महबूबा मुफ्ती का पुलिस पर दोहरे मापदंड का आरोप, NC-BJP प्रदर्शन पर PDP का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार, 2 सितंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया — यह प्रतिक्रिया उस दिन आई जब नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) श्रीनगर में एक-दूसरे के विरुद्ध अलग-अलग विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। मुफ्ती ने सवाल उठाया कि जब PDP को जनहित के मुद्दों पर सड़क पर उतरने की अनुमति नहीं दी जाती, तो अन्य दलों को यह सुविधा क्यों मिलती है।
महबूबा मुफ्ती का आरोप
महबूबा मुफ्ती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'वही पुलिस, जो PDP को जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए अपने दफ्तर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं देती, उसने BJP और नेशनल कॉन्फ्रेंस को एक-दूसरे के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने में मदद की है।' उन्होंने मांग की कि इस 'साफ दोहरे मापदंड' का कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए और बताया जाए कि चुनिंदा पाबंदियों को कौन मंजूरी देता है।
मुफ्ती का यह बयान उस व्यापक राजनीतिक बहस की ओर इशारा करता है जो जम्मू-कश्मीर में विपक्षी दलों के लिए प्रदर्शन की स्वतंत्रता को लेकर समय-समय पर उठती रही है।
वहीद-उर-रहमान पारा का 'फिक्स्ड मैच' वाला बयान
PDP नेता वहीद-उर-रहमान पारा ने भी एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, 'आज नेशनल कॉन्फ्रेंस और BJP का विरोध-प्रदर्शन एक तमाशा जैसा लग रहा है। जम्मू-कश्मीर में प्रशासन के फेल होने और बेरोजगारी बढ़ने के बीच, ऐसा लगता है कि वे उन लोगों के साथ 'फिक्स्ड मैच' खेल रहे हैं, जिन्होंने उन्हें वोट दिया था। लोग सिर्फ तमाशबीन नहीं हैं, उन्हें सब याद रहता है।' पारा का यह बयान NC-BJP दोनों दलों पर एक साथ निशाना साधता है।
NC और BJP के प्रदर्शन का पूरा घटनाक्रम
जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस बुधवार को राज्य का दर्जा बहाल करने, संवैधानिक सुरक्षाओं की बहाली और अन्य स्थानीय मुद्दों की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी। NC का विरोध-प्रदर्शन श्रीनगर स्थित BJP मुख्यालय के बाहर आयोजित किया गया, जिसके चलते पुलिस ने जवाहर नगर में पार्टी दफ्तर की ओर जाने वाली कई सड़कें बंद कर दीं।
दूसरी ओर, BJP ने NC सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए लाल चौक से सिविल सचिवालय तक विरोध मार्च निकालने की योजना बनाई। लाल चौक और बटमालू इलाके में सिविल सचिवालय की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई।
सुरक्षा प्रबंध और प्रशासनिक स्थिति
दोनों प्रदर्शनों को देखते हुए श्रीनगर पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती और यातायात प्रतिबंधों ने शहर के सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया। गौरतलब है कि यह वह समय है जब जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग लगातार तेज हो रही है और विधानसभा में विपक्षी दलों का दबाव भी बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा
PDP के इन आरोपों के बाद अब यह देखना होगा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन इस पर कोई स्पष्टीकरण देता है या नहीं। महबूबा मुफ्ती के सवाल — कि अलग-अलग दलों के लिए कानून अलग-अलग क्यों लागू होता है — राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं और आने वाले दिनों में विधानसभा या सार्वजनिक मंच पर इन्हें और धार मिल सकती है।