रामलीला मैदान रैली पर BJP का पलटवार: केशव प्रसाद मौर्य बोले — 'राहुल गांधी जंतर-मंतर पर करेंगे जादू'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की मेगा रैली पर तीखा निशाना साधा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विपक्ष की यह रैली पूरी तरह फ्लॉप रही और अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी जंतर-मंतर पर जाकर 'जादू' करेंगे। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने भी रैली पर कटाक्ष किया।
केशव प्रसाद मौर्य का कटाक्ष
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रामलीला मैदान की रैली को 'फ्लॉप शो' करार देते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक दिल्ली में भीड़ जुटाने में विफल रहा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि अब राहुल गांधी जंतर-मंतर पर जाकर 'जादू' करने की कोशिश करेंगे। मौर्य उस समय दिल्ली में दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जो उत्तर प्रदेश और संस्कृत संस्कृति केंद्रों के संयुक्त तत्वावधान में हुआ था।
मौर्य ने कहा, 'BJP की डबल इंजन सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को समृद्ध बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।' उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों से कहा कि वे उनके सामने आए मुद्दों को लिखित में सर्किट हाउस में दें, ताकि उनका समाधान किया जा सके।
VHP अध्यक्ष ने रैली को राजनीतिक बताया
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में हुईं कई रैलियाँ — जिनमें रामलीला मैदान की रैली और एक अलग जुलूस शामिल हैं — विशुद्ध रूप से राजनीतिक मकसद से प्रेरित थीं। कुमार ने कहा कि राजनीति में अब एक ट्रेंड बन गया है जहाँ नेता अपनी तारीफ करने और दूसरों की कमियाँ उजागर करने में जुटे रहते हैं।
मीनाक्षी लेखी का संसद व्यवहार पर तंज
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने परोक्ष रूप से विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे युवा पीढ़ी की ओर से तो बोल सकते हैं, लेकिन युवा पीढ़ी के प्रतिनिधि नहीं बन सकते। लेखी ने कहा, 'मैं खुद को मध्यम आयु की महिला कहती हूं क्योंकि आज मेरे बच्चे युवा हैं।'
लेखी ने विपक्षी सांसदों के संसद में बाधा डालने के आचरण पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग संसद सदस्य बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, उन्हें मॉक पार्लियामेंट की बजाय एक 'मॉडल संसद' चलानी चाहिए ताकि मौजूदा सांसद सीख सकें कि सदन में कैसे व्यवहार करना है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक दिल्ली में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि रामलीला मैदान की रैली को विपक्ष ने अपनी शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया था। BJP नेताओं की यह तीखी प्रतिक्रिया दोनों खेमों के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव की बानगी है। आने वाले समय में दोनों पक्षों के बीच यह जुबानी जंग और तेज़ होने की संभावना है।