क्या किसान ही भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा हैं? : शिवराज सिंह चौहान

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क्या किसान ही भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा हैं? : शिवराज सिंह चौहान

सारांश

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में किसानों और कृषि पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कृषि को अर्थव्यवस्था की रीढ़ और किसानों को उसकी आत्मा बताया। आइए जानें उनके विचार और सरकार की योजनाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा हैं।
  • सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार।
  • जलवायु परिवर्तन से चुनौतियाँ हैं, लेकिन नए उपाय भी हैं।
  • गेहूं उत्पादन में 44 प्रतिशत वृद्धि।
  • वैज्ञानिकों के सहयोग से आत्मनिर्भरता।

ग्वालियर, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को ग्वालियर आए। इस अवसर पर उन्होंने किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहराई से चर्चा की। उन्होंने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और किसानों को उसकी आत्मा करार दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की सेवा हमारे लिए भगवान की पूजा के समान है।

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले दस वर्षों में कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य उत्पादन में वृद्धि, लागत में कमी, उपज का उचित मूल्य और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को राहत देना है।

उन्होंने विशेष रूप से गेहूं उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय किसानों की प्रमुख फसल है, लेकिन यह जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बदलते मौसम के कारण गेहूं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में लगभग 44 प्रतिशत उत्पादन में वृद्धि हुई है और गेहूं के उत्पादन में भी नए रिकॉर्ड स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ऐसी नई किस्मों के विकास पर काम कर रही है जो बढ़ते तापमान और कम पानी की स्थिति में भी अधिक उत्पादन दे सकें। चौहान ने विश्वास जताया कि वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के सहयोग से भारत गेहूं उत्पादन में ना केवल आत्मनिर्भर होगा बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इसी क्रम में शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (आरवीएसकेवीवी) में पौधरोपण भी किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के तहत आज ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (आरवीएसकेवीवी) परिसर में पौधा रोपा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।"

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाया गया है कि कृषि क्षेत्र में सुधार से देश की अर्थव्यवस्था को कैसे गति मिल सकती है। यह आवश्यक है कि सरकारें किसानों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाएं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

किसान भारतीय अर्थव्यवस्था में कितने महत्वपूर्ण हैं?
किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जिनके बिना कृषि क्षेत्र की प्रगति संभव नहीं है।
सरकार ने किसानों के लिए क्या योजनाएँ बनाई हैं?
सरकार ने उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और आपदा के समय राहत देने के लिए कई योजनाएँ बनाई हैं।