13 जुलाई 2026
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शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सम्मेलन में किसानों को प्रणाम, रिकॉर्ड 3,765 लाख टन उत्पादन का अनुमान

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शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सम्मेलन में किसानों को प्रणाम, रिकॉर्ड 3,765 लाख टन उत्पादन का अनुमान

सारांश

जलवायु परिवर्तन और अल नीनो की आशंकाओं के बीच भी भारतीय किसानों ने 3,765 लाख टन के रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान हासिल किया। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ अभियान 2026 सम्मेलन में अन्नदाताओं को प्रणाम करते हुए खाद्य सुरक्षा को देश की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

मुख्य बातें

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 मई 2026 को पूसा IARI, नई दिल्ली में 'राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन — खरीफ अभियान 2026' का उद्घाटन किया।
इस वर्ष कुल खाद्यान्न उत्पादन 3,765.63 लाख टन रहने का अनुमान, जो पिछले वर्ष से 188 लाख टन अधिक है।
चौहान ने 'वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम' की भावना पर जोर देते हुए राज्यों को योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
अल नीनो को लेकर मंत्री ने कहा — अभी कोई अंतिम अनुमान नहीं, परिस्थिति के अनुसार कार्ययोजना बनेगी।
सम्मेलन के दूसरे दिन राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ खरीफ रोडमैप तैयार किया जाएगा।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 मई 2026 को नई दिल्ली के पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) में दो दिवसीय 'राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन — खरीफ अभियान 2026' का उद्घाटन किया। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच किसानों की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए उन्होंने देश के अन्नदाताओं को हृदय से नमन किया। सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और राज्य अधिकारियों ने खेती से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान

मंत्री चौहान ने सम्मेलन में तृतीय अग्रिम अनुमान जारी करते हुए बताया कि इस वर्ष कुल खाद्यान्न उत्पादन 3,765.63 लाख टन रहने का अनुमान है — जो पिछले वर्ष की तुलना में 188 लाख टन अधिक है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए किसानों, IARI के वैज्ञानिकों और राज्यों के अधिकारियों को बधाई दी। यह ऐसे समय में आया है जब अल नीनो के प्रभाव को लेकर कृषि क्षेत्र में चिंता व्याप्त थी।

किसानों की सराहना और 'अन्नदाता' की भावना

चौहान ने कहा, 'विपरीत परिस्थितियों और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच भी हमारे किसानों ने रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन कर देश का गौरव बढ़ाया है। मैं देश के अन्नदाताओं को हृदय से प्रणाम करता हूं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 140 करोड़ लोगों वाला भारत खाद्य सुरक्षा के लिए दुनिया पर निर्भर नहीं रह सकता और इसीलिए किसानों को 'अन्नदाता' यानी जीवनदाता कहा जाता है।

राज्यों की भूमिका और अधिकारियों को कड़ा संदेश

मंत्री ने 'वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम' की भावना पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएँ राज्यों के माध्यम से ही ज़मीन पर उतरती हैं। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि यह पद केवल वेतन के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने के लिए है। चौहान ने सख्त लहजे में कहा कि जो अधिकारी इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में भाग नहीं लेते, वे अपने पद के योग्य नहीं हैं और उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए।

अल नीनो पर सतर्कता, घबराहट नहीं

अल नीनो की संभावित चुनौती पर चौहान ने कहा कि अभी कोई अंतिम अनुमान नहीं आया है और यह केवल अटकलें हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जैसी परिस्थिति होगी, उसी के अनुसार कार्ययोजना बनाई जाएगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में अल नीनो के कारण खरीफ उत्पादन प्रभावित हुआ था, इसलिए इस बार सरकार पहले से सतर्क है।

सम्मेलन का दूसरा दिन और आगे की राह

सम्मेलन के दूसरे दिन राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ खरीफ फसल की तैयारियों और रणनीति पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा। सम्मेलन में खेती की उन्नति, किसानों की आय दोगुनी करने और भारत को विकसित तथा आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया गया। यह सम्मेलन खरीफ सीजन की सरकारी तैयारियों का केंद्रीय मंच बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

765 लाख टन का यह अनुमान निस्संदेह उत्साहजनक है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब अल नीनो का अंतिम प्रभाव सामने आएगा — और सरकार की 'घबराने की ज़रूरत नहीं' वाली भाषा तैयारी की पुष्टि नहीं करती। 'किसानों की आय दोगुनी करने' का संकल्प इस सम्मेलन में भी दोहराया गया, जबकि यह लक्ष्य पहले ही कई वर्ष पीछे छूट चुका है। अधिकारियों को सार्वजनिक मंच पर हटाने की धमकी प्रशासनिक सख्ती का संकेत देती है, पर जवाबदेही के लिए संरचनागत तंत्र की ज़रूरत है — केवल भाषणों की नहीं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन — खरीफ अभियान 2026 क्या है?
यह केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन है, जिसका उद्घाटन 28 मई 2026 को पूसा IARI, नई दिल्ली में हुआ। इसमें देशभर के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, राज्य अधिकारी और कृषि मंत्री खरीफ सीजन की रणनीति और रोडमैप तैयार करते हैं।
इस वर्ष भारत का खाद्यान्न उत्पादन कितना रहने का अनुमान है?
तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार, इस वर्ष कुल खाद्यान्न उत्पादन 3,765.63 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 188 लाख टन अधिक है।
अल नीनो का खरीफ फसल पर क्या असर पड़ सकता है?
कृषि मंत्री चौहान ने कहा है कि अभी कोई अंतिम अनुमान नहीं आया है और यह केवल अटकलें हैं। सरकार परिस्थिति के अनुसार कार्ययोजना बनाएगी, हालाँकि पिछले वर्षों में अल नीनो के कारण खरीफ उत्पादन प्रभावित हुआ था।
'वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम' का क्या अर्थ है?
यह केंद्र और राज्यों के बीच कृषि नीतियों के एकीकृत क्रियान्वयन की अवधारणा है, जिस पर मंत्री चौहान ने जोर दिया। इसका उद्देश्य केंद्र की योजनाओं को राज्यों के माध्यम से प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुँचाना है।
सम्मेलन के दूसरे दिन क्या होगा?
दूसरे दिन राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ खरीफ फसल की तैयारियों और रणनीति पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने और आत्मनिर्भर कृषि के लक्ष्यों पर भी चर्चा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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