11 अगस्त 2026
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बागमती नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर, डुब्बाघाट-पिपराही में भारी कटाव; बिहार प्रशासन हाई अलर्ट पर

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बागमती नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर, डुब्बाघाट-पिपराही में भारी कटाव; बिहार प्रशासन हाई अलर्ट पर

सारांश

बागमती नदी इस मानसून के सर्वोच्च जलस्तर पर — डुब्बाघाट में 61.33 मीटर, खतरे की सीमा से 5 सेंटीमीटर ऊपर। पिपराही पुल के पिलर के पास कटाव, एनडीआरएफ कैंप में पानी। जिला प्रशासन युद्धस्तर पर काम में जुटा है।

मुख्य बातें

बागमती नदी 10 अगस्त 2026 को डुब्बाघाट में 61.33 मीटर पर — खतरे के निशान 61.28 मीटर से 5 सेंटीमीटर ऊपर, इस मानसून का सर्वाधिक जलस्तर।
डुब्बाघाट , पिपराही घाट , अडौरी घाट और मोटनाजे में भारी कटाव; खेती की ज़मीन और खड़ी फसलें बर्बाद।
पिपराही बागमती पुल के पिलर नंबर 1 के पास कटाव जारी; आसपास की बस्तियों पर खतरा।
डुब्बाघाट एनडीआरएफ कैंप में बाढ़ का पानी घुसा।
जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी के निर्देश पर प्रशासन और बागमती डिवीजन हाई अलर्ट पर; कटाव रोकने के लिए पत्थर और रेत की बोरियाँ लगाई जा रही हैं।
बेलवा डैम से बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल में तेज बहाव से आसपास के इलाकों में अतिरिक्त चिंता।

उत्तरी बिहार में बागमती नदी का जलस्तर 10 अगस्त 2026 को खतरे के निशान को पार कर गया है। डुब्बाघाट गेज स्टेशन पर नदी 61.33 मीटर पर बह रही है, जो निर्धारित खतरे के स्तर 61.28 मीटर से 5 सेंटीमीटर अधिक है। अधिकारियों के अनुसार, इस मानसून सीजन में यह अब तक का सर्वाधिक जलस्तर है और बहाव की गति लगातार बढ़ रही है।

मुख्य घटनाक्रम

नेपाल और उत्तरी बिहार के जलग्रहण क्षेत्रों में अविरल वर्षा के कारण बागमती का जलस्तर तेजी से उठा है। पानी तटबंधों के भीतर फैलते हुए निचले इलाकों की ओर बढ़ रहा है। डुब्बाघाट स्थित एनडीआरएफ कैंप में भी बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे राहत अभियानों के समन्वय पर असर पड़ने की आशंका है।

डुब्बाघाट, पिपराही घाट, अडौरी घाट और मोटनाजे सहित कई स्थानों पर भारी कटाव की सूचना मिली है। कृषि भूमि के टुकड़े धीरे-धीरे नदी में समाते जा रहे हैं और खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं।

बुनियादी ढाँचे पर खतरा

पिपराही में बागमती पुल के पिलर नंबर 1 के निकट लगातार कटाव जारी है और प्रभावित क्षेत्र का दायरा बढ़ता जा रहा है। नदी के दोनों किनारों पर कटाव की सूचनाएँ मिल रही हैं, जिससे आसपास की बस्तियों और बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है। इसके अतिरिक्त, बेलवा डैम से बागमती का पानी बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल के जरिये तेजी से बह रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में अतिरिक्त दबाव बन रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी के निर्देश पर जिला प्रशासन और बागमती डिवीजन की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कमजोर स्थानों पर बड़े पत्थर और रेत की बोरियाँ लगाकर कटाव रोकने का काम युद्धस्तर पर जारी है। जिला मजिस्ट्रेट ने पुष्टि की है कि पिपराही और डुब्बा पुल दोनों स्थानों पर मरम्मत कार्य निरंतर चल रहा है।

बागमती डिवीजन की टीमें चौबीसों घंटे नदी की निगरानी कर रही हैं और जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

आम जनता पर असर

तटबंधों के निकट बसे गाँवों में रहने वाले लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। बाढ़ का पानी खेती की ज़मीन को निगल रहा है, जिससे किसानों की आजीविका सीधे प्रभावित हो रही है। यह ऐसे समय में आया है जब खरीफ की फसल खेतों में खड़ी है और किसान भारी नुकसान की आशंका से जूझ रहे हैं।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि बागमती नदी हर मानसून में उत्तरी बिहार के लिए गंभीर चुनौती बनती है और इस वर्ष नेपाल में अत्यधिक वर्षा ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका और बढ़ जाएगी। प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तटबंध सुदृढ़ीकरण और वास्तविक समय की चेतावनी प्रणाली में निवेश पर सवाल पूछे जाने चाहिए। युद्धस्तर पर काम का दावा हर बार होता है — स्थायी समाधान की माँग अभी भी अनुत्तरित है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बागमती नदी का वर्तमान जलस्तर कितना है और खतरे का निशान क्या है?
10 अगस्त 2026 को डुब्बाघाट गेज स्टेशन पर बागमती नदी 61.33 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निर्धारित स्तर 61.28 मीटर है — यानी नदी खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर है। अधिकारियों के अनुसार यह इस मानसून सीजन का अब तक का सबसे अधिक जलस्तर है।
बिहार में बागमती नदी के कटाव से कौन-से इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं?
डुब्बाघाट, पिपराही घाट, अडौरी घाट और मोटनाजे में भारी कटाव की सूचना मिली है। पिपराही में बागमती पुल के पिलर नंबर 1 के पास भी लगातार कटाव हो रहा है, जिससे पुल और आसपास की बस्तियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
बिहार प्रशासन ने बागमती बाढ़ से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी के निर्देश पर जिला प्रशासन और बागमती डिवीजन की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कमज़ोर स्थानों पर बड़े पत्थर और रेत की बोरियाँ लगाकर कटाव रोकने का काम युद्धस्तर पर जारी है और टीमें चौबीसों घंटे नदी की निगरानी कर रही हैं।
बागमती नदी में बाढ़ का कारण क्या है?
नेपाल और उत्तरी बिहार के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार भारी वर्षा के कारण बागमती का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा, बेलवा डैम से बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल में तेज बहाव भी आसपास के इलाकों में दबाव बढ़ा रहा है।
क्या बागमती नदी की बाढ़ से किसानों को नुकसान हो रहा है?
हाँ, बाढ़ का पानी कृषि भूमि को डुबो रहा है और खड़ी फसलें नष्ट हो रही हैं। कटाव के कारण खेती की ज़मीन के टुकड़े नदी में समाते जा रहे हैं, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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