उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियां उफान पर, भूस्खलन-बाढ़ का खतरा; IMD का अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड में 2 सितंबर 2026 को लगातार मूसलाधार बारिश के चलते राज्य की प्रमुख नदियाँ और नाले खतरनाक स्तर तक उफान पर आ गए हैं, जिससे कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के अनेक जिलों में आने वाले कुछ दिनों तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इससे भूस्खलन, मलबा गिरने, जलभराव और संवेदनशील इलाकों में सड़कों पर रुकावट का खतरा और गहरा हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
ऋषिकेश में बिन नदी पहले से ही उफान पर थी, जबकि हल्द्वानी में गौला नदी के जलस्तर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। हल्द्वानी में पिछले 24 घंटों में 192 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस क्षेत्र में वर्षा की असाधारण तीव्रता को दर्शाती है।
कैंची धाम के निकट शिप्रा नदी ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया। आमतौर पर मंदिर परिसर के बाहर शांत गति से बहने वाली यह नदी मंगलवार को उग्र और विकराल रूप में दिखाई दी। हालाँकि, तेज़ जलप्रवाह के बावजूद मंदिर की सुरक्षा दीवार और पुल के खंभे सुरक्षित रहे और धार्मिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से जारी रहीं।
आम जनता पर असर
नैनीताल जिले के अल्चौना स्थित पांडेछोड़ गाँव में ककरिया नाले का पानी रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया। दोपहर तक नाले का बहाव इतना तेज़ हो गया कि पानी लगभग दो दर्जन घरों में भर गया। प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और उनके सामान को बचाने का कार्य शुरू किया।
चमोली जिले में भी लगातार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई स्थानों पर सड़कें बंद हो गई हैं और अलकनंदा तथा पिंडर नदियाँ खतरनाक स्तर पर बह रही हैं।
कर्णप्रयाग में बढ़ता संकट
कर्णप्रयाग क्षेत्र में पिंडर नदी का उफनता पानी और तेज़ लहरें नदी के किनारे बनी रिहायशी इमारतों, होटलों और अन्य संरचनाओं तक खतरनाक रूप से करीब पहुँचती दिख रही हैं। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से किनारे पर रहने वाले निवासियों में चिंता और भय का माहौल है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड पहले से ही मानसून सीज़न में भूस्खलन और बाढ़ की मार झेलता रहा है। गौरतलब है कि राज्य की भौगोलिक संवेदनशीलता के कारण हर वर्ष मानसून के दौरान इस तरह की आपदाएँ जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
ज़िला प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों से लगातार अपील कर रहा है कि वे सतर्क रहें और ज़रूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ। IMD की चेतावनी के मद्देनज़र राहत और बचाव दलों को सक्रिय रखा गया है।
क्या होगा आगे
IMD के अनुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे नदियों के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है। प्रभावित जिलों में राहत कार्यों की निगरानी जारी है और अधिकारियों ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।