शिवराज सिंह चौहान का बयान: कृषि जीवन का आधार, केवल उत्पादन नहीं

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शिवराज सिंह चौहान का बयान: कृषि जीवन का आधार, केवल उत्पादन नहीं

सारांश

जयपुर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में अपने विचार साझा किए। उन्होंने कृषि के महत्व, खाद्य सुरक्षा, और किसानों की समृद्धि पर जोर दिया। जानें, उन्होंने क्या कहा।

Key Takeaways

  • कृषि केवल अन्न उत्पादन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है।
  • खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
  • किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करना आवश्यक है।
  • प्राकृतिक खेती और तिलहन मिशन पर चर्चा की जाएगी।
  • कृषि क्षेत्र में संवाद का सशक्त माध्यम है यह सम्मेलन।

जयपुर, ७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार को जयपुर में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन के उद्घाटन से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'एक पौधा मां के नाम' पहल के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह क्षेत्रीय सम्मेलन कृषि के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श का एक मंच है। कृषि केवल अन्न उत्पादन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन का आधार है। आज के समय में खाद्य सुरक्षा का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि देश की १४० करोड़ आबादी के लिए पर्याप्त अनाज, फल, सब्जियां और दूध सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए हैं। पहला लक्ष्य देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी परिस्थिति में लोगों को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े। दूसरा लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

उन्होंने कहा कि केवल भंडार भरना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों की समृद्धि भी उतनी ही आवश्यक है। तीसरा लक्ष्य देशवासियों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना और भारत को वैश्विक स्तर पर खाद्यान्न आपूर्ति में सक्षम बनाना है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकार ने कई रणनीतियां तैयार की हैं। इनमें कृषि उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करना शामिल है।

उन्होंने यह भी बताया कि सम्मेलन में तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए मिशन, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और एकीकृत कृषि प्रणाली जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि देश में खाद्य तेलों की कमी को दूर करने के लिए तिलहन मिशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, प्राकृतिक खेती के जरिए पर्यावरण संरक्षण और लागत में कमी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने के लिए ठोस दिशा तय होगी।

शिवराज सिंह ने कहा कि इस तरह के क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन न केवल नीतियों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि किसानों और विशेषज्ञों के बीच संवाद का भी सशक्त माध्यम हैं, जिससे कृषि क्षेत्र का समग्र विकास संभव हो सकेगा।

Point of View

जो देश के विकास में सहायक होगा।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

कृषि सम्मेलन में किसने भाग लिया?
कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाग लिया।
कृषि मंत्री ने किस पहल के तहत पौधारोपण किया?
कृषि मंत्री ने 'एक पौधा मां के नाम' पहल के तहत पौधारोपण किया।
सरकार के क्या तीन प्रमुख लक्ष्य हैं?
सरकार के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आय बढ़ाना और बेहतर पोषण उपलब्ध कराना।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए क्या रणनीतियां हैं?
कृषि उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन लागत कम करना और किसानों को उचित मूल्य दिलाना रणनीतियों में शामिल हैं।
तिलहन मिशन का महत्व क्या है?
तिलहन मिशन खाद्य तेलों की कमी को दूर करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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