बेंगलुरु रेजिडेंशियल स्कूल में 12 वर्षीय गुरुकिरण की संदिग्ध मौत, परिवार का शिक्षक पर मारपीट का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के एक रेजिडेंशियल स्कूल में 8 जुलाई 2026 को 12 वर्षीय छात्र गुरुकिरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि स्कूल के फिजिकल एजुकेशन शिक्षक ने लोहे की छड़ों और डंडों से उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद गुस्साए परिजनों और रिश्तेदारों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
घटना का विवरण
मृतक गुरुकिरण, बेंगलुरु नॉर्थ तालुक के कदयारप्पनहल्ली गांव स्थित एक रेजिडेंशियल स्कूल में छठी कक्षा का छात्र था। वह सुबेदारपाल्या निवासी राघवेंद्र का पुत्र था और पाँचवीं कक्षा से इस स्कूल में पढ़ रहा था।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, गुरुकिरण सुबह जॉगिंग के दौरान कैंपस में गिर पड़ा। स्कूल अधिकारियों ने सुबह करीब 6 बजे उसके माता-पिता को फोन कर बताया कि वह बीमार है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि, जब तक परिजन अस्पताल पहुँचे, तब तक लड़के की मौत हो चुकी थी।
परिवार के आरोप
पिता राघवेंद्र ने कहा, 'मेरे बेटे को जॉगिंग के दौरान गिरने की बात कही जा रही है, लेकिन जब हम अस्पताल पहुँचे तो वह मृत मिला। मुझे शक है कि स्कूल के अंदर कुछ हुआ है। हो सकता है कि शिक्षकों ने उसके साथ मारपीट की हो।' उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य छात्र ने परिवार को जानकारी दी कि हॉस्टल में रहने के दौरान गुरुकिरण को लोहे की छड़ से पीटा गया था।
राघवेंद्र ने आरोप लगाया कि फिजिकल एजुकेशन शिक्षक ने उनके बेटे के साथ मारपीट की और पुलिस उस शिक्षक को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुरुकिरण ने कभी घर पर किसी प्रताड़ना या मारपीट की शिकायत नहीं की थी।
सीसीटीवी और अस्पताल को लेकर सवाल
रिश्तेदार यशस्विनी ने बताया कि अस्पताल पहुँचने पर शुरुआत में परिवार को गुरुकिरण का शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में पता चला कि स्कूल कर्मचारी उसे दूसरे अस्पताल ले गए थे।
परिवार ने जब स्कूल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज माँगी, तो उन्हें बताया गया कि कैमरे खराब थे और फुटेज उपलब्ध नहीं है। एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि जाँच के दौरान पाया गया कि सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए थे और तार काट दिए गए थे। यशस्विनी ने यह भी कहा कि गुरुकिरण पूरी तरह स्वस्थ था — गर्मियों की छुट्टियों में उसने परिवार के साथ समय बिताया था और उसे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी।
विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की भूमिका
घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकिरण के माता-पिता और रिश्तेदार रेजिडेंशियल स्कूल के बाहर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब नाराज अभिभावकों ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में फिजिकल एजुकेशन शिक्षक के साथ मारपीट की। पुलिस ने बीच-बचाव कर भीड़ से शिक्षक को बचाया।
गौरतलब है कि अन्य छात्रों ने भी कथित तौर पर परिवार को बताया कि स्कूल में बच्चों को पीटा जाता है — यह एक गंभीर आरोप है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जाँच और आगे की स्थिति
पुलिस ने गुरुकिरण की मौत का सटीक कारण पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा है, जो मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करेगी। स्कूल प्रबंधन ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जाँच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे।