झारखंड: कोडरमा स्कूल हॉस्टल में 10वीं के छात्र उदित यादव की संदिग्ध मौत, परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत असनाबाद स्थित एक निजी स्कूल के हॉस्टल में रविवार, 4 मई 2025 की रात कक्षा 10वीं के छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान लक्खीबागी के फरेंदा निवासी 17 वर्षीय उदित यादव के रूप में हुई है, जो अगले वर्ष होने वाली बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए करीब पाँच महीने पहले हॉस्टल में आया था।
घटनाक्रम: उस शाम क्या हुआ
मृतक के बड़े भाई आदित्य कुमार के अनुसार, वे रविवार को दो बार अपने भाई से मिलने स्कूल गए थे। शाम करीब साढ़े पाँच बजे उदित से मुलाकात कर जब वे घर लौटे, तो कुछ देर बाद ही एक अन्य छात्र का फोन आया कि उदित की तबीयत खराब है। परिजन जब स्कूल पहुँचे तो उदित हॉस्टल के कमरे में जमीन पर मृत अवस्था में पड़ा था।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, उदित ने कमरे में गमछे के सहारे फाँसी लगा ली थी। इसके बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप: लापरवाही और संदेह
मृतक के परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतने छात्रों और स्टाफ की मौजूदगी के बीच इस तरह की घटना का होना कई सवाल खड़े करता है। परिवार का यह भी आरोप है कि उदित इतना आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता था, और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
गौरतलब है कि उदित 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए हॉस्टल में रह रहा था, और परिवार के अनुसार उसके व्यवहार में कोई असामान्यता नहीं थी।
विद्यालय प्रबंधन का पक्ष
विद्यालय के संचालक प्रमोद कुमार का कहना है कि उदित पिछले चार-पाँच दिनों से मानसिक रूप से परेशान था और वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई नहीं करना चाहता था। हालाँकि, परिजनों ने इस दावे को सिरे से नकारते हुए प्रबंधन पर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
पुलिस जाँच और आगे की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही तिलैया थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जाँच कर रही है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश भर में बोर्ड परीक्षाओं के दबाव और हॉस्टल में छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जाँच के निष्कर्ष इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।