क्या चावल उत्पादन में भारत दुनिया में नंबर-1, घटिया कीटनाशकों पर लगेगी लगाम?
सारांश
Key Takeaways
- भारत चावल उत्पादन में शीर्ष स्थान पर है।
- घटिया कीटनाशकों पर लगाम लगाने की योजना है।
- मनरेगा का कार्यकाल 100 से 125 दिनों तक बढ़ा।
- वैश्विक कल्याण में योगदान करने की दिशा में काम हो रहा है।
- गरीबी मुक्त गांव बनाने का लक्ष्य।
रायपुर, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत न केवल अपने विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है, बल्कि वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत के तहत पूरी दुनिया को एक परिवार मानते हुए उसके कल्याण के लिए भी काम कर रहा है। हम वैश्विक विकास में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर रहे हैं।
चौहान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हम वैश्विक कल्याण के लिए भी अपनी तरफ से पूरी मेहनत कर रहे हैं। हमारी शासन व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य सदैव समाज कल्याण करना रहा है। हमने यह भी विचार किया है कि वैश्विक समुदाय के कल्याण में हम किस प्रकार योगदान दे सकते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में हम निरंतर प्रगति कर रहे हैं। यह हमारी कार्यप्रणाली का परिणाम है कि आज हम चावल के उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर हैं। हमने हरित क्रांति के बाद भी कृषि में तेज गति से विकास हासिल किया है। पिछले साल जब हमने विकसित कृषि संकल्प अभियान शुरू किया था, तो कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई थीं, जिन पर कृषि मंत्रालय तेजी से कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें यह शिकायतें मिली थीं कि घटिया कीटनाशकों के कारण किसानों को नुकसान हो रहा है और उनकी उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए अब पेस्टिसाइड एक्ट और सीड एक्ट पर काम किया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसानों को इसका अनवरत लाभ मिलता रहे और उनके हितों पर कोई आंच न आए। इस संबंध में उन्होंने सुझाव भी मांगे हैं।
इसके अलावा, चौहान ने मनरेगा के बारे में भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस योजना में कई सुधार किए हैं। पहले मनरेगा के तहत किसानों को केवल 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन अब इसे 125 दिनों तक बढ़ा दिया गया है। इस दौरान किसानों के हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि हम इस रूपरेखा के अनुसार कार्य करेंगे तो निश्चित ही हम आने वाले समय में गरीबी मुक्त गांव बनाने में सफल रहेंगे। इस तरह हम अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत जी राम जी योजना से मजदूरों और किसानों दोनों को लाभ होगा, जिससे गांवों का सम्पूर्ण विकास संभव होगा।