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धनतेरस पर योगी की अपील: ODOP उत्पाद खरीदें, 'लोकल वाली दिवाली' मनाएं

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धनतेरस पर योगी की अपील: ODOP उत्पाद खरीदें, 'लोकल वाली दिवाली' मनाएं

सारांश

धनतेरस पर CM योगी ने 'लोकल वाली दिवाली' का आह्वान किया — ODOP उत्पाद खरीदें, कारीगरों को सशक्त करें। UP का निर्यात ₹84 हज़ार करोड़ से ₹2 लाख करोड़ पार पहुँचा। भदोही के कालीन से लेकर चित्रकूट के काष्ठ खिलौनों तक, यह त्योहार अब आत्मनिर्भरता का संदेश बन गया है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर 2026 को धनतेरस पर ODOP उत्पादों को उपहार स्वरूप चुनने की अपील की।
उन्होंने अभियान को 'लोकल वाली दिवाली' नाम दिया, प्रधानमंत्री मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' विज़न से जोड़ा।
UP का निर्यात 2016-17 के ₹84 हज़ार करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹2 लाख करोड़ पार हुआ।
भदोही कालीन, प्रयागराज मूंज शिल्प, मैनपुरी तारकशी और चित्रकूट काष्ठ खिलौने प्रमुख ODOP उत्पादों में शामिल।
लखनऊ, ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट और भदोही के 'कार्पेट बाज़ार' से UP शिल्प को वैश्विक पहचान मिल रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर 2026 को धन्वंतरि जयंती और धनतेरस के अवसर पर प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस बार उपहार के रूप में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना के तहत तैयार स्थानीय शिल्प उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने इसे 'लोकल वाली दिवाली' का नाम देते हुए कहा कि हर खरीदारी एक हुनरमंद परिवार के जीवन में स्वावलंबन का दीप जला सकती है।

मुख्यमंत्री की अपील और 'वोकल फॉर लोकल' विज़न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'धनतेरस का पावन पर्व समृद्धि, शुभता और मंगल का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर अपने उत्सव के उल्लास में प्रदेश के उन कर्मठ कारीगरों और शिल्पकारों को भी सहभागी बनाएं, जिनकी कला और अनवरत साधना हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी समृद्ध कर रही है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के विज़न को इस त्योहारी खरीदारी से जोड़ते हुए नागरिकों से ओडीओपी उत्पाद चुनने की अपील की।

उत्तर प्रदेश के प्रमुख ODOP उत्पाद

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से भदोही के विश्वप्रसिद्ध कालीन, प्रयागराज के मूंज शिल्प, मैनपुरी की तारकशी और चित्रकूट के काष्ठ खिलौनों का उल्लेख करते हुए इन्हें उत्तर प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बताया। ये उत्पाद न केवल स्थानीय परंपराओं के वाहक हैं, बल्कि हज़ारों कारीगर परिवारों की आजीविका का आधार भी हैं।

निर्यात में ऐतिहासिक उछाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का निर्यात वर्ष 2016-17 के ₹84 हज़ार करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025-26 में ₹2 लाख करोड़ के पार पहुँच गया है। यह उछाल प्रदेश के शिल्पकारों और दस्तकारों की उद्यमशीलता तथा ओडीओपी जैसी नीतिगत पहलों के सम्मिलित प्रभाव का प्रमाण है।

वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश का शिल्प

लखनऊ और ग्रेटर नोएडा के आधुनिक एक्सपो मार्ट तथा भदोही का 'कार्पेट बाज़ार' आज प्रदेश के पारंपरिक शिल्पों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रहे हैं। गौरतलब है कि ओडीओपी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ा जा रहा है।

आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में आह्वान

मुख्यमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'आपकी एक खरीदारी किसी हुनरमंद परिवार के आंगन में स्वावलंबन और सम्मान का दीप प्रज्वलित कर सकती है।' उन्होंने प्रदेशवासियों से 'लोकल वाली दिवाली' मनाने और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न में स्थानीय शिल्पकारों की आय और रोज़गार पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है — और उपभोक्ताओं की प्राथमिकता सीधे उनके जीवन को प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या त्योहारी सीज़न की एक अपील से कारीगरों की साल भर की आजीविका में कोई बदलाव आता है। UP का ₹2 लाख करोड़ का निर्यात आँकड़ा प्रभावशाली है, परंतु इसमें से ODOP शिल्पकारों की प्रत्यक्ष हिस्सेदारी कितनी है — यह स्पष्ट नहीं किया गया। गौरतलब है कि ओडीओपी योजना 2018 से चल रही है और इसके बावजूद अनेक ज़िलों के कारीगर अभी भी मध्यस्थों पर निर्भर हैं। बिना खुदरा पहुँच और डिजिटल मार्केटिंग के ढाँचे को मज़बूत किए, यह अपील केवल त्योहारी उत्साह तक सीमित रह सकती है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना क्या है?
ODOP उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, जिसके तहत प्रदेश के सभी 75 ज़िलों के एक विशिष्ट पारंपरिक उत्पाद को बढ़ावा दिया जाता है। इसका उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों और दस्तकारों को बाज़ार, वित्त और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना है।
CM योगी ने धनतेरस पर क्या अपील की है?
CM योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों से इस धनतेरस ODOP उत्पादों को उपहार स्वरूप खरीदने की अपील की। उन्होंने इसे 'लोकल वाली दिवाली' का नाम दिया और इसे 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' से जोड़ा।
उत्तर प्रदेश के कौन-से ODOP उत्पाद प्रमुख हैं?
CM योगी ने भदोही के विश्वप्रसिद्ध कालीन, प्रयागराज का मूंज शिल्प, मैनपुरी की तारकशी और चित्रकूट के काष्ठ खिलौनों को UP की विशिष्ट पहचान बताया। ये उत्पाद स्थानीय कारीगर परिवारों की मुख्य आजीविका हैं।
उत्तर प्रदेश का निर्यात कितना बढ़ा है?
उत्तर प्रदेश का निर्यात वर्ष 2016-17 के ₹84 हज़ार करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025-26 में ₹2 लाख करोड़ के पार पहुँच गया है। CM योगी ने इसे ODOP शिल्पकारों और दस्तकारों की उद्यमशीलता का प्रमाण बताया।
'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल वाली दिवाली' में क्या संबंध है?
'वोकल फॉर लोकल' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आह्वान है, जिसमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। CM योगी ने इसी विज़न को त्योहारी सीज़न में 'लोकल वाली दिवाली' के रूप में उत्तर प्रदेश के ODOP उत्पादों से जोड़कर अमलीजामा पहनाने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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