भारत चावल उत्पादन में विश्व में नंबर वन, चीन को पछाड़ा — शिवराज सिंह चौहान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 29 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 'खरीफ अभियान 2026' राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में घोषणा की कि भारत अब विश्व में चावल उत्पादन में पहले स्थान पर आ गया है और उसने चीन को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि देश खाद्यान्न सुरक्षा के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है।
मुख्य घोषणाएँ और कृषि उपलब्धियाँ
सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'भारत दुनिया में चावल उत्पादन में नंबर वन बन गया है और हमने चीन को भी पीछे छोड़ दिया है। गेहूं, मक्का, दाल और तिलहन के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह हमारे किसानों की कड़ी मेहनत और वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों का परिणाम है।' उन्होंने देश के सभी किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों के जीवन को बेहतर बनाने और पोषण उपलब्धता की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
बीज उपलब्धता: प्रमुख चुनौती
केंद्रीय मंत्री ने बीज उपलब्धता को कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा, 'बीज कृषि की जीवनरेखा हैं, लेकिन समय पर अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता अभी भी एक बड़ी समस्या है।' उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए देश को 173 लाख क्विंटल बीजों की आवश्यकता थी, जबकि वर्तमान में 192 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध हैं। नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन अकेले 21 लाख क्विंटल बीज उत्पादित करता है।
इसके बावजूद चौहान ने स्वीकार किया कि कई किसानों तक बीज समय पर नहीं पहुँच पाते और कभी-कभी मिनीकिट तब वितरित किए जाते हैं जब बुवाई का उपयुक्त समय बीत चुका होता है। उन्होंने सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों से अपील की कि वे बीजों का स्टॉक समय पर उठाएँ और किसानों तक उनकी डिलीवरी सुनिश्चित करें।
'खेत बचाओ अभियान' की घोषणा
सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे देश में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य खेतों की रक्षा करना और किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम-प्रक्रिया किसान के लिए बनी है, किसान नियम-प्रक्रिया के लिए नहीं — और जहाँ भी नीतिगत बाधाएँ किसानों तक लाभ पहुँचाने में रुकावट बन रही हैं, वहाँ बदलाव आवश्यक है।
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
यह सम्मेलन खरीफ 2026 की तैयारियों को सुदृढ़ करने और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की समय पर दस्तक और बुवाई की तैयारी कृषि उत्पादन के लिए निर्णायक मानी जाती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
आगामी हफ्तों में राज्यों द्वारा बीज वितरण की प्रगति और 'खेत बचाओ अभियान' के क्रियान्वयन पर केंद्र की नज़र रहेगी।