धनतेरस पर योगी की अपील: ODOP उत्पाद खरीदें, 'लोकल वाली दिवाली' मनाएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर 2026 को धन्वंतरि जयंती और धनतेरस के अवसर पर प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस बार उपहार के रूप में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना के तहत तैयार स्थानीय शिल्प उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने इसे 'लोकल वाली दिवाली' का नाम देते हुए कहा कि हर खरीदारी एक हुनरमंद परिवार के जीवन में स्वावलंबन का दीप जला सकती है।
मुख्यमंत्री की अपील और 'वोकल फॉर लोकल' विज़न
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'धनतेरस का पावन पर्व समृद्धि, शुभता और मंगल का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर अपने उत्सव के उल्लास में प्रदेश के उन कर्मठ कारीगरों और शिल्पकारों को भी सहभागी बनाएं, जिनकी कला और अनवरत साधना हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी समृद्ध कर रही है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के विज़न को इस त्योहारी खरीदारी से जोड़ते हुए नागरिकों से ओडीओपी उत्पाद चुनने की अपील की।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख ODOP उत्पाद
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से भदोही के विश्वप्रसिद्ध कालीन, प्रयागराज के मूंज शिल्प, मैनपुरी की तारकशी और चित्रकूट के काष्ठ खिलौनों का उल्लेख करते हुए इन्हें उत्तर प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बताया। ये उत्पाद न केवल स्थानीय परंपराओं के वाहक हैं, बल्कि हज़ारों कारीगर परिवारों की आजीविका का आधार भी हैं।
निर्यात में ऐतिहासिक उछाल
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश का निर्यात वर्ष 2016-17 के ₹84 हज़ार करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025-26 में ₹2 लाख करोड़ के पार पहुँच गया है। यह उछाल प्रदेश के शिल्पकारों और दस्तकारों की उद्यमशीलता तथा ओडीओपी जैसी नीतिगत पहलों के सम्मिलित प्रभाव का प्रमाण है।
वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश का शिल्प
लखनऊ और ग्रेटर नोएडा के आधुनिक एक्सपो मार्ट तथा भदोही का 'कार्पेट बाज़ार' आज प्रदेश के पारंपरिक शिल्पों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रहे हैं। गौरतलब है कि ओडीओपी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों के विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ा जा रहा है।
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में आह्वान
मुख्यमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'आपकी एक खरीदारी किसी हुनरमंद परिवार के आंगन में स्वावलंबन और सम्मान का दीप प्रज्वलित कर सकती है।' उन्होंने प्रदेशवासियों से 'लोकल वाली दिवाली' मनाने और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। यह अभियान ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न में स्थानीय शिल्पकारों की आय और रोज़गार पर सबसे ज़्यादा असर पड़ता है — और उपभोक्ताओं की प्राथमिकता सीधे उनके जीवन को प्रभावित कर सकती है।