11 जुलाई 2026
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कन्नूर: एनेस्थीसिया के बाद 18 माह के देवांश की मौत, निजी अस्पताल के डॉक्टर पर BNS की धारा 125 के तहत केस

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कन्नूर: एनेस्थीसिया के बाद 18 माह के देवांश की मौत, निजी अस्पताल के डॉक्टर पर BNS की धारा 125 के तहत केस

सारांश

कन्नूर में होंठ पर टांके लगाने की मामूली प्रक्रिया के दौरान एनेस्थीसिया के बाद 18 महीने के देवांश शौर्य को कार्डियक अरेस्ट आया। पाँच दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद उसकी मौत हो गई। शादी के 8 साल बाद हुई इकलौती संतान की मौत ने परिवार को तोड़ दिया और डॉक्टर पर BNS धारा 125 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।

मुख्य बातें

18 महीने के देवांश शौर्य की 11 जुलाई 2025 की रात कन्नूर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
5 जुलाई को कटे होंठ पर टांके लगाने के लिए एनेस्थीसिया दिए जाने के तुरंत बाद बच्चे को कार्डियक अरेस्ट हुआ।
बच्चा पाँच दिन तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहा, होश नहीं आया।
पुलिस ने डॉक्टर पर BNS की धारा 125 के तहत मुकदमा दर्ज किया; अधिकतम सजा तीन महीने कैद।
देवांश अपने माता-पिता की शादी के 8 साल बाद पैदा हुई इकलौती संतान था।
अस्पताल ने चिकित्सीय लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था।

केरल के कन्नूर में एक निजी अस्पताल में 18 महीने के मासूम देवांश शौर्य की 11 जुलाई 2025 की रात मौत हो गई। 5 जुलाई को कटे हुए होंठ पर टांके लगाने के लिए एनेस्थीसिया दिए जाने के तुरंत बाद बच्चे की हालत गंभीर हो गई थी और वह पाँच दिनों तक बेहोश रहा। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना

5 जुलाई को एरामम-कुटूर ग्राम पंचायत के मथामंगलम निवासी देवांश अपने घर के आँगन में खेलते समय गिर गया, जिससे उसके होंठ पर गहरा कट लग गया। माता-पिता उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने घाव पर टांके लगाने के लिए एनेस्थीसिया दिया। अस्पताल के अनुसार, एनेस्थीसिया दिए जाने के तुरंत बाद बच्चे को अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ और उसे तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।

प्रारंभिक उपचार के बाद अस्पताल ने देवांश को बेहतर क्रिटिकल केयर के लिए अपनी कन्नूर यूनिट में स्थानांतरित किया। पाँच दिनों तक संघर्ष के बाद शुक्रवार रात लगभग 9 बजे उसने दम तोड़ दिया।

परिवार की पीड़ा

देवांश अपने माता-पिता की शादी के 8 साल बाद पैदा हुई इकलौती संतान था। परिवार के लिए यह क्षति अकल्पनीय है। पीड़ित परिवार ने बच्चे की मौत के बाद स्थानीय पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

कानूनी कार्रवाई

परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अस्पताल के संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध BNS की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा ऐसे कृत्यों से संबंधित है जो किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन महीने की कैद का प्रावधान है। जाँच जारी है।

अस्पताल का पक्ष

अस्पताल प्रबंधन ने चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों से स्पष्ट इनकार किया है। अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि एनेस्थीसिया की सही खुराक दी गई थी और उपचार के सभी स्थापित प्रोटोकॉल का पालन किया गया। अस्पताल ने यह भी कहा कि कभी-कभी सही चिकित्सीय देखभाल के बावजूद एनेस्थीसिया के बाद जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं और बच्चे की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए।

आगे क्या होगा

पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। चिकित्सा विशेषज्ञों की राय और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। यह घटना केरल में निजी अस्पतालों में एनेस्थीसिया प्रशासन की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर नए सिरे से सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वास्थ्य सेवाओं में देश में अग्रणी माना जाता है, वहाँ ऐसी घटनाएँ नियामक समीक्षा की माँग करती हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्नूर में 18 महीने के बच्चे की मौत कैसे हुई?
5 जुलाई 2025 को घर में गिरने से कटे होंठ पर टांके लगाने के लिए एनेस्थीसिया दिए जाने के तुरंत बाद देवांश शौर्य को कार्डियक अरेस्ट हुआ। पाँच दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद 11 जुलाई की रात उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर पर कौन-सी धारा के तहत केस दर्ज हुआ है?
पुलिस ने संबंधित डॉक्टर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया है, जो जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों से संबंधित है। इस धारा में अधिकतम तीन महीने की कैद का प्रावधान है।
अस्पताल ने लापरवाही के आरोपों पर क्या कहा?
अस्पताल ने चिकित्सीय लापरवाही से इनकार किया है। उसने कहा कि एनेस्थीसिया की सही खुराक दी गई थी, सभी प्रोटोकॉल का पालन हुआ और बच्चे की जान बचाने की हर संभव कोशिश की गई। अस्पताल के अनुसार, कभी-कभी सही देखभाल के बावजूद एनेस्थीसिया के बाद जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
देवांश शौर्य कौन था और उसका परिवार कहाँ का है?
देवांश शौर्य एरामम-कुटूर ग्राम पंचायत के मथामंगलम, कन्नूर का निवासी था। वह अपने माता-पिता की शादी के 8 साल बाद पैदा हुई इकलौती संतान था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और चिकित्सा विशेषज्ञों की राय मामले की दिशा तय करेगी। जाँच के नतीजों के आधार पर डॉक्टर के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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