3 सितंबर 2026
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बिहार बाढ़ 2026: गंगा-कोसी खतरे के निशान के पार, पटना के दानापुर-मनेर समेत कई जिले प्रभावित

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बिहार बाढ़ 2026: गंगा-कोसी खतरे के निशान के पार, पटना के दानापुर-मनेर समेत कई जिले प्रभावित

सारांश

नेपाल की भारी बारिश का असर बिहार पर — गंगा, कोसी, पुनपुन और दरधा नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर। पटना के दानापुर-मनेर समेत कई गाँव जलमग्न होने की कगार पर। सरकार ने अस्थायी शिविर और राशन वितरण के निर्देश दिए; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद निगरानी में।

मुख्य बातें

गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और सोन नदियों का जलस्तर 3 सितंबर 2026 को खतरनाक स्तर पर पहुँचा।
नेपाल में भारी बारिश के कारण सीमापार नदियों का दबाव बिहार पर बढ़ा।
पटना के दानापुर और मनेर इलाके बाढ़ से प्रभावित; पुनपुन व दरधा नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर।
लखना पूर्वी, लखना पश्चिमी, लखना उत्तरी, चंदासी और फतेहपुर गाँवों में जल्द पानी पहुँचने की आशंका।
सरकार ने बाढ़ प्रभावितों के लिए अस्थायी शिविर और राशन वितरण की व्यवस्था के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

बिहार में 3 सितंबर 2026 को बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, जब गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और सोन नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच गया। नेपाल में भारी बारिश और भीषण बाढ़ के कारण सीमापार से आने वाली नदियों का दबाव बिहार पर और बढ़ गया है, जिससे राज्य के कई जिलों में निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने कहा है कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटी हुई है।

मंत्री रामकृपाल यादव का बयान

बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने स्थिति की गंभीरता स्वीकार करते हुए कहा, 'पानी लगातार बढ़ रहा है। कई जिले प्रभावित हैं। पटना जिला भी प्रभावित है। कई निचली इलाकों में पानी आया है और आवासीय व्यवस्था चरमराई है। राज्य सरकार लगातार इस पर नजर रख रही है।' उन्होंने बताया कि दानापुर और मनेर इलाके भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं और वे स्वयं दानापुर का दौरा करने जा रहे हैं।

मंत्री यादव ने तत्काल राहत उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी शिविर स्थापित किए जाएंगे तथा राशन और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

पुनपुन और दरधा नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता श्याम रजक ने बताया कि पटना में पुनपुन और दरधा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है और कई गाँवों में पानी घुस चुका है। उन्होंने कहा, 'अब उस तटबंध की सुरक्षा का काम अभियंताओं के द्वारा चल रहा है। मैं भी वहाँ आज निरीक्षण करने के लिए जा रहा हूँ।'

रजक ने आगाह किया कि लखना पूर्वी, लखना पश्चिमी, लखना उत्तरी, चंदासी और फतेहपुर गाँवों में जल्द ही पानी पहुँच सकता है। उन्होंने स्थिति को 'बहुत खतरनाक' बताया और कहा कि सरकार लगातार बचाव प्रयासों में लगी हुई है।

आम जनता पर असर

बाढ़ के कारण पटना सहित राज्य के कई जिलों में निचले इलाकों की आवासीय व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। नदियों के बढ़ते जलस्तर से हजारों लोगों के घरों में पानी घुसने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून की भारी बारिश जारी है, जो सीमापार नदियों के जरिए बिहार में दबाव बढ़ा रही है।

क्या होगा आगे

प्रशासन के स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार तटबंधों की सुरक्षा के लिए अभियंताओं को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि बिहार हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की मार झेलता है और इस बार नेपाल से बढ़ा हुआ दबाव स्थिति को और जटिल बना रहा है। राज्य सरकार की ओर से अस्थायी शिविरों और राहत सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में ठोस प्रगति नहीं दिखती। नेपाल से आने वाली नदियों के प्रबंधन के लिए द्विपक्षीय समन्वय की बात बार-बार उठती है, लेकिन जमीन पर नतीजे सीमित रहे हैं। अस्थायी शिविर और राशन वितरण तात्कालिक राहत तो देते हैं, पर दीर्घकालिक तटबंध सुदृढ़ीकरण और नदी प्रबंधन की नीतियों पर सवाल खड़े होते हैं। जब तक बाढ़ प्रबंधन को केवल 'राहत और बचाव' तक सीमित रखा जाएगा और 'रोकथाम और पुनर्निर्माण' की ओर नहीं बढ़ा जाएगा, तब तक यह खबर हर साल दोहराई जाती रहेगी।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति क्या है?
3 सितंबर 2026 को बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और सोन नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। पटना के दानापुर और मनेर समेत कई जिलों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है।
नेपाल की बाढ़ का बिहार पर क्या असर पड़ रहा है?
नेपाल में भारी बारिश और भीषण बाढ़ के कारण वहाँ से आने वाली नदियों का दबाव बिहार पर बढ़ गया है। इससे सीमावर्ती और मैदानी जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ रहा है।
बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या राहत दे रही है?
सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी शिविर स्थापित करने और राशन व खाद्य सामग्री वितरित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री रामकृपाल यादव के अनुसार प्रशासन हर स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
पटना में कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा खतरे में हैं?
पटना में पुनपुन और दरधा नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जदयू नेता श्याम रजक के अनुसार लखना पूर्वी, लखना पश्चिमी, लखना उत्तरी, चंदासी और फतेहपुर गाँवों में जल्द ही पानी पहुँचने की आशंका है।
बाढ़ की निगरानी कौन कर रहा है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं बाढ़ की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए अभियंताओं को तैनात किया गया है और मंत्री व जनप्रतिनिधि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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