केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कमी की घोषणा की

Click to start listening
केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कमी की घोषणा की

सारांश

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की है। इससे पेट्रोल की ड्यूटी 3 रुपए और डीजल की ड्यूटी शून्य हो गई है, जिसका उद्देश्य कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को सीमित करना है।

Key Takeaways

  • पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
  • डीजल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य हो गई है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि को सीमित करने का प्रयास।
  • ओएमसी को बढ़ते नुकसान की चुनौती।
  • भारत में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।

नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में कमी करने की घोषणा की है। इसके फलस्वरूप, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी अब केवल 3 रुपए प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर यह शून्य हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका और इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल के प्रभाव को नियंत्रित करना है।

सरकार ने विदेशी विमानों को उपलब्ध कराए जाने वाले ईंधन और ईंधन के निर्यात पर भी एक्साइज शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है।

इसी के साथ, केंद्र ने 2022 की एक पूर्व अधिसूचना को रद्द कर दिया है और आयातित विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर एक्साइज ड्यूटी में छूट दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) इस कटौती को अपने बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए समायोजित करेंगी। वर्तमान में, ओएमसी को ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, जो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण है।

मध्य पूर्व में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। पिछले एक महीने में, बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 40 प्रतिशत बढ़ चुकी है और यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जानबूझकर चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार से प्रभावित न हों, जिसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि भारत के पास कुल 74 दिनों का भंडार है और वर्तमान में लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और गुफाओं में बनाए गए विशेष रणनीतिक भंडारण शामिल हैं)।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व संकट का आज 27वां दिन है, और सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।

Point of View

तेल विपणन कंपनियों के लिए यह चुनौती भी पेश कर सकता है, क्योंकि उन्हें बढ़ते नुकसान को संभालने की आवश्यकता होगी।
NationPress
28/03/2026

Frequently Asked Questions

केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कितनी कमी की है?
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को सीमित करना है।
क्या इसका असर आम जनता पर पड़ेगा?
हां, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी से आम जनता को राहत मिलेगी।
क्या ओएमसी इस कमी को संभाल पाएंगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि ओएमसी को इस कमी को संभालने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
भारत में ईंधन की आपूर्ति की स्थिति कैसी है?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में ईंधन की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है।
Nation Press