काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी: CM योगी बोले — 'डकैती' शब्द क्रांतिकारियों का अपमान, मोदी ने दिया सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित 'काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह' का शुभारंभ करते हुए स्पष्ट किया कि काकोरी की ऐतिहासिक घटना को 'डकैती' की संज्ञा देना उन क्रांतिकारियों के बलिदान और उनके राष्ट्रीय उद्देश्य को कमतर आँकना है। उन्होंने कहा कि उन वीरों का एकमात्र लक्ष्य भारत को ब्रिटिश दासता से मुक्त कराना था।
'डकैती' शब्द पर योगी का कड़ा विरोध
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने इस घटना को 'डकैती' कहकर क्रांतिकारियों को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि स्वतंत्र भारत में भी लंबे समय तक इसे 'काकोरी डकैती कांड' के नाम से पुकारा जाता रहा। उनके अनुसार, इस शब्दावली ने क्रांतिकारियों को सम्मान देने के बजाय उनका अपमान किया। उन्होंने काकोरी और चौरी चौरा जैसी घटनाओं को इतिहास में उचित स्थान न मिलने पर भी खेद जताया।
आज़ादी के संघर्ष में अनेक योगदान
योगी आदित्यनाथ ने रेखांकित किया कि देश की स्वतंत्रता किसी एक व्यक्ति या एकल विचारधारा की देन नहीं है। लाखों लोगों ने अलग-अलग मोर्चों पर संघर्ष किया और अनगिनत क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि इन बलिदानों को भुलाना देश की युवा पीढ़ी को उसके प्रेरणास्रोतों से दूर करने के समान है।
उन्होंने चौरी चौरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना के बाद कांग्रेस ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। उन्होंने बताया कि पंडित मदन मोहन मालवीय ने चौरी चौरा के आरोपियों का मुकदमा लड़ा, जबकि कुछ स्थानीय नेताओं की भूमिका क्रांतिकारियों के विरुद्ध पैरवी करने में रही।
वीरांगनाओं की उपेक्षा पर चिंता
मुख्यमंत्री ने रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना ऊदा देवी, झलकारी बाई और अवंतीबाई लोधी का नाम लेते हुए कहा कि इन वीरांगनाओं के नाम पर स्मारक और भवन बनाने तक में अड़चनें पैदा की गईं। उनके अनुसार, आज़ादी के बाद नामकरण की राजनीति लंबे समय तक एक परिवार और एक खानदान तक सीमित रही, जिससे वास्तविक नायक उपेक्षित रहे।
सोशल मीडिया पर भारत-विरोधी दुष्प्रचार की चेतावनी
योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी दी कि आज भी जाति और क्षेत्र के नाम पर समाज को बाँटकर देश को कमज़ोर करने वाली ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने सोशल मीडिया को भारत-विरोधी दुष्प्रचार का नया माध्यम बताते हुए युवाओं से ऐसे किसी भी दुष्प्रचार से सावधान रहने की अपील की।
2014 के बाद बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और शहीदों को उचित सम्मान देने का काम हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को 'काकोरी डकैती' के बजाय 'काकोरी ट्रेन एक्शन' नाम देकर महान क्रांतिकारियों के योगदान को उचित सम्मान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन केवल इतिहास की एक घटना नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और बलिदान की प्रेरणा देने वाला अध्याय है। ऐसे समारोहों के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के वास्तविक नायकों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।