8 जुलाई 2026
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बेंगलुरु रेजिडेंशियल स्कूल में 12 वर्षीय गुरुकिरण की संदिग्ध मौत, परिवार का शिक्षक पर मारपीट का आरोप

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बेंगलुरु रेजिडेंशियल स्कूल में 12 वर्षीय गुरुकिरण की संदिग्ध मौत, परिवार का शिक्षक पर मारपीट का आरोप

सारांश

बेंगलुरु के एक रेजिडेंशियल स्कूल में 12 वर्षीय गुरुकिरण की संदिग्ध मौत ने परिवार और प्रबंधन के बीच टकराव को जन्म दिया है। स्कूल का दावा है कि वह जॉगिंग के दौरान गिरा, जबकि परिवार शिक्षक पर मारपीट का आरोप लगा रहा है। सीसीटीवी फुटेज न मिलना मामले को और संदिग्ध बनाता है।

मुख्य बातें

8 जुलाई 2026 को बेंगलुरु के एक रेजिडेंशियल स्कूल में 12 वर्षीय गुरुकिरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
स्कूल प्रबंधन का दावा — जॉगिंग के दौरान गिरने से मौत; परिवार का आरोप — फिजिकल एजुकेशन शिक्षक ने लोहे की छड़ से पीटा।
परिवार के अनुसार, माँगी गई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई; कथित तौर पर कैमरे हटाए और तार काटे गए पाए गए।
नाराज परिजनों ने स्कूल के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया; पुलिस ने भीड़ से शिक्षक को बचाया।
पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है; मौत का सटीक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
स्कूल प्रबंधन ने अभी तक आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बेंगलुरु के एक रेजिडेंशियल स्कूल में 8 जुलाई 2026 को 12 वर्षीय छात्र गुरुकिरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि स्कूल के फिजिकल एजुकेशन शिक्षक ने लोहे की छड़ों और डंडों से उसके साथ मारपीट की, जिसके बाद गुस्साए परिजनों और रिश्तेदारों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।

घटना का विवरण

मृतक गुरुकिरण, बेंगलुरु नॉर्थ तालुक के कदयारप्पनहल्ली गांव स्थित एक रेजिडेंशियल स्कूल में छठी कक्षा का छात्र था। वह सुबेदारपाल्या निवासी राघवेंद्र का पुत्र था और पाँचवीं कक्षा से इस स्कूल में पढ़ रहा था।

स्कूल प्रबंधन के अनुसार, गुरुकिरण सुबह जॉगिंग के दौरान कैंपस में गिर पड़ा। स्कूल अधिकारियों ने सुबह करीब 6 बजे उसके माता-पिता को फोन कर बताया कि वह बीमार है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि, जब तक परिजन अस्पताल पहुँचे, तब तक लड़के की मौत हो चुकी थी।

परिवार के आरोप

पिता राघवेंद्र ने कहा, 'मेरे बेटे को जॉगिंग के दौरान गिरने की बात कही जा रही है, लेकिन जब हम अस्पताल पहुँचे तो वह मृत मिला। मुझे शक है कि स्कूल के अंदर कुछ हुआ है। हो सकता है कि शिक्षकों ने उसके साथ मारपीट की हो।' उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य छात्र ने परिवार को जानकारी दी कि हॉस्टल में रहने के दौरान गुरुकिरण को लोहे की छड़ से पीटा गया था।

राघवेंद्र ने आरोप लगाया कि फिजिकल एजुकेशन शिक्षक ने उनके बेटे के साथ मारपीट की और पुलिस उस शिक्षक को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुरुकिरण ने कभी घर पर किसी प्रताड़ना या मारपीट की शिकायत नहीं की थी।

सीसीटीवी और अस्पताल को लेकर सवाल

रिश्तेदार यशस्विनी ने बताया कि अस्पताल पहुँचने पर शुरुआत में परिवार को गुरुकिरण का शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में पता चला कि स्कूल कर्मचारी उसे दूसरे अस्पताल ले गए थे।

परिवार ने जब स्कूल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज माँगी, तो उन्हें बताया गया कि कैमरे खराब थे और फुटेज उपलब्ध नहीं है। एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि जाँच के दौरान पाया गया कि सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए थे और तार काट दिए गए थे। यशस्विनी ने यह भी कहा कि गुरुकिरण पूरी तरह स्वस्थ था — गर्मियों की छुट्टियों में उसने परिवार के साथ समय बिताया था और उसे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी।

विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की भूमिका

घटना की जानकारी मिलते ही गुरुकिरण के माता-पिता और रिश्तेदार रेजिडेंशियल स्कूल के बाहर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब नाराज अभिभावकों ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में फिजिकल एजुकेशन शिक्षक के साथ मारपीट की। पुलिस ने बीच-बचाव कर भीड़ से शिक्षक को बचाया।

गौरतलब है कि अन्य छात्रों ने भी कथित तौर पर परिवार को बताया कि स्कूल में बच्चों को पीटा जाता है — यह एक गंभीर आरोप है जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

जाँच और आगे की स्थिति

पुलिस ने गुरुकिरण की मौत का सटीक कारण पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा है, जो मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करेगी। स्कूल प्रबंधन ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जाँच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी निगरानी तंत्र कमज़ोर बना हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की कुंजी होगी, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार इस घटना को निजी स्कूलों में बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा के अवसर के रूप में देखेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु रेजिडेंशियल स्कूल में गुरुकिरण की मौत कैसे हुई?
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, 12 वर्षीय गुरुकिरण 8 जुलाई 2026 को सुबह जॉगिंग के दौरान कैंपस में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। हालांकि, परिवार इस दावे को नकारते हुए कथित तौर पर आरोप लगा रहा है कि फिजिकल एजुकेशन शिक्षक ने उसके साथ लोहे की छड़ और डंडों से मारपीट की थी।
परिवार ने सीसीटीवी फुटेज को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने जॉगिंग एरिया और उस कमरे की सीसीटीवी फुटेज देने से इनकार किया जहाँ गुरुकिरण को ले जाया गया था। एक रिश्तेदार ने दावा किया कि कैमरे हटाए गए थे और तार काटे गए थे, जिससे परिवार को गड़बड़ी का संदेह है।
पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस ने गुरुकिरण की मौत का सही कारण पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान भीड़ से फिजिकल एजुकेशन शिक्षक को भी बचाया।
क्या स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक स्कूल प्रबंधन ने परिवार के किसी भी आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्कूल का एकमात्र बयान यह रहा है कि गुरुकिरण जॉगिंग के दौरान गिर पड़ा था।
गुरुकिरण कौन था और वह इस स्कूल में कब से पढ़ रहा था?
गुरुकिरण बेंगलुरु के सुबेदारपाल्या के रहने वाले राघवेंद्र का 12 वर्षीय पुत्र था। वह बेंगलुरु नॉर्थ तालुक के कदयारप्पनहल्ली गाँव स्थित रेजिडेंशियल स्कूल में पाँचवीं कक्षा से पढ़ रहा था और मृत्यु के समय छठी कक्षा का छात्र था।
राष्ट्र प्रेस
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