काशी में जन आक्रोश महिला सम्मेलन: CM योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना, PM मोदी को बताया 'नए भारत का शिल्पकार'
सारांश
Key Takeaways
- 28 अप्रैल को वाराणसी के बरेका इंटर कॉलेज मैदान में जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित हुआ।
- CM योगी आदित्यनाथ ने PM मोदी को 'नए भारत का शिल्पकार' बताया।
- योगी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने संसद व विधानसभाओं में महिलाओं को 33%25 आरक्षण देने में बाधा डाली।
- जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने PM को काष्ठ कलाकृति और जीआई टैग उत्पाद भेंट किए।
- भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं दोपहर से ही कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहीं।
वाराणसी के बरेका इंटर कॉलेज मैदान में 28 अप्रैल को आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 'आधी आबादी' के भीतर विपक्ष के खिलाफ आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन आयोजित किया गया, जिसमें राजनीतिक संदेशों के साथ महिला सशक्तिकरण का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला।
सम्मेलन का आयोजन और स्वागत
सम्मेलन के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागी उपस्थित रहीं। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने प्रधानमंत्री को काष्ठ कलाकृति भेंट की। विभिन्न संगठनों की ओर से जीआई टैग से जुड़े उत्पाद — जरदोजी, मोर आकृति, पंचमुखी गणेश प्रतिमा और नमो घाट के प्रतीक चिह्न — भी स्मृति स्वरूप प्रदान किए गए।
CM योगी का संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से की और प्रधानमंत्री मोदी को 'नए भारत का शिल्पकार' बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश आज तेज़ी से विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें समग्र विकास की अवधारणा को साकार किया जा रहा है। योगी ने काशी के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना के केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है।
विकास परियोजनाएं और महिला आरक्षण
सीएम योगी ने कहा कि बीते वर्षों में काशी में हज़ारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं और कई योजनाएं प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा हज़ारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी प्रस्तावित है। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के अधिकारों को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में उठाए गए कदमों का ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की है।
समग्र विकास की अवधारणा
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया, जिसमें समाज को चार वर्गों — नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता — में विभाजित कर समग्र विकास की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति को मुख्यमंत्री ने जनसमर्थन का संकेत बताया और कहा कि महिलाएं दोपहर से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गई थीं, जो इस सम्मेलन की सफलता और जनविश्वास को दर्शाता है।
आगे क्या
यह सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी दौरे की व्यापक राजनीतिक रूपरेखा का हिस्सा है, जिसमें विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ-साथ आगामी चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए महिला मतदाताओं तक पहुँचने की रणनीति भी स्पष्ट दिखती है।