4 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार में गंगा खतरे के निशान से 219 सेमी ऊपर, कटाव से 100 एकड़ जमीन नदी में समाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार में गंगा खतरे के निशान से 219 सेमी ऊपर, कटाव से 100 एकड़ जमीन नदी में समाई

सारांश

बिहार में गंगा श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 219 सेमी ऊपर है और पश्चिम चंपारण में कटाव ने 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि निगल ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थलीय निरीक्षण किया; अगले 48 घंटे निर्णायक बताए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

पटना के श्रीपालपुर में गंगा खतरे के निशान से 219 सेंटीमीटर ऊपर — राज्य में सर्वाधिक स्तर।
पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के कटाव से 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि फसल सहित नदी में समाई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 सितंबर को गंगा का स्थलीय निरीक्षण किया; अधिकारियों को आपातकालीन तैयारी के निर्देश दिए।
कैमूर में कर्मनाशा नदी के उफान से बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क प्रभावित।
सोन बराज से 4.45 लाख घनसेक , कोसी बराज से 2.24 लाख घनसेक और गंडक बराज से 1.68 लाख घनसेक पानी का प्रवाह दर्ज।
मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर तक जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की संभावना; अगले 24-48 घंटे निर्णायक।

बिहार में गंगा समेत घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कोसी और सोन नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि ने राज्य के दर्जनों जिलों में संकट गहरा दिया है। 3 सितंबर को केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार पटना के गांधीघाट में गंगा खतरे के निशान से 158 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी और शुक्रवार सुबह तक इसमें 19 सेंटीमीटर की और बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। पश्चिम चंपारण में कटाव इतना तीव्र है कि 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि फसल सहित नदी में समा चुकी है।

मुख्य जलस्तर की स्थिति

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह पटना के श्रीपालपुर में गंगा खतरे के निशान से 219 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई — जो राज्य में सर्वाधिक है। दीघाघाट में गंगा 113 सेंटीमीटर और हाथीदह में 116 सेंटीमीटर ऊपर थी।

सोन नदी भी उफान पर है। पटना के मनेर में सोन का जलस्तर खतरे के निशान से 135 सेंटीमीटर ऊपर रहा, जबकि भोजपुर के कोइलवर में यह खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर नीचे था और अगले 24 घंटे में कमी का अनुमान है। गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक 70 सेंटीमीटर, खगड़िया में बूढ़ी गंडक 61 सेंटीमीटर, बलतारा में कोसी 120 सेंटीमीटर, कटिहार के कुरसेला में कोसी 62 सेंटीमीटर, सिवान के दरौली में घाघरा 21 सेंटीमीटर और भागलपुर के कहलगांव में गंगा 74 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।

कटाव और बाढ़ का प्रभाव

पश्चिम चंपारण में नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार बारिश से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा है। योगापट्टी के सिसवा मंगलपुर, चौमुखा और जरलपुर में तेज कटाव के कारण 100 एकड़ से अधिक जमीन फसल समेत नदी में समा चुकी है। खगड़िया में गंगा, गंडक और बागमती के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

कैमूर में कर्मनाशा नदी के उफान से बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क प्रभावित हुआ है। रोहतास में सोन नदी के बढ़े जलस्तर और भारी बारिश से कई घरों में पानी घुस गया है। भागलपुर में तटबंध टूटने और कटाव की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके मद्देनजर विभागीय टीम को अलर्ट रखा गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 'जन-धन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राधमिकता है और बाढ़ की स्थिति में आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।'

उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सिंचाई भवन स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से राज्यव्यापी बाढ़ स्थिति की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पुनपुन और दरधा नदियों के बढ़ते जलस्तर, तटबंधों में टूट और कटाव-प्रभावित स्थानों की जानकारी ली गई।

ज़मीनी तैयारियां

पटना के जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने संवेदनशील तटबंधों की 24 घंटे निगरानी का निर्देश दिया है। ईसी बैग, नाइलन क्रेट, ट्रैक्टर और जेनरेटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया है। शरणस्थलों में पेयजल, शौचालय, प्रकाश, भोजन, दवाएं और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि पटना टाउन प्रोटेक्शन दीवार उच्चतम बाढ़ स्तर से 77 सेंटीमीटर ऊंची है और इसके ऊपर अतिरिक्त दो फीट लकड़ी की सुरक्षा व्यवस्था का प्रावधान भी है।

आगे क्या

जल संसाधन विभाग के अनुसार गुरुवार शाम चार बजे सोन बराज, इंद्रपुरी से करीब 4.45 लाख घनसेक, कोसी बराज, वीरपुर से 2.24 लाख घनसेक और गंडक बराज, वाल्मीकिनगर से 1.68 लाख घनसेक पानी दर्ज किया गया। सोन बराज का प्रवाह घटने की स्थिति में था, जबकि कोसी में बढ़ोतरी और गंडक में प्रवाह स्थिर बताया गया।

मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर तक नेपाल के महानंदा क्षेत्र तथा बिहार के महानंदा, सोन और उत्तर कोयल के जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की से सामान्य बारिश की संभावना है। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे तक नदियों के जलस्तर पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की विशेष नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

निरीक्षण होते हैं, निर्देश जारी होते हैं और फिर अगले साल फिर वही चक्र। इस बार श्रीपालपुर में गंगा का 219 सेंटीमीटर ऊपर बहना और पश्चिम चंपारण में 100 एकड़ से अधिक जमीन का नदी में समा जाना यह संकेत देता है कि तटबंध-केंद्रित नीति की सीमाएं स्पष्ट हैं। असली सवाल यह है कि कटाव-रोधी स्थायी संरचनाओं और नदी-प्रबंधन योजनाओं पर कब गंभीरता से काम होगा — क्योंकि हर साल की 'तैयारी' किसानों की डूबती फसल और उजड़ती ज़मीन का विकल्प नहीं बन सकती।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में गंगा का जलस्तर अभी कहां तक पहुंचा है?
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार 3 सितंबर को पटना के श्रीपालपुर में गंगा खतरे के निशान से 219 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई, जो राज्य में सर्वाधिक है। गांधीघाट में जलस्तर 158 सेंटीमीटर और दीघाघाट में 113 सेंटीमीटर ऊपर था।
पश्चिम चंपारण में कटाव से कितना नुकसान हुआ है?
पश्चिम चंपारण के योगापट्टी क्षेत्र में सिसवा मंगलपुर, चौमुखा और जरलपुर में गंडक नदी के तेज कटाव से 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि फसल सहित नदी में समा चुकी है। नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार बारिश से यह स्थिति और बिगड़ी है।
बिहार सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 सितंबर को गंगा का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आपातकालीन तैयारी के निर्देश दिए। पटना के जिलाधिकारी कुन्दन कुमार ने तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, शरणस्थलों में भोजन-दवा-पेयजल और गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था के आदेश दिए हैं।
अगले 24-48 घंटे में बिहार में बाढ़ की स्थिति कैसी रह सकती है?
मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर तक नेपाल के महानंदा क्षेत्र और बिहार के महानंदा, सोन व उत्तर कोयल के जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की से सामान्य बारिश की संभावना है। पटना के गांधीघाट में गंगा के जलस्तर में शुक्रवार सुबह तक 19 सेंटीमीटर की और वृद्धि का अनुमान है।
किन जिलों में बाढ़ और कटाव की स्थिति सबसे गंभीर है?
पश्चिम चंपारण, भोजपुर, खगड़िया, भागलपुर, रोहतास, कैमूर, गोपालगंज, सिवान और कटिहार में स्थिति सबसे गंभीर है। भागलपुर में तटबंध टूटने की घटना सामने आई है, जबकि कैमूर में कर्मनाशा नदी के उफान से बिहार-उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क प्रभावित हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 घंटे पहले
  2. 9 घंटे पहले
  3. 13 घंटे पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले