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भारत चावल उत्पादन में विश्व में नंबर वन, चीन को पछाड़ा — शिवराज सिंह चौहान

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भारत चावल उत्पादन में विश्व में नंबर वन, चीन को पछाड़ा — शिवराज सिंह चौहान

सारांश

भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पछाड़कर विश्व में पहला स्थान हासिल किया — यह दावा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ 2026 राष्ट्रीय सम्मेलन में किया। साथ ही 1 से 30 जून तक 'खेत बचाओ अभियान' और बीज वितरण में सुधार की घोषणा भी की गई।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 मई 2026 को घोषणा की कि भारत अब विश्व में चावल उत्पादन में नंबर वन है और चीन को पीछे छोड़ दिया है।
गेहूं, मक्का, दाल और तिलहन उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
खरीफ सीजन के लिए 192 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 173 लाख क्विंटल की थी; नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन अकेले 21 लाख क्विंटल उत्पादित करता है।
1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे देश में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा।
राज्यों के कृषि मंत्रियों से बीजों का स्टॉक समय पर उठाने और किसानों तक वितरण सुनिश्चित करने की अपील की गई।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'खरीफ अभियान 2026' राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में घोषणा की कि भारत अब विश्व में चावल उत्पादन में पहले स्थान पर आ गया है और उसने चीन को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि देश खाद्यान्न सुरक्षा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है।

मुख्य घोषणाएँ और कृषि उपलब्धियाँ

सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'भारत दुनिया में चावल उत्पादन में नंबर वन बन गया है और हमने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। गेहूं, मक्का, दाल और तिलहन के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह हमारे किसानों की कड़ी मेहनत और वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों का परिणाम है।' उन्होंने देश के सभी किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों के जीवन को बेहतर बनाने और पोषण उपलब्धता की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

बीज उपलब्धता: प्रमुख चुनौती

केंद्रीय मंत्री ने बीज उपलब्धता को कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा, 'बीज कृषि की जीवनरेखा हैं, लेकिन समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता अभी भी एक बड़ी समस्या है।' उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए देश को 173 लाख क्विंटल बीजों की आवश्यकता थी, जबकि वर्तमान में 192 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं। नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन अकेले 21 लाख क्विंटल बीज उत्पादित करता है।

इसके बावजूद चौहान ने स्वीकार किया कि कई किसानों तक बीज समय पर नहीं पहुँच पाते और कभी-कभी मिनीकिट तब वितरित किए जाते हैं जब बुवाई का उपयुक्त समय बीत चुका होता है। उन्होंने सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों से अपील की कि वे बीजों का स्टॉक समय पर उठाएँ और किसानों तक उनकी डिलीवरी सुनिश्चित करें।

'खेत बचाओ अभियान' की घोषणा

सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे देश में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य खेतों की रक्षा करना और किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम-प्रक्रिया किसान के लिए बनी है, किसान नियम-प्रक्रिया के लिए नहीं — और जहाँ भी नीतिगत बाधाएँ किसानों तक लाभ पहुँचाने में रुकावट बन रही हैं, वहाँ बदलाव आवश्यक है।

केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर

यह सम्मेलन खरीफ 2026 की तैयारियों को सुदृढ़ करने और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की समय पर दस्तक और बुवाई की तैयारी कृषि उत्पादन के लिए निर्णायक मानी जाती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाना भी सरकार की प्राथमिकता है।

आगामी हफ्तों में राज्यों द्वारा बीज वितरण की प्रगति और 'खेत बचाओ अभियान' के क्रियान्वयन पर केंद्र की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन स्वतंत्र कृषि आँकड़ों से इसकी पुष्टि अभी बाकी है — FAO जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नवीनतम आँकड़े इस दावे की कसौटी होंगे। बीज उपलब्धता की समस्या का स्वीकारोक्ति स्वागत योग्य है, परंतु यह सवाल उठता है कि जब भंडार आवश्यकता से अधिक है तो वितरण की खामियाँ क्यों बनी हुई हैं — यह नीति की विफलता है, आपूर्ति की नहीं। 'खेत बचाओ अभियान' की घोषणा समय पर है, किंतु एक महीने के अभियान से दशकों पुरानी संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं होगा जब तक जमीनी क्रियान्वयन की जवाबदेही तय न हो।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत चावल उत्पादन में विश्व में नंबर वन कैसे बना?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने इसे किसानों की कड़ी मेहनत और कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों का परिणाम बताया।
'खेत बचाओ अभियान' क्या है और यह कब चलेगा?
'खेत बचाओ अभियान' 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे देश में चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य खेतों की रक्षा करना और किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है।
खरीफ 2026 के लिए बीजों की उपलब्धता कितनी है?
खरीफ सीजन 2026 के लिए देश में 192 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 173 लाख क्विंटल की थी। नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन अकेले 21 लाख क्विंटल बीज उत्पादित करता है।
खरीफ अभियान 2026 राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य क्या था?
यह दो दिवसीय सम्मेलन खरीफ 2026 की कृषि तैयारियों को सुदृढ़ करने और केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया। इसमें बीज वितरण, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय वृद्धि पर विशेष चर्चा हुई।
बीज वितरण में देरी की समस्या पर सरकार का क्या रुख है?
शिवराज सिंह चौहान ने स्वीकार किया कि पर्याप्त भंडार के बावजूद कई किसानों तक बीज समय पर नहीं पहुँचते और कभी-कभी मिनीकिट बुवाई का समय बीत जाने के बाद बाँटे जाते हैं। उन्होंने राज्यों के कृषि मंत्रियों से समय पर स्टॉक उठाने और वितरण सुनिश्चित करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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