क्या पूर्वी दिल्ली में किशोरों के हमले से घायल छात्र की मौत हुई?

Click to start listening
क्या पूर्वी दिल्ली में किशोरों के हमले से घायल छात्र की मौत हुई?

सारांश

दिल्ली के त्रिलोकपुरी में एक 17 वर्षीय छात्र की किशोरों के हमले में हुई हत्या ने समाज को झकझोर दिया है। यह घटना एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जिससे सुरक्षा और न्याय का सवाल उठता है। क्या हम इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए कुछ कर सकते हैं?

Key Takeaways

  • किशोरों के बीच हिंसा की बढ़ती घटनाएँ चिंता का विषय हैं।
  • सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
  • न्याय की मांग करना हर नागरिक का अधिकार है।
  • समाज में सहिष्णुता की कमी एक गंभीर मुद्दा है।
  • पुलिस की तत्परता से मामले में तेजी से कार्रवाई हुई है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी क्षेत्र में किशोरों के एक समूह के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 17 वर्षीय छात्र की मंगलवार को मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने 6 नाबालिगों को हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मयूर विहार पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 5 जनवरी को शाम लगभग 7.25 बजे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से एक कॉल आई, जिसमें बताया गया कि एक बेहोश व्यक्ति को शारीरिक हमले के बाद अस्पताल लाया गया है।

घायल की पहचान मोहित, ज्ञान सिंह के बेटे, इंद्र कैंप, त्रिलोकपुरी के निवासी और कक्षा 11 के छात्र के रूप में हुई। अस्पताल में प्रारंभिक जांच के बाद, उसे आगे के इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर (डीटीबी) अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे बयान देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।

शुरुआती जांच के दौरान, एक चश्मदीद ने पुलिस को बताया कि मोहित का उसी क्षेत्र के एक नाबालिग से झगड़ा हुआ था। घटना की शाम, जब मोहित त्रिलोकपुरी क्षेत्र में अपने दोस्तों के साथ था, तो नाबालिगों के एक समूह के साथ उसकी बात-चीत हो गई। यह बातचीत जल्द ही हिंसक हमले में बदल गई।

चश्मदीद ने बताया कि मोहित को कई नाबालिगों ने घेर लिया और उसे बार-बार पीटा और लात मारी गई। जमीन पर गिरने के बाद भी हमला जारी रहा। एक और युवक जिसने बीच-बचाव करने की कोशिश की, उस पर भी समूह ने हमला किया। बेरहमी से पिटाई के कारण मोहित मौके पर ही बेहोश हो गया।

6 जनवरी को सुबह लगभग 1.15 बजे जीटीबी अस्पताल ने पुलिस को बताया कि मोहित की चोटों के कारण मृत्यु हो गई है। इसके बाद, पुलिस थाने मयूर विहार में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 115(2), 126(2), और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

डीसीपी ईस्ट अभिषेक धनिया ने बताया कि क्राइम टीम और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत इकट्ठा किए। अब तक की गई जांच के आधार पर, हमले में शामिल सभी छह नाबालिगों को पकड़ा गया है। पोस्टमार्टम किया जा चुका है, और मृत्यु के सही कारण के बारे में अंतिम मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।

मृतक की दादी ने बताया कि कुछ लोगों ने उसे बुलाया, उसे अपने साथ ले गए, और बेरहमी से पीटा। हम न्याय चाहते हैं। कोई लड़ाई नहीं हुई थी। अगर कुछ हुआ भी था, तो मुझे उसकी कोई जानकारी नहीं है। मरने से पहले, मेरे पोते ने एक बयान दिया था जिसमें उसने कहा था कि 10-12 लोगों ने उसे पीटा था। मेरा बच्चा तो वापस नहीं आएगा, लेकिन मैं न्याय चाहती हूं।

Point of View

बल्कि हमारे समाज की व्यवस्था पर भी एक गंभीर आघात है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
हाँ, पुलिस ने इस मामले में 6 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है।
क्या मृतक का नाम क्या है?
मृतक का नाम मोहित है, जो कि कक्षा 11 का छात्र था।
क्या इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है?
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है।
क्या मोहित की हालत गंभीर थी?
हाँ, मोहित की हालत गंभीर थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
क्या मृतक के परिवार ने न्याय की मांग की है?
हाँ, मृतक के परिवार ने न्याय की मांग की है और इस घटना की निंदा की है।
Nation Press