परमाणु ऊर्जा उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफ, NPCIL को 2019 से 2026 तक के आयात पर राहत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरणों के आयात पर कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) माफ करने का बड़ा फैसला किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह छूट 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के लिए पूर्वव्यापी (retrospective) रूप से लागू होगी। इस निर्णय से परमाणु क्षेत्र की कंपनियों पर पुरानी कर देनदारी समाप्त हो जाएगी।
किन सामानों पर मिली छूट
सरकार की यह राहत मुख्यतः दो श्रेणियों के आयातित सामान पर लागू होती है — गैर-विकिरणित फ्यूल एलिमेंट्स (Non-Irradiated Fuel Elements) और न्यूक्लियर रिएक्टरों में उपयोग होने वाले कार्ट्रिज। ये दोनों सामग्रियाँ परमाणु बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में अनिवार्य भूमिका निभाती हैं और इनके बिना रिएक्टरों का संचालन संभव नहीं है।
पूर्वव्यापी छूट क्यों दी गई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन आयातों पर कस्टम ड्यूटी न लेने की व्यवहारिक परंपरा पहले से ही चली आ रही थी, किंतु इसे कभी औपचारिक अधिसूचना के ज़रिये मान्यता नहीं दी गई थी। अब इस अधिसूचना के माध्यम से उस अवधि के समस्त पात्र आयातों को कानूनी स्पष्टता प्रदान की गई है, ताकि संबंधित कंपनियों पर कोई कर विवाद या देनदारी शेष न रहे। गौरतलब है कि पूर्वव्यापी कर राहत सामान्यतः उद्योग जगत की लंबे समय से चली आ रही माँग होती है।
NPCIL और परमाणु क्षेत्र पर असर
इस फैसले का सबसे अधिक लाभ न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) को मिलने की उम्मीद है, जो देश के सभी परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए फ्यूल असेंबली और अन्य आवश्यक सामग्री का आयात करती है। इसके अतिरिक्त, भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी अन्य पात्र कंपनियों को भी इस छूट का लाभ प्राप्त होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी सुदृढ़ करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर भी शून्य एक्साइज ड्यूटी
इसी क्रम में सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर भी उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) शून्य कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के विनिर्देशों के अनुरूप 22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल मिश्रण वाले मोटर स्पिरिट पर यह छूट लागू होगी। यह कदम भारत की जैव-ईंधन नीति और पेट्रोल आयात पर निर्भरता कम करने के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा है।
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में व्यापक रणनीति
परमाणु उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी माफी और एथेनॉल पेट्रोल पर शून्य एक्साइज ड्यूटी — दोनों निर्णय मिलकर भारत की स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। आने वाले वर्षों में सरकार की योजना परमाणु ऊर्जा की स्थापित क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करने की है, और इस तरह की कर राहतें उस लक्ष्य की आधारशिला बन सकती हैं।