विश्व खाद्य दिवस 2026: शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने अन्न बर्बादी रोकने का संकल्प लिया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 16 अक्टूबर 2026 को विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर देशवासियों से अन्न की बर्बादी रोकने की अपील की। उनके साथ केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी अपने अपने संदेश एक्स पर साझा किए।
कृषि मंत्री का संदेश
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, "अन्न ही जीवन है, अन्न ही परब्रह्म है। भारतीय संस्कृति में अन्न को देवत्व का स्थान प्राप्त है। अन्न का प्रत्येक दाना अमूल्य ही नहीं, अपितु जीवनदायी है।" उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि जितनी आवश्यकता हो उतना ही पकाएं और थाली में उतना ही लें जितनी भूख हो। चौहान ने यह संकल्प दिलाया कि "कम से कम हमारे आस पास कोई भी भूखा न रहे।"
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की अपील
कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि "हर थाली तक भोजन पहुंचाने में अपना योगदान दें" और अन्न के हर दाने का आदर करने का आह्वान किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती किसानों के परिश्रम से अन्न समृद्धि का प्रतीक बनी है और प्रत्येक व्यक्ति तक पौष्टिक आहार पहुँचाना सबकी जिम्मेदारी है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे "सामूहिक जिम्मेदारी" बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति तक पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन पहुँचाना अनिवार्य है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोजन की बर्बादी रोकने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के संकल्प की बात कही।
राज्य स्तरीय प्रतिक्रियाएँ
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा कि "अन्न के हर दाने का आदर करें और बर्बादी को पूरी तरह रोकने का प्रयास करें।" उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन अपनाने की अपील करते हुए कहा कि "स्वस्थ भोजन ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।"
विश्व खाद्य दिवस का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर खाद्य असुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार दुनिया में उत्पादित कुल भोजन का लगभग एक तिहाई हिस्सा बर्बाद हो जाता है। भारत में भी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में खाद्य अपव्यय एक चिंताजनक स्थिति है। गौरतलब है कि विश्व खाद्य दिवस प्रत्येक वर्ष 16 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की स्थापना की वर्षगाँठ पर मनाया जाता है।
आगे क्या
नेताओं की इन अपीलों के बाद खाद्य सुरक्षा और अन्न संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियानों में तेज़ी आने की उम्मीद है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर अन्न बचाने से जुड़ी नीतिगत पहलों को मज़बूती मिल सकती है।