुरानी कर देनदारी समाप्त हो जाएगी।

किन सामानों पर मिली छूट

सरकार की यह राहत मुख्यतः दो श्रेणियों के आयातित सामान पर लागू होती है — गैर-विकिरणित फ्यूल एलिमेंट्स (Non-Irradiated Fuel Elements) और न्यूक्लियर रिएक्टरों में उपयोग होने वाले कार्ट्रिज। ये दोनों सामग्रियाँ परमाणु बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में अनिवार्य भूमिका निभाती हैं और इनके बिना रिएक्टरों का संचालन संभव नहीं है।

पूर्वव्यापी छूट क्यों दी गई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन आयातों पर कस्टम ड्यूटी न लेने की व्यवहारिक परंपरा पहले से ही चली आ रही थी, किंतु इसे कभी औपचारिक अधिसूचना के ज़रिये मान्यता नहीं दी गई थी। अब इस अधिसूचना के माध्यम से उस अवधि के समस्त पात्र आयातों को कानूनी स्पष्टता प्रदान की गई है, ताकि संबंधित कंपनियों पर कोई कर विवाद या देनदारी शेष न रहे। गौरतलब है कि पूर्वव्यापी कर राहत सामान्यतः उद्योग जगत की लंबे समय से चली आ रही माँग होती है।

NPCIL और परमाणु क्षेत्र पर असर

इस फैसले का सबसे अधिक लाभ न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) को मिलने की उम्मीद है, जो देश के सभी परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए फ्यूल असेंबली और अन्य आवश्यक सामग्री का आयात करती है। इसके अतिरिक्त, भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी अन्य पात्र कंपनियों को भी इस छूट का लाभ प्राप्त होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर भी शून्य एक्साइज ड्यूटी

इसी क्रम में सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर भी उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) शून्य कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के विनिर्देशों के अनुरूप 22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल मिश्रण वाले मोटर स्पिरिट पर यह छूट लागू होगी। यह कदम भारत की जैव-ईंधन नीति और पेट्रोल आयात पर निर्भरता कम करने के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा है।

स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में व्यापक रणनीति

परमाणु उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफी और एथेनॉल पेट्रोल पर शून्य एक्साइज ड्यूटी — दोनों निर्णय मिलकर भारत की स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। आने वाले वर्षों में सरकार की योजना परमाणु ऊर्जा की स्थापित क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करने की है, और इस तरह की कर राहतें उस लक्ष्य की आधारशिला बन सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि सात वर्षों तक यह औपचारिक अधिसूचना क्यों लंबित रही — और इस दौरान NPCIL की बैलेंस शीट पर कितनी संभावित देनदारी लटकती रही। परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत स्पष्टता की यह कमी निवेशकों और सार्वजनिक उपक्रमों दोनों के लिए अनिश्चितता का स्रोत रही है। एथेनॉल ड्यूटी छूट के साथ मिलकर यह संकेत देता है कि सरकार कर नीति को ऊर्जा परिवर्तन के एक सक्रिय उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रही है — जो सही दिशा है, बशर्ते क्रियान्वयन में देरी न हो।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमाणु ऊर्जा उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफी का फैसला क्या है?
केंद्र सरकार ने गैर-विकिरणित फ्यूल एलिमेंट्स और न्यूक्लियर रिएक्टर कार्ट्रिज के आयात पर 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2026 तक की कस्टम ड्यूटी पूर्वव्यापी रूप से माफ कर दी है। यह छूट वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के ज़रिये औपचारिक रूप दी गई है।
इस छूट से NPCIL को क्या फायदा होगा?
NPCIL देश के परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए फ्यूल असेंबली और आवश्यक सामग्री आयात करती है, इसलिए इस पूर्वव्यापी माफी से उस पर लंबित कर देनदारी समाप्त हो जाएगी। परमाणु क्षेत्र की अन्य पात्र कंपनियों को भी राहत मिलेगी।
यह छूट पूर्वव्यापी (retrospective) क्यों है?
सरकार के अनुसार, इन आयातों पर कस्टम ड्यूटी न लेने की व्यवहारिक परंपरा पहले से चल रही थी, लेकिन इसे कभी औपचारिक अधिसूचना से मान्यता नहीं मिली थी। अब इस अधिसूचना के ज़रिये उस पूरी अवधि को कानूनी स्पष्टता दी गई है ताकि कोई कर विवाद न रहे।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य करने का क्या मतलब है?
सरकार ने BIS विनिर्देशों के अनुरूप 22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) शून्य कर दी है। यह भारत की जैव-ईंधन नीति और पेट्रोल आयात निर्भरता कम करने के लक्ष्य से जुड़ा कदम है।
भारत की परमाणु ऊर्जा नीति में यह फैसला कितना अहम है?
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी मजबूत करने पर जोर दे रहा है। कर राहत से परमाणु क्षेत्र में आयात लागत घटेगी, जो दीर्घकालिक क्षमता विस्तार में सहायक होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले