11 अगस्त 2026
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सादुलशहर स्कूल में करंट से 9 वर्षीय देवांश की मौत, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार

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सादुलशहर स्कूल में करंट से 9 वर्षीय देवांश की मौत, परिजनों ने शव लेने से किया इनकार

सारांश

राजस्थान के सादुलशहर में बाल भारती स्कूल के वॉटर कूलर से कथित करंट लगने से 9 वर्षीय देवांश की मौत ने परिवार और स्कूल प्रशासन को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि बिजली लीकेज की जानकारी पहले दी जा चुकी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मुख्य बातें

9 वर्षीय देवांश की 11 अगस्त 2026 को सादुलशहर के बाल भारती स्कूल में कथित करंट लगने से मौत हो गई।
परिवार का आरोप है कि वॉटर कूलर में बिजली लीकेज की शिकायत पहले ही स्कूल प्रबंधन को की जा चुकी थी।
देवांश पिछले चार महीनों से प्रतिदिन शाम को टूर्नामेंट प्रैक्टिस के लिए स्कूल आ रहा था।
परिजनों ने निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर कार्रवाई होने तक शव लेने से इनकार किया।
स्कूल संचालक सर्वजीत सिंह सरन ने करंट से मौत के दावे को बेबुनियाद बताया है।

राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के सादुलशहर स्थित बाल भारती स्कूल में 11 अगस्त 2026 को 5वीं कक्षा के 9 वर्षीय छात्र देवांश की कथित तौर पर वॉटर कूलर से करंट लगने के कारण मौत हो गई। परिवार ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जाँच होने तक शव स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

घटना का विवरण

परिवार के अनुसार, वार्ड 23 निवासी देवांश टूर्नामेंट की शाम की प्रैक्टिस के दौरान पानी पीने के लिए स्कूल के वॉटर कूलर के पास गया था। परिजनों का दावा है कि वह बिजली के करंट वाले वॉटर कूलर के संपर्क में आ गया, जिससे उसे गंभीर बिजली का झटका लगा और उसका पैर भी जल गया। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित किया गया और शव को मोर्चरी में रखा गया।

परिवार के आरोप

परिजनों का आरोप है कि देवांश पिछले चार महीनों से प्रतिदिन शाम को स्कूल में टूर्नामेंट की प्रैक्टिस के लिए आ रहा था। परिवार का कहना है कि वॉटर कूलर में पहले से ही बिजली के लीकेज की समस्या थी और इस खराबी की जानकारी स्कूल प्रबंधन को पहले ही दी जा चुकी थी। देवांश की माँ ने कहा कि यदि समय पर मरम्मत कराई गई होती, तो इस दुर्घटना को टाला जा सकता था। परिवार और रिश्तेदारों ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की है।

स्कूल प्रशासन का पक्ष

स्कूल संचालक सर्वजीत सिंह सरन ने परिवार के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने बच्चे की मौत करंट लगने से होने के दावे को बेबुनियाद बताया है। परिवार और स्कूल प्रबंधन के परस्पर विरोधी बयानों के कारण घटना के वास्तविक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

तनाव और जाँच की माँग

परिवार के शव न लेने के फैसले से इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया है। रिश्तेदार स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही की माँग कर रहे हैं। घटना के सही कारणों और संभावित लापरवाही का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच आवश्यक बताई जा रही है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों के अनुसार मामले की जाँच की जाएगी। परिवार का स्पष्ट रुख है कि जब तक जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे शव स्वीकार नहीं करेंगे। यह घटना राजस्थान के स्कूलों में विद्युत सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पूरे देश के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्युत सुरक्षा मानकों की खस्ता हालत को उजागर करती है — जहाँ खराब उपकरण दशकों तक बिना जाँच के चलते रहते हैं। परिवार का आरोप कि लीकेज की शिकायत पहले ही की जा चुकी थी, यदि सत्य निकला तो यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि संस्थागत उदासीनता का परिणाम होगा। स्कूल प्रशासन का दावा खारिज करना और परिवार का शव न लेना — दोनों संकेत देते हैं कि जाँच पारदर्शी और स्वतंत्र होनी चाहिए, अन्यथा न्याय की उम्मीद धूमिल रहेगी।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सादुलशहर स्कूल में करंट से बच्चे की मौत कैसे हुई?
परिवार के अनुसार, बाल भारती स्कूल में 9 वर्षीय देवांश टूर्नामेंट प्रैक्टिस के दौरान पानी पीने गया था, जहाँ वह कथित तौर पर बिजली के लीकेज वाले वॉटर कूलर के संपर्क में आ गया। इससे उसे गंभीर करंट लगा और उसका पैर भी जल गया।
परिवार ने शव लेने से इनकार क्यों किया?
परिजनों ने माँग की है कि पहले घटना की निष्पक्ष जाँच हो और जो भी दोषी पाया जाए उस पर कार्रवाई की जाए। जब तक यह नहीं होता, उन्होंने शव स्वीकार करने से मना कर दिया है।
स्कूल प्रशासन का इस मामले में क्या कहना है?
स्कूल संचालक सर्वजीत सिंह सरन ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है और बच्चे की मौत करंट से होने के दावे को बेबुनियाद बताया है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के कारण घटना की जाँच जरूरी हो गई है।
क्या स्कूल को वॉटर कूलर की खराबी की जानकारी पहले थी?
परिवार का आरोप है कि वॉटर कूलर में बिजली लीकेज की समस्या पहले से थी और इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन को पहले ही दी जा चुकी थी। हालाँकि, स्कूल ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है; जाँच से ही वास्तविकता सामने आएगी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अधिकारियों के स्तर पर जाँच अपेक्षित है। परिवार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक शव नहीं लेंगे। यह घटना स्कूलों में विद्युत सुरक्षा ऑडिट की अनिवार्यता पर नए सिरे से बहस छेड़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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