2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विश्व नारियल दिवस 2026: शिवराज सिंह चौहान बोले — नारियल संस्कृति, आस्था और किसान समृद्धि का प्रतीक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विश्व नारियल दिवस 2026: शिवराज सिंह चौहान बोले — नारियल संस्कृति, आस्था और किसान समृद्धि का प्रतीक

सारांश

हर साल 2 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व नारियल दिवस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नारियल को भारतीय संस्कृति, आस्था और किसान आजीविका का अभिन्न हिस्सा बताया। केरल से आंध्र प्रदेश तक लाखों किसानों की समृद्धि इसी 'श्रीफल' पर टिकी है।

मुख्य बातें

2 सितंबर को प्रतिवर्ष विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट कर नारियल उत्पादक किसानों को बधाई दी और नारियल के सांस्कृतिक व आर्थिक महत्व को रेखांकित किया।
कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और भाजपा नेताओं अजय सिंह व गोपाल चतुर्वेदी ने भी किसानों को शुभकामनाएँ दीं।
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में लाखों किसान नारियल की खेती पर निर्भर हैं।
नारियल से तेल, दूध, खोपरा और कॉयर जैसे उत्पाद देश-विदेश में उच्च माँग में हैं।

विश्व नारियल दिवस के अवसर पर 2 सितंबर को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत में नारियल महज एक फल नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने देशभर के नारियल उत्पादक किसानों को हार्दिक बधाई देते हुए इस फसल के बहुआयामी महत्व को रेखांकित किया।

मंत्री चौहान का संदेश

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, 'भारतीय संस्कृति में नारियल का विशेष महत्व है। इसे अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। धार्मिक उत्सवों, पूजा-पाठ एवं विभिन्न शुभ कार्यों व मांगलिक अवसरों में नारियल समर्पित किया जाता है।' उन्होंने आगे कहा कि मिठाइयों, विभिन्न व्यंजनों और अन्य उत्पादों में नारियल का व्यापक उपयोग होता है तथा किसानों की अथक मेहनत से इसका उत्पादन, निर्यात और व्यापार निरंतर बढ़ रहा है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने भी विश्व नारियल दिवस पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नारियल प्रकृति का अनूठा वरदान है, जो पूजा-पाठ के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी है।

भाजपा विधायक अजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विश्व नारियल दिवस नारियल के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इसकी अहमियत उजागर करने और इस फसल की ओर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

भाजपा नेता गोपाल चतुर्वेदी ने किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा, 'नारियल ऐसा फल है जो हमारे जीवन से बहुत गहराई से जुड़ा है। धार्मिक रीति-रिवाजों के अलावा अब ये रोज़गार का भी बड़ा साधन है। इसे श्रीफल भी कहा जाता है, इसलिए कि ये 'श्री' बढ़ाता है।'

किसानों की आजीविका का आधार

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में लाखों किसान नारियल की खेती पर निर्भर हैं। नारियल से तेल, दूध, पानी, खोपरा और कॉयर जैसे कई मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार होते हैं, जिनकी देश-विदेश में भारी माँग है।

सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व

नारियल को भारतीय परंपरा में 'श्रीफल' के नाम से जाना जाता है — यह नाम ही इसके सांस्कृतिक गौरव को परिभाषित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर ज़ोर दे रही है। नारियल उत्पादों का निर्यात इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार नारियल आधारित उद्योगों में और अधिक निवेश तथा प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से तटीय राज्यों के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। नारियल विकास बोर्ड और राज्य सरकारों की साझेदारी से इस क्षेत्र को और सशक्त बनाने की संभावनाएँ प्रबल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नारियल किसानों को उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य और प्रसंस्करण अवसंरचना कब मिलेगी। 'श्रीफल' की महिमा गाने और उसकी खेती को लाभकारी बनाने के बीच की खाई अभी भी चौड़ी है। तटीय राज्यों में नारियल उत्पादक किसान अक्सर बिचौलियों के जाल में फँसे रहते हैं, जबकि मूल्यवर्धित उत्पादों का मुनाफा कॉर्पोरेट हाथों में जाता है। नारियल विकास बोर्ड की योजनाओं का ज़मीनी क्रियान्वयन और किसान-केंद्रित प्रसंस्करण इकाइयाँ ही इस 'समृद्धि के प्रतीक' को वास्तविक समृद्धि में बदल सकती हैं।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व नारियल दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
विश्व नारियल दिवस प्रतिवर्ष 2 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नारियल की फसल के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसकी आर्थिक और सांस्कृतिक अहमियत उजागर करना तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
शिवराज सिंह चौहान ने विश्व नारियल दिवस पर क्या कहा?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय संस्कृति में नारियल का विशेष महत्व है और इसे शुभ व मंगलकारी माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की मेहनत से नारियल का उत्पादन, निर्यात और व्यापार निरंतर बढ़ रहा है।
भारत में नारियल उत्पादन के प्रमुख राज्य कौन-से हैं?
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख नारियल उत्पादक राज्य हैं। इन राज्यों में लाखों किसान नारियल की खेती पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं।
नारियल से कौन-कौन से उत्पाद बनते हैं?
नारियल से तेल, दूध, पानी, खोपरा और कॉयर (नारियल रेशा) जैसे कई मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार होते हैं। इन उत्पादों की देश और विदेश दोनों में उच्च माँग है।
नारियल को 'श्रीफल' क्यों कहा जाता है?
भाजपा नेता गोपाल चतुर्वेदी के अनुसार नारियल को 'श्रीफल' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह 'श्री' अर्थात समृद्धि को बढ़ाता है। भारतीय परंपरा में यह धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ कार्यों का अनिवार्य हिस्सा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 घंटे पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले