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दुर्गावती नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर, मोहनिया शहर में बाढ़ का गंभीर खतरा; प्रशासन सतर्क

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दुर्गावती नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर, मोहनिया शहर में बाढ़ का गंभीर खतरा; प्रशासन सतर्क

सारांश

दुर्गावती जलाशय से 15,000-20,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कैमूर के मोहनिया शहर पर बाढ़ का गंभीर संकट। पावर हाउस डूबने पर 3-4 दिन बिजली ठप होने की आशंका। एसडीएम, पुलिस और फ्लड कंट्रोल यूनिट मौके पर तैनात।

मुख्य बातें

दुर्गावती जलाशय से 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दुर्गावती नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा।
मोहनिया शहर और आसपास के इलाकों पर बाढ़ का गंभीर खतरा; पुल के नीचे कटाव से पानी शहर की ओर मुड़ा।
एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने चेताया — पावर हाउस में पानी घुसा तो बिजली आपूर्ति तीन से चार दिन या अधिक बाधित रह सकती है।
पुल पर चार बड़े वेपर लाइट लगाए गए; फ्लड कंट्रोल यूनिट , एसडीएम , सीओ , बीडीओ , क्यूआरटी और पुलिस बल तैनात।
नगर पंचायत ने जेसीबी से पानी निकासी के रास्ते बनाने का काम शुरू किया।
नदी किनारे के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

बिहार के कैमूर जिले में 2 सितंबर को लगातार हो रही भारी वर्षा और दुर्गावती जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद दुर्गावती नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। नदी का पानी मोहनिया शहर की दिशा में बहने लगा है, जिससे शहर और आसपास के इलाकों पर बाढ़ का गंभीर संकट मंडरा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे निवासियों को सतर्क रहने और ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

मुख्य घटनाक्रम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्गावती जलाशय से करीब 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है और आगे और अधिक पानी छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। पुल के ठीक नीचे नदी के बाहरी हिस्से में कटाव होने के कारण पानी का बहाव शहर की ओर मुड़ गया है, जिसने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया है।

प्रशासन ने रतवार के समीप मोहनिया-भभुआ मुख्य पथ पर स्थित दुर्गावती नदी पुल के पास अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती कर दी है। मौके पर एसडीएम, सीओ, बीडीओ, क्यूआरटी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं।

निगरानी और तकनीकी इंतज़ाम

रात के समय नदी के बढ़ते जलस्तर पर निगरानी रखने के लिए जेनरेटर के ज़रिए पुल पर चार बड़े वेपर लाइट लगाए गए हैं। अधिकारियों की उपस्थिति में नदी के बाहरी हिस्से में बांस के माध्यम से पानी की गहराई की माप भी कराई गई। फ्लड कंट्रोल यूनिट की टीम भी मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा ले रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई ज़िले मानसून की भारी बारिश से पहले से ही प्रभावित हैं और नदियाँ उफान पर हैं। कैमूर ज़िले में दुर्गावती नदी का यह उफान हर वर्ष मोहनिया क्षेत्र के लिए एक परिचित लेकिन गंभीर चुनौती बन जाता है।

एसडीएम की चेतावनी और बिजली आपूर्ति का संकट

मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पुल के नीचे कटाव के कारण पानी का रुख शहर की ओर हो गया है। उन्होंने आगाह किया कि बिजली विभाग का पावर हाउस निचले इलाके में स्थित है — यदि बाढ़ का पानी वहाँ तक पहुँचता है, तो मोहनिया शहर की बिजली आपूर्ति तीन से चार दिन या उससे अधिक समय तक बाधित हो सकती है।

इस संभावित संकट को टालने के लिए फ्लड कंट्रोल यूनिट की टीम पावर हाउस को सुरक्षित रखने के उपायों में जुटी है।

निकासी और राहत की तैयारी

बाढ़ के पानी की निकासी के लिए नगर पंचायत की ओर से जेसीबी की मदद से रास्ता बनाने का काम पहले से शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले निवासियों से विशेष सावधानी बरतने और जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है।

आम जनता पर असर और स्थानीय चिंता

स्थानीय निवासियों में बाढ़ के खतरे को लेकर गहरी चिंता है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि एसडीएम, डीएसपी समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और बाढ़ का गंभीर खतरा बना हुआ है। सबसे बड़ी चिंता पावर हाउस में पानी घुसने की है, क्योंकि ऐसा होने पर पूरे मोहनिया क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। प्रशासन की सक्रियता राहत देती है, लेकिन नदी का बढ़ता जलस्तर अगले कुछ घंटों में स्थिति और विकट कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दर्शाता है कि आपदा प्रबंधन अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, न कि निवारक। जेसीबी और वेपर लाइट की तैनाती तात्कालिक राहत है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान — नदी तटबंध सुदृढ़ीकरण, पावर हाउस का स्थानांतरण या सुरक्षा — पर ध्यान नहीं दिया गया। जब तक बुनियादी ढाँचागत सुधार नहीं होते, मोहनिया हर मानसून में इसी संकट की पुनरावृत्ति झेलता रहेगा।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गावती नदी में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ा है?
लगातार भारी बारिश और दुर्गावती जलाशय से 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। पुल के नीचे कटाव होने से पानी का रुख मोहनिया शहर की ओर हो गया है, जिससे बाढ़ का खतरा और गंभीर हो गया है।
मोहनिया में बिजली आपूर्ति पर क्या असर पड़ सकता है?
एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी के अनुसार, बिजली विभाग का पावर हाउस निचले इलाके में स्थित है। यदि बाढ़ का पानी वहाँ तक पहुँचता है तो मोहनिया शहर की बिजली आपूर्ति तीन से चार दिन या उससे अधिक समय तक बाधित हो सकती है।
प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
प्रशासन ने मोहनिया-भभुआ मुख्य पथ पर दुर्गावती नदी पुल के पास एसडीएम, सीओ, बीडीओ, क्यूआरटी और पुलिस बल तैनात किए हैं। रात में निगरानी के लिए चार बड़े वेपर लाइट लगाए गए हैं और फ्लड कंट्रोल यूनिट की टीम भी मौके पर है।
नदी किनारे के निवासियों के लिए क्या निर्देश जारी हुए हैं?
जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है। नगर पंचायत की ओर से जेसीबी की मदद से पानी निकासी के रास्ते भी बनाए जा रहे हैं।
दुर्गावती जलाशय से और पानी छोड़े जाने की संभावना है?
रिपोर्टों के अनुसार, दुर्गावती जलाशय से अभी तक 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है और आगे और अधिक पानी छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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