क्या वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट को प्रोत्साहित करना आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है?: एसपी सिंह बघेल

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क्या वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट को प्रोत्साहित करना आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है?: एसपी सिंह बघेल

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की है। एसपी सिंह बघेल ने ओडीओपी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण कहा। आइए जानें, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के फायदे।

Key Takeaways

  • स्वदेशी उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण है।
  • ओडीओपी योजना स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देती है।
  • त्योहारों पर स्वदेशी सामान खरीदने का महत्व है।
  • स्वच्छता से संबंधित जन जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
  • स्थानीय कारीगरों की सहायता करना देश को सशक्त बनाता है।

नई दिल्ली, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित करते हुए स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्वच्छता को बढ़ावा देने की अपील की।

उन्होंने स्वदेशी को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताते हुए लोगों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने त्योहारी सीजन में स्वदेशी सामान खरीदने पर जोर दिया ताकि देश का पैसा देश में ही रहे और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा मिले।

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से पीएम मोदी ने पूरे देश से स्वदेशी अपनाने की अपेक्षा की है।

उन्होंने ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना हर जिले की परंपरागत विशेषताओं को बढ़ावा देती है। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने आगरा के पेठे, फिरोजाबाद की चूड़ियों, अलीगढ़ के तालों, हाथरस की हींग और खुर्जा के चीनी मिट्टी के बर्तनों का उल्लेख किया।

बघेल ने कहा कि प्रत्येक जिले का अपना एक स्वदेशी उत्पाद है, जिसे प्रोत्साहित करना आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है।

उन्होंने त्योहारी सीजन में स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी पर बल देते हुए कहा कि रक्षाबंधन, दीपावली जैसे त्योहारों पर लोग विदेशी सामान, जैसे चीनी राखियां, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, दिए और झालरें खरीदते हैं, जिससे देश का पैसा विदेश चला जाता है। ऐसे में हमें स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए।

एसपी सिंह बघेल ने स्वदेशी जागरण मंच का हवाला देते हुए कहा कि यह संगठन लंबे समय से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। उन्होंने प्रजापति समाज जैसे कारीगर समुदायों का भी जिक्र किया, जो मूर्तियां और दिए बनाते हैं। उन्होंने लोगों से विदेशी उत्पादों के बजाय स्थानीय कारीगरों के सामान खरीदने की अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में स्वच्छता पर भी जोर दिया और स्वच्छ भारत अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। एसपी सिंह बघेल ने कहा कि स्वदेशी और स्वच्छता का संदेश देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे स्थानीय उत्पादों को अपनाएं और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहें, ताकि भारत एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बन सके।

Point of View

बल्कि यह देश के सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत बनाता है। स्वदेशी सामान की खरीद से हम अपने स्थानीय कारीगरों की आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकते हैं, जिससे राष्ट्र की समृद्धि में योगदान होता है।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना का उद्देश्य क्या है?
यह योजना हर जिले की विशेषताओं को बढ़ावा देती है और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करती है।
स्वदेशी उत्पादों को खरीदने के क्या फायदे हैं?
स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है और कारीगरों को आर्थिक सहायता मिलती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छता पर क्यों जोर दिया?
स्वच्छता एक स्वस्थ और विकसित समाज के लिए आवश्यक है, और इसे जन-आंदोलन बनाना आवश्यक है।