16 अक्टूबर 2026
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विश्व खाद्य दिवस 2026: शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने अन्न बर्बादी रोकने का संकल्प लिया

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विश्व खाद्य दिवस 2026: शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने अन्न बर्बादी रोकने का संकल्प लिया

सारांश

विश्व खाद्य दिवस पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक — सभी ने एक सुर में अन्न की बर्बादी रोकने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। भारतीय संस्कृति में अन्न को देवतुल्य मानने की परंपरा को केंद्र में रखकर की गई यह राजनीतिक एकजुटता एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश देती है।

मुख्य बातें

विश्व खाद्य दिवस पर 16 अक्टूबर 2026 को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्न बर्बादी रोकने का आह्वान किया।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने हर थाली तक भोजन पहुँचाने में योगदान की अपील की।
हरियाणा CM नायब सैनी , बिहार CM सम्राट चौधरी , MP CM मोहन यादव , राजस्थान CM भजनलाल शर्मा ने भी एक्स पर संदेश साझा किए।
सभी नेताओं ने भारतीय संस्कृति में अन्न के महत्व को रेखांकित करते हुए पौष्टिक आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
वैश्विक स्तर पर उत्पादित भोजन का लगभग एक तिहाई हिस्सा बर्बाद होता है — यह संदर्भ इन अपीलों को और अधिक प्रासंगिक बनाता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 16 अक्टूबर 2026 को विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर देशवासियों से अन्न की बर्बादी रोकने की अपील की। उनके साथ केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी अपने अपने संदेश एक्स पर साझा किए।

कृषि मंत्री का संदेश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, "अन्न ही जीवन है, अन्न ही परब्रह्म है। भारतीय संस्कृति में अन्न को देवत्व का स्थान प्राप्त है। अन्न का प्रत्येक दाना अमूल्य ही नहीं, अपितु जीवनदायी है।" उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि जितनी आवश्यकता हो उतना ही पकाएं और थाली में उतना ही लें जितनी भूख हो। चौहान ने यह संकल्प दिलाया कि "कम से कम हमारे आस पास कोई भी भूखा न रहे।"

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की अपील

कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि "हर थाली तक भोजन पहुंचाने में अपना योगदान दें" और अन्न के हर दाने का आदर करने का आह्वान किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती किसानों के परिश्रम से अन्न समृद्धि का प्रतीक बनी है और प्रत्येक व्यक्ति तक पौष्टिक आहार पहुँचाना सबकी जिम्मेदारी है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे "सामूहिक जिम्मेदारी" बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति तक पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन पहुँचाना अनिवार्य है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोजन की बर्बादी रोकने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के संकल्प की बात कही।

राज्य स्तरीय प्रतिक्रियाएँ

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि "अन्न के हर दाने का आदर करें और बर्बादी को पूरी तरह रोकने का प्रयास करें।" उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन अपनाने की अपील करते हुए कहा कि "स्वस्थ भोजन ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।"

विश्व खाद्य दिवस का महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर खाद्य असुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार दुनिया में उत्पादित कुल भोजन का लगभग एक तिहाई हिस्सा बर्बाद हो जाता है। भारत में भी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में खाद्य अपव्यय एक चिंताजनक स्थिति है। गौरतलब है कि विश्व खाद्य दिवस प्रत्येक वर्ष 16 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की स्थापना की वर्षगाँठ पर मनाया जाता है।

आगे क्या

नेताओं की इन अपीलों के बाद खाद्य सुरक्षा और अन्न संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियानों में तेज़ी आने की उम्मीद है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर अन्न बचाने से जुड़ी नीतिगत पहलों को मज़बूती मिल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये अपीलें नीतिगत कार्रवाई में बदलती हैं। भारत में अन्न बर्बादी की समस्या केवल जन जागरूकता से नहीं सुलझेगी — इसके लिए कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, खाद्य प्रसंस्करण नीति और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संरचनात्मक सुधार ज़रूरी हैं। कृषि मंत्री का पद संभालने वाले शिवराज सिंह चौहान के पास इन अपीलों को ठोस योजनाओं में ढालने का अवसर है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व खाद्य दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व खाद्य दिवस प्रत्येक वर्ष 16 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की स्थापना की वर्षगाँठ पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य वैश्विक भूख और खाद्य असुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्व खाद्य दिवस पर क्या कहा?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि अन्न को देवत्व का स्थान प्राप्त है और नागरिकों को जितनी ज़रूरत हो उतना ही पकाना और थाली में लेना चाहिए। उन्होंने संकल्प लेने का आह्वान किया कि आस पास कोई भूखा न रहे।
इस अवसर पर किन किन नेताओं ने संदेश दिए?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, हरियाणा CM नायब सैनी, बिहार CM सम्राट चौधरी, MP CM मोहन यादव, राजस्थान CM भजनलाल शर्मा और UP BJP अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एक्स पर संदेश साझा किए। सभी ने अन्न बर्बादी रोकने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
अन्न की बर्बादी भारत के लिए क्यों बड़ी समस्या है?
संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार वैश्विक स्तर पर उत्पादित भोजन का लगभग एक तिहाई हिस्सा बर्बाद होता है। भारत में भी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में खाद्य अपव्यय गंभीर चिंता का विषय है, जबकि करोड़ों लोग अभी भी पर्याप्त पोषण से वंचित हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने क्या संकल्प लिया?
हरियाणा CM नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि वे संकल्प लेते हैं कि अन्न का सम्मान करेंगे, उसकी बर्बादी रोकेंगे और प्रत्येक व्यक्ति तक पौष्टिक आहार पहुँचाने में योगदान देंगे। उन्होंने हरियाणा की कृषि समृद्धि का उल्लेख करते हुए किसानों के परिश्रम को नमन किया।
राष्ट्र प्रेस
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