CM योगी की दीपावली अपील: हर जरूरतमंद घर तक पहुँचे उत्सव का उजाला, स्थानीय कारीगरों को दें प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 नवंबर 2026 को दीपावली के उपलक्ष्य में प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए एक भावपूर्ण अपील की — इस बार पर्व की खुशियाँ केवल अपने घरों की चारदीवारी तक सीमित न रखें, बल्कि आर्थिक रूप से कमज़ोर पड़ोसी परिवारों के जीवन में भी दीप का प्रकाश फैलाएँ। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की दीपावली आर्थिक अभाव के कारण फीकी नहीं पड़नी चाहिए।
सामाजिक समरसता का आह्वान
मुख्यमंत्री ने शनिवार को जारी अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली का वास्तविक आनंद तभी संपूर्ण होता है, जब इसकी प्रसन्नता समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि अपने आसपास ऐसे परिवारों का विशेष ध्यान रखें, जिनके यहाँ त्योहार का उल्लास आर्थिक कठिनाइयों के चलते सीमित रह जाता है। योगी ने कहा, "खुशियाँ बाँटने से समाज में आत्मीयता, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है।"
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में दीपावली को लेकर सरकारी और सामाजिक स्तर पर व्यापक आयोजन किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि अयोध्या में राज्य सरकार प्रतिवर्ष दीपोत्सव का आयोजन करती है, जो अब वैश्विक पहचान पा चुका है।
स्थानीय कारीगरों और कुम्हारों को समर्थन की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से दीपावली की खरीदारी में स्थानीय कुम्हारों, हस्तशिल्पियों और छोटे कारोबारियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीये, बाती और माटी कला से जुड़े उत्पाद खरीदने से इन परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। उनके अनुसार, "त्योहार की खरीदारी में स्थानीय कारीगरों को महत्व देना उनके परिश्रम का सम्मान है।"
यह अपील 'वोकल फॉर लोकल' की उस भावना से मेल खाती है जो केंद्र और राज्य दोनों सरकारें बढ़ावा देती रही हैं। स्थानीय हस्तशिल्प क्षेत्र, विशेष रूप से कुम्हार समुदाय, त्योहारी सीज़न में अपनी वार्षिक आमदनी का एक बड़ा हिस्सा अर्जित करता है।
सनातन संस्कृति और अयोध्या का महत्व
मुख्यमंत्री ने दीपावली को केवल दीप जलाने का पर्व न कहते हुए इसे "सनातन संस्कृति की आस्था, आध्यात्मिक चेतना और लोकमंगल की भावना से जुड़ा महापर्व" बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का संदेश देता है। भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आगमन की स्मृति में मनाया जाने वाला यह पर्व सदियों से भारतीय जनमानस की आस्था का प्रतीक रहा है।
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश का यह सौभाग्य है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या इसी प्रदेश में स्थित है। दीपोत्सव के ज़रिए अयोध्या की दीपावली परंपरा को नई भव्यता और वैश्विक पहचान मिली है।
स्वच्छता और पर्यावरण का संदेश
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों से दीपावली को स्वच्छता की प्रेरणा के रूप में भी लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने घर, गली, मोहल्ले और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखना इस पर्व की सच्ची भावना है। साथ ही, उन्होंने पारंपरिक दीपों के साथ पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने की भी अपील की।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, आरोग्य, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश शांति, सद्भाव और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे। यह संदेश राज्य सरकार के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसमें दीपावली को सामाजिक समरसता और आर्थिक समावेश के अवसर के रूप में देखा जाता है।