9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी: CM योगी बोले — 'डकैती' शब्द क्रांतिकारियों का अपमान, मोदी ने दिया सम्मान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी: CM योगी बोले — 'डकैती' शब्द क्रांतिकारियों का अपमान, मोदी ने दिया सम्मान

सारांश

काकोरी को 'डकैती' कहना क्रांतिकारियों का अपमान था — यह बात CM योगी ने शताब्दी समारोह में दो टूक कही। उनका निशाना उस राजनीतिक परंपरा पर था जिसने दशकों तक स्वतंत्रता सेनानियों को उनका हक नहीं दिया। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी दुष्प्रचार को लेकर युवाओं को सावधान किया।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 9 अगस्त को लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि 'काकोरी डकैती' शब्द क्रांतिकारियों के बलिदान का अपमान है; घटना का सही नाम 'काकोरी ट्रेन एक्शन' है।
PM नरेंद्र मोदी ने इस घटना का नाम बदलकर क्रांतिकारियों को उचित सम्मान दिया — 2014 के बाद से यह बदलाव आया।
रानी लक्ष्मीबाई , ऊदा देवी , झलकारी बाई और अवंतीबाई लोधी जैसी वीरांगनाओं को इतिहास में उचित स्थान न मिलने पर योगी ने खेद जताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया को भारत-विरोधी दुष्प्रचार का नया माध्यम बताते हुए युवाओं को सतर्क रहने की अपील की।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित 'काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह' का शुभारंभ करते हुए स्पष्ट किया कि काकोरी की ऐतिहासिक घटना को 'डकैती' की संज्ञा देना उन क्रांतिकारियों के बलिदान और उनके राष्ट्रीय उद्देश्य को कमतर आँकना है। उन्होंने कहा कि उन वीरों का एकमात्र लक्ष्य भारत को ब्रिटिश दासता से मुक्त कराना था।

'डकैती' शब्द पर योगी का कड़ा विरोध

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने इस घटना को 'डकैती' कहकर क्रांतिकारियों को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि स्वतंत्र भारत में भी लंबे समय तक इसे 'काकोरी डकैती कांड' के नाम से पुकारा जाता रहा। उनके अनुसार, इस शब्दावली ने क्रांतिकारियों को सम्मान देने के बजाय उनका अपमान किया। उन्होंने काकोरी और चौरी चौरा जैसी घटनाओं को इतिहास में उचित स्थान न मिलने पर भी खेद जताया।

आज़ादी के संघर्ष में अनेक योगदान

योगी आदित्यनाथ ने रेखांकित किया कि देश की स्वतंत्रता किसी एक व्यक्ति या एकल विचारधारा की देन नहीं है। लाखों लोगों ने अलग-अलग मोर्चों पर संघर्ष किया और अनगिनत क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि इन बलिदानों को भुलाना देश की युवा पीढ़ी को उसके प्रेरणास्रोतों से दूर करने के समान है।

उन्होंने चौरी चौरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना के बाद कांग्रेस ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। उन्होंने बताया कि पंडित मदन मोहन मालवीय ने चौरी चौरा के आरोपियों का मुकदमा लड़ा, जबकि कुछ स्थानीय नेताओं की भूमिका क्रांतिकारियों के विरुद्ध पैरवी करने में रही।

वीरांगनाओं की उपेक्षा पर चिंता

मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना ऊदा देवी, झलकारी बाई और अवंतीबाई लोधी का नाम लेते हुए कहा कि इन वीरांगनाओं के नाम पर स्मारक और भवन बनाने तक में अड़चनें पैदा की गईं। उनके अनुसार, आज़ादी के बाद नामकरण की राजनीति लंबे समय तक एक परिवार और एक खानदान तक सीमित रही, जिससे वास्तविक नायक उपेक्षित रहे।

सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी दुष्प्रचार की चेतावनी

योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि आज भी जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज को बाँटकर देश को कमज़ोर करने वाली ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने सोशल मीडिया को भारत-विरोधी दुष्प्रचार का नया माध्यम बताते हुए युवाओं से ऐसे किसी भी दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील की।

2014 के बाद बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और शहीदों को उचित सम्मान देने का काम हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को 'काकोरी डकैती' के बजाय 'काकोरी ट्रेन एक्शन' नाम देकर महान क्रांतिकारियों के योगदान को उचित सम्मान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन केवल इतिहास की एक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और बलिदान की प्रेरणा देने वाला अध्याय है। ऐसे समारोहों के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक नायकों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह इसे इतिहास-लेखन से अधिक चुनावी विमर्श बनाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि 'सम्मान' की राजनीति और 'जवाबदेही' की राजनीति एक साथ चल सकती हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काकोरी ट्रेन एक्शन क्या था और यह 'डकैती' से कैसे अलग है?
काकोरी ट्रेन एक्शन 9 अगस्त 1925 को हुई वह घटना थी जिसमें क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश सरकार के खजाने से भरी ट्रेन को रोककर धन लूटा था — उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम को वित्त देना था। अंग्रेजों ने इसे 'डकैती' कहा, जबकि क्रांतिकारियों का लक्ष्य राष्ट्रीय मुक्ति था; CM योगी के अनुसार यही अंतर इसे 'ट्रेन एक्शन' बनाता है।
CM योगी आदित्यनाथ ने काकोरी शताब्दी समारोह में क्या कहा?
CM योगी ने 9 अगस्त को लखनऊ में आयोजित काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह में कहा कि इस घटना को 'डकैती' कहना क्रांतिकारियों के बलिदान का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद भी लंबे समय तक सत्ता में रहने वालों ने क्रांतिकारियों को उचित सम्मान नहीं दिया।
PM मोदी ने काकोरी का नाम कब और क्यों बदला?
CM योगी के अनुसार, PM नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद इस घटना को आधिकारिक रूप से 'काकोरी ट्रेन एक्शन' नाम दिया, जिससे क्रांतिकारियों के योगदान को उचित ऐतिहासिक मान्यता मिल सके। यह कदम स्वतंत्रता संग्राम के उपेक्षित नायकों को सम्मान देने की व्यापक पहल का हिस्सा बताया गया।
चौरी चौरा का काकोरी से क्या संबंध है और CM योगी ने इसका उल्लेख क्यों किया?
CM योगी ने चौरी चौरा का उल्लेख यह बताने के लिए किया कि उस घटना के बाद कांग्रेस ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने आरोपियों का मुकदमा लड़ा। उनके अनुसार, काकोरी और चौरी चौरा — दोनों घटनाओं को इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया।
योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया को लेकर युवाओं को क्या चेतावनी दी?
CM योगी ने सोशल मीडिया को भारत-विरोधी दुष्प्रचार का नया माध्यम बताया और कहा कि इसके ज़रिए अफवाहें फैलाकर समाज को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने युवाओं से ऐसे किसी भी दुष्प्रचार से सावधान रहने और अपने क्रांतिकारी नायकों से प्रेरणा लेने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 6 घंटे पहले
  3. 7 घंटे पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले