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क्या किसान-केंद्रित योजनाओं और निरंतर सुधारों से हम विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं?

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क्या किसान-केंद्रित योजनाओं और निरंतर सुधारों से हम विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं?

सारांश

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि किसान-केंद्रित पहलों और सुधारों से कृषि क्षेत्र में वृद्धि हो रही है। क्या वास्तव में ये प्रयास 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेंगे? जानिए इस लेख में!

मुख्य बातें

किसान-केंद्रित पहलों से कृषि क्षेत्र में वृद्धि हो रही है।
निरंतर सुधार के जरिए आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी जा रही है।
कृषि हमारे अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
किसानों का सशक्तिकरण विकास के लिए आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से कृषि को सुरक्षा मिली है।

नई दिल्ली, 5 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा मंगलवार को साझा किए गए एक पोस्ट में स्पष्ट किया गया कि निरंतर सुधारों और किसान-केंद्रित पहलों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में निरंतर वृद्धि हो रही है।

पीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पोस्ट को दोहराते हुए लिखा, "केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान निरंतर सुधारों और किसान-केंद्रित पहलों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिनसे कृषि क्षेत्र में वृद्धि हो रही है और 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना लक्ष्य है।"

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक समाचार पत्र के लेख में कृषि को लाखों लोगों की आजीविका का आधार बताते हुए कहा कि कृषि न केवल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की नींव भी है।

उन्होंने आगे कहा, "कृषि न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है; बल्कि यह एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव भी है। यह लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। कृषि गांवों को मजबूत बनाती है और सभी के लिए भोजन सुनिश्चित करती है।"

उन्होंने यह भी कहा, "किसानों को सशक्त बनाकर, इनोवेशन को प्रोत्साहित कर और ग्रामीण जीवन में सुधार लाकर, हम विकसित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर हैं।"

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में भाग लिया और किसानों को संबोधित किया।

उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं किसानों का मेहमान नहीं हूं, बल्कि आपकी समस्याओं को सुनने और समाधान खोजने के लिए यहां आया हूं। मैं कहना चाहता हूं कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और किसान इसकी आत्मा हैं। किसानों की सेवा मेरी सबसे बड़ी पूजा है।”

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कार्यक्रम में ‘राष्ट्र प्रथम’ नीति के तहत भारतीय कृषि को विदेशी ताकतों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रही है। एक राष्ट्रीय संपादक के रूप में, यह देखना महत्वपूर्ण है कि कैसे ये पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर कर रही हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान-केंद्रित योजनाएं क्या हैं?
किसान-केंद्रित योजनाएं ऐसी नीतियां और कार्यक्रम हैं जो किसानों की भलाई और उनकी आय में सुधार के लिए बनाई गई हैं।
2047 तक विकसित भारत का क्या मतलब है?
2047 तक विकसित भारत का मतलब है कि भारत को सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से एक उन्नत राष्ट्र बनाना।
कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार कैसे हो सकते हैं?
कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार के लिए नई तकनीकों का उपयोग, किसानों को प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच प्रदान करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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